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कार्मिक विभाग की लापरवाही के कारण उदयपुर संभाग मुख्यालय में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम सिटी) का पद पिछले 18 दिन से खाली है। ऐसा 10 साल में पहली बार हो रहा है। दरअसल, राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) अधिकारी वार सिंह 31 जुलाई 2025 को 60 वर्ष की आय
एडीएम सिटी के पास पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सतर्कता संबंधी मामलों का समाधान करने, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 187 व 126 के तहत शहर के 7 थानों से जुड़े प्रकरणों का निस्तारण करने, न्याय शाखा और सामान्य शाखा से जुड़े मामलों का निपटारा करने, साथ ही मुख्य सचिव, प्रभारी मंत्री व प्रभारी सचिव की बैठकों का संचालन करने जैसी जिम्मेदारियां होती हैं।
एडीएम प्रशासन को चार्ज, कलेक्टर खुद भी कर रहे मॉनिटरिंग
एडीएम सिटी का अतिरिक्त प्रभार एडीएम प्रशासन दीपेंद्र सिंह को दिया गया है। हालांकि उनके पास पहले से ही पूरे जिले की कानून-व्यवस्था, रेवेन्यू कोर्ट और मिलावट से जुड़े मामलों की सुनवाई जैसे कई बड़े प्रशासनिक काम हैं। ऐसे में जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं। इन सब कामों के बीच एडीएम सिटी पद से जुड़ी जिम्मेदारियों को भी निभाना बड़ी चुनौती है। इस बीच, कलेक्टर नमित मेहता खुद एडीएम सिटी से संबंधित कामों की मॉनिटरिंग कर रही हैं ताकि किसी संवेदनशील मामले में देरी न हो।
कार्मिक विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अगली तबादला सूची जारी होने पर उदयपुर में नए एडीएम सिटी की तैनाती कर दी जाएगी। शहर के भूपालपुरा, सुखेर, बड़गांव, हाथीपोल, घंटाघर, अंबामाता और सूरजपोल थानों में बीएनएसएस की धारा 187 व 126 के तहत दर्ज होने वाले मामले सीधे एडीएम सिटी के पास भेजे जाते हैं।
धारा 187- जब किसी आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस 24 घंटे में जांच पूरी नहीं कर पाती है, तो पुलिस को आरोपी को एडीएम सिटी के समक्ष पेश करना होता है। एडीएम सिटी अपराध की गंभीरता के आधार पर यह तय करते हैं कि आरोपी को पुलिस रिमांड में रखा जाए या न्यायिक हिरासत में। सीधे शब्दों में कहा जाए तो आरोपियों को पाबंद करने का अधिकार एडीएम सिटी के पास होता है।
एडीएम सिटी पर ये जिम्मे भी
- आर्म्स लाइसेंस जारी करना
- विदेशी नागरिकों (पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश आदि) के प्रमाण-पत्र जारी करना
- विशेष विवाह अधिनियम के तहत विवाह पंजीकरण
- पुराने विवाहों का पंजीकरण
- पटाखा दुकानों के लाइसेंस
- स्वतंत्रता सेनानियों के रिकॉर्ड अपडेट करना
- स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारी
- मुख्य सचिव, प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव की समीक्षा बैठकों का आयोजन
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