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सरणू गांव की सरहद में 17 सितंबर की रात को सेल्समैन खेताराम, हरलाल उर्फ हरखाराम व विरेंद्र पर धारदार हथियार से हमला करने और खेताराम के हाथ पैर काटकर हत्या करने के मुख्य आरोपी एनएसजी कमांडो और उसके साथी को गुजरात के हिम्मतनगर इलाके से गिरफ्तार किया। पि
कार्रवाई में गुजरात की डीसा पुलिस की सहायता से दोनों आरोपियों को बाड़मेर बॉर्डर तक पहुंचाया गया। आरोपियों को छुड़ाने का प्रयास नहीं होने और किसी प्रकार की अवांछनीय घटना घटित नहीं होने से बचने के लिए पुलिस अधीक्षक नरेंद्रसिंह मीना पुलिस जाब्ते के साथ बाड़मेर सरहद तक पहुंचे। यहां से दोनों आरोपियों को बाड़मेर लाया गया। बाड़मेर पहुंचने पर दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया।
खेताराम हत्याकांड के मुख्य आरोपी एनएसजी कमांडो चंपालाल से पुलिस ने पूछताछ करने पर बताया कि वह मांगाराम उर्फ मांगीलाल की स्कॉर्पियो में ओमप्रकाश के साथ में शराब पी रहा था। तभी इन लोगों में आपसी बोलचाल हो गई। इसके चलते सरणू गांव के बिजलीघर के पास चंपालाल, ओमप्रकाश, मांगाराम ने खेताराम, हरखाराम उर्फ हरलाल और वीरेंद्र की बोलेरो कैंपर गाड़ी को रुकवाकर धारदार हथियार से हमला कर दिया। चंपालाल ने धारदार हथियार से हमला कर खेताराम के हाथ पैर काट दिए। जिससे उसकी मौत हो गई।
भास्कर इनसाइट – सीसीटीवी से मिले सुराग, हिम्मतनगर के खेतों से छुपे हुए थे आरोपी
हत्या के बाद बालोतरा पहुंचे,दिल्ली जाना था लेकिन बस निकलने के बाद गुजरात गए
खेताराम की हत्या के बाद एनएसजी कमांडो चंपालाल और साथी ओमप्रकाश मौके से फरार हो गए। दोनों आरोपी बाड़मेर से गाड़ी लेकर बालोतरा में ट्रेवल्स एजेंसी के ऑफिस में दिल्ली की बस के लिए पहुंचे,लेकिन बस निकलने के कारण जोधपुर के लिए रवाना हुए। बीच रास्ते में जोधपुर पुलिस मिलने पर रास्ता बदला और जोधपुर के रास्ते पाली पहुंचे।
पुलिस ने बालोतरा, लूणी, जोधपुर व पाली के रेलवे स्टेशन पर लगे कैमरों की जांच की। पाली रेलवे स्टेशन पर चंपालाल पालनपुर की टिकट लेता नजर आया। फुटेज के आधार पर रूट मैप तैयार कर पुलिस पालनपुर पहुंची और बस स्टैंड में लगे सीसीटीवी कैमरे चैक किए तो चंपालाल और ओमप्रकाश डीसा जाने वाली बस में जाते दिखाई दिए।
पुलिस ने डीसा पुलिस को साथ लेकर पूछताछ की तो दोनों आरोपियों के हिम्मतनगर की तरफ जाने की जानकारी मिली। हिम्मतनगर में पुलिस ने होटलों और ढाबों के साथ-साथ अन्य लोगों से जानकारी ली। यहां से दोनों के कपड़वंज थुंचाल की तरफ जाने की जानकारी मिली। पुलिस थुंचाल के खेतों में बने फॉर्म हाउस पर पुलिस ने उनकी तलाश की तो दोनों आरोपी वहां से भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर दोनों को गिरफ्तार किया।
खेतों में दो किमी. तक पीछा कर किया गिरफ्तार
हत्या के बाद एनएसजी कमांडो चंपालाल ने साथी ओमप्रकाश के साथ दिल्ली जाने का प्लान बनाया। लेकिन दिल्ली की बस छूट गई। ऐसे में दूसरे साथी ओमप्रकाश जो कि शराब तस्कर है उसने अपने तस्करी के लिंक जोड़ते हुए पहले पाली, पाली से पालनपुर, पालनपुर से डीसा, डीसा से हिम्मतनगर और हिम्मतनगर के ही गांव थुंचाल के खेतों में पहचान वाले के फार्म हाउस में शरण पाई।
यहां जब पुलिस पहुंची तब पुलिस को चंपालाल के पास हथियार होने का अंदेशा था। पुलिस को देखते ही दोनों आरोपी मौके से भागने लगे। एनएसजी कमांडो के पास हथियार का अंदेशा होने के बावजूद पुलिसकर्मी सवाईसिंह और आरोपी आपस में भिड़ गए। इस पर पुलिसकर्मी ने एनएसजी कमांडो को पकड़ा। पुलिसकर्मियों ने अन्य आरोपी ओमप्रकाश को भी गिरफ्तार किया।
कमांडो की सेवा से बर्खास्तगी की भेजी रिपोर्ट
खेताराम हत्याकांड का मुख्य आरोपी चंपालाल बीएसएफ में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। उसने कमांडो का प्रशिक्षण लिया और एनएसजी में प्रतिनियुक्ति पर भेजा। हत्या की घटना के बाद पुलिस ने उसकी सेवा से बर्खास्तगी के लिए सीमा सुरक्षा बल में रिपोर्ट भेजी है। इसके साथ ही सहयोगी ओमप्रकाश के खिलाफ पूर्व में भी दो मामले दर्ज हैं। एक आबकारी अधिनियम और दूसरा दुष्कर्म का मामला दर्ज है।
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