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पीएचईडी के चौहटन खंड में ग्रामीणों को खारे पानी को फिल्टर करके मीठे पानी की सप्लाई के लिए बनाए 236 में से 217 आरओ का 21 करोड़ 70 लाख का भुगतान अधिकारियों ने संबंधित फर्म को कर दिया, लेकिन अधिकांश शुरू भी नहीं हो पाए। इन आरओ प्लांट से न तो ग्रामीणों क
प्रत्येक आरओ प्लांट 2 टन वजन के आईएसओ 668 फीट लंबे कंटेनर से बनना था, लेकिन घटिया क्वालिटी के टीनशेड के ढांचे खड़े किए। नतीजा यह रहा कि जैसार व गोरों का तला आरओ के ढांचे आंधी से उड़ गए। एक भी आरओ में एटीएम मशीन नहीं लगाई है। किसी भी प्लांट पर बैक्टीरिया को नष्ट करने के लिए अल्ट्रावायलेट सिस्टम (यूवी ट्यूब) को नहीं लगाया है। भास्कर पड़ताल में किसी आरओ में हाई प्रेशर पंप नहीं मिला तो कईयों में पीएच सुधार के लिए सिस्टम ही नहीं था। जिन स्थानों में आरओ स्वीकृत हुए इनमें से कईयों के तो स्थान ही मनमर्जी से बदल दिए गए।
कई आरओ निजी स्थानों व ढाणियों में लगा दिए हैं। संबंधित फर्म को आरओ स्थापित करने के साथ 7 साल तक रखरखाव करना था, लेकिन अधिकांश पर एक भी कार्मिक नहीं है। कुछेक स्थानों पर कार्मिक हैं, लेकिन उनको अब तक मानदेय नहीं मिला है। कुछ स्थानों पर पीएचईडी के सोर्स से डेढ़ किमी दूरी पर आरओ प्लांट लगा दिए गए। जहां आरओ लगे हैं वहां आबादी ही नहीं है। फर्म को पूरा भुगतान कर दिया है। इन सब कार्यों पर 120 करोड़ 61 लाख 50 हजार में से 36 करोड़ 96 लाख 74 हजार रुपए आरओ व ट्यूबवैल पर खर्च किए गए हैं।
भास्कर पड़ताल: आरओ प्लांट शुरू ही नहीं, कंपनी की कार्यावधि भी बढ़ाते गए
425 में 233 आरओ लगे, 19 का भुगतान शेष: 11 फरवरी 2023 को वाटरमेट टेक्नोलॉजी को 72 करोड़ 18 लाख 36 हजार 400 रुपए के वर्क ऑर्डर जारी किए। संबंधित फर्म को एक साल में काम पूरा करना था, लेकिन कार्यावधि लगातार मिलीभगत के चलते बढ़ती गई।
अब तक 236 आरओ लगे, इनमें से 19 का भुगतान शेष है। पीएचईडी के साउथ खंड के चौहटन व गुड़ामालानी क्षेत्र में लोगों को टीडीएस मुक्त खारे पानी से निजात दिलाने के लिए आरओ प्लांट लगाने थे। पीएचईडी की ओर से आरओ व रखरखाव, ट्यूबवैल खुदवाने के लिए अलग से टेंडर निकाले। पीएचईडी ने 36 करोड़ 96 लाख 74 हजार आरओ व ट्यूबवैल पर खर्च किए।
कहीं टीनशेड गायब तो कहीं पानी के सोर्स से ही नहीं जोड़े
चौहटन आगोर, आगोर स्कूल, विरानी सतानी मेघवालों की ढाणी के आरओ से पानी ले जाने वाला कोई नहीं है। दो से तीन ढाणियों पर आरओ लगे हैं। सात आरओ ऐसे मिले जिनमें डेढ़ से दो किमी दूर पानी का सोर्स है। अरटी में बबूल की झाड़ियों से अटा मिला। बामणोर में मस्जिद में आरओ लगाया।
सकारिया तला, खेमपुरा, अलवारिया का तला, चाचरों की बस्ती, बामणोर अमीरशाह, जोधोनियों की बस्ती, मीठाबेरा, अंबेडकर नगर, मौलवी का तला, मते का तला, नवातला, हुरों का तला नवातला जेतमाल, सियागों का तला बिजराड़ में लगे आरओ में एटीएम मशीन, यूवी ट्यूब, पीएच सुधार सिस्टम ही नहीं लगाया। बजरंगपुरा, धारासर, आईदान की ढाणी धारासर, जैसार, बांकलसर में आरओ के स्थान ही बदल दिए।
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