बाड़मेर पुलिस ने महाबार में हुई फायरिंग की घटना का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। साथ ही तीन आरोपियों को नामजद किया है। जिले की डीएसटी और पुलिस थाना सदर की टीम ने संयुक्त कार्रवाई की है। फिलहाल पुलिस फॉरच्यूनर व अवैध हथियार की बरामदगी क
एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया- चौहटन दूधवा निवासी शंभूसिंह पुत्र चनणसिह ने सदर थाने में रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया 24-25 जुलाई की रात 1:20 बजे बोलेरो गाडी में अपने साथियों के साथ राणीगांव से महाबार की तरफ आ रहे थे। गांव महाबार से अडगडानंद आश्रम के पास सड़क के बीच में एक फॉरच्यूनर कार खड़ी थी। जिसमें 4-5 व्यक्ति बैठे थे। हार्न बजाकर साइड मांग, मगर साइड नहीं दी। गाडी को आगे चलाते हुए महाबार मरुधरा बैक के पास अपनी गाडी रोकी, साथियों के साथ बोलेरो से नीचे उतरा कार के पास गया तो ड्राइवर के पास बैठे व्यक्ति ने फाटक खोलकर पिस्तौल निकाली। हम सभी वहां से भागकर एक ढाणी में छुप गए। उसने जान से मारने की नियम से चलती गाडी में हमारी कैपर गाडी पर तथा हमारी तरफ फायर किए। पुलिस ने रिपोर्ट 25 जुलाई को बीएसएन और आर्म्स एक्ट की धाराओं में सदर थाने में मामला दर्ज किया।

फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
ड्यूटी अधिकारी ने कंट्रोल रूम में नहीं सूचना
एसपी ने बताया- सदर थाने के ड्यूटी अधिकारी एएसआई तगाराम सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे। इन्होने कंट्रोल रूम को सूचना नहीं दी। उन्होंने इस तरह की घटना होने से इनकार किया और घटना को हल्के में लिया। सुबह जब मुझे इसकी जानकारी मिली तो डीएसटी टीम को भेजा गया। तब उन्होंने बताया कि फायरिंग की घटना हुई है। एएसआई के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई करेंगे।
दोनों पक्ष हार्डकोर अपराधी है
एसपी ने बताया कि परिवादी और आरोपी दोनों हार्डकोर अपराधी प्रवृति के है। परिवादी रानीगांव से पार्टी करके जा रहे थे। वहीं फॉर्च्यूनर में सवार भी रास्ते में पार्टी कर रहे थे। दोनों को शक था कि कई पुलिस टीम तो नहीं है। इसमें एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। हमें वहां से गोलियां के दो खोल बरामद किए है। डीएसपी के नेतृत्व में सदर थानाधिकारी मय अलग-अलग टीमें बनाई गई। जिले भर में नाकाबंदी करवाई।

बोलेरो कैंपर पर किए थे 2-3 राउंड फायर, दो खाली खोल मिले।
एसपी की निगरानी में बनाई टीमें
वारदात को गंभीरता से लेते हुए वाहन की जानकारी के लिए एसपी की निगरानी में सदर थानाधिकारी सुमरेसिंह, एसआई ओमप्रकाश मय टीम, डीएसटी व डीसीआरबी की स्पेशल टीमें बनाकर आरोपियों को ट्रेस आउट कर डिटेन करने के निर्देश दिए गए।
एसपी ने बताया- टीमों ने परिवादी व वाहन में सवार अन्य व्यक्तियों से घटना की संपूर्ण जानकारी के आधार पर घटनास्थल के आसपास रहने वाले लोगों, आरोपियों के भागने के रूट का पता कर हाईवे पर स्थित होटलों के सीसीटीवी फुटेज व सूचना के आधार पर संदिग्ध फॉरच्यूनर कार व व्यक्तियों के संबंध में जानकारी जुटाई गई।
एक आरोपी को किया गिरफ्तार, तीन को किया नामजद
टीमों ने छानबिन व तकनीकी व सूचनान के आधार पर संदिग्ध बदमाशों की जानकारी जुटाई। संदिग्ध ओमप्रकाश पुत्र शेराराम निवासी डुगेरों का तला, पुलिस थाना सदर को डिटेन किया गया। पूछताछ करने पर महाबार रात की फायरिंग में शामिल होना स्वीकार किया। इससे पूछताछ करने में मुख्य आरोपी स्वरूप उर्फ स्वरूपाराम पुत्र दौलाराम निवासी बानो की बेरी, दुधू धोरीमन्ना, नरपत कुमार पुत्र पन्नाराम निवासी सुरते की बेरी, व एक अन्य बदमाश भी शामिल होना बताया है। फॉर्च्यूनर स्वरूप उर्फ स्वरूपाराम का होना तथा पिस्तौल से फायर भी स्वरूप की ओर से करना बताया है। जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें तलाश कर रही है।

पुलिस ने जब्त किए गोली के दो खोल।
मुख्य आरोपी के खिलाफ 10 मामला है दर्ज
पुलिस थाना धोरीमन्ना का हार्डकोर व हिस्ट्रीशीटर है। इसके खिलाफ 10 मामले दर्ज हो रखे है। आरोपी जोधपुर के डागीयावास में एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट में कोर्ट से अंतरिम जमानत पर 7 जुलाई 2023 से फरार चल रहा है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसपी 25 हजार रुपए इनाम घोषित किया हुआ है। वहीं नरपत कुमार बदमाश व मादक पदार्थ तस्कर है। इसके खिलाफ 7 मामले एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज है।
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