केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पाकिस्तान की धमकी के सवाल पर कहा- उनकी जुबानी वार से देश घबराने वाला नहीं है, भारत की सीमाएं सुरक्षित हैं और सेनाएं सशक्त हैं। इस तरह की गीदड़ धमकियों से भारत कभी झुका है न ही कमजोर महसूस किया है।
सिरप से हुई बच्चों की मौत के सवाल पर इस जांच होकर कठोर कार्रवाई की जाए जिससे दोबारा पुनरावृत्ति नहीं हो।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत रविवार को बाड़मेर आए थे। यहां पर रानीगांव में पहुंचे। वहां पर क्षत्रिय युवक संघ के वरिष्ठ स्वंयसेवक कमल सिंह के बेटे की शोक सभा में शामिल हुए।
22 मिनट में 22 अप्रैल का बदला लिया
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री मुनीर के बयान पर कहा- ऑपरेशन सिंदूर में 22 मिनट में 22 अप्रैल का बदला लिया गया। पाकिस्तान की ओर से प्रतिकार करने के बावजूद भी जिस तरीके का जवाब दिया गया। उनके सारे एयर इन्फ्रास्ट्रक्चर और एयर सिस्टम को जब को लैप्स (खत्म) कर दिया गया था।
घुटनों पर आकर जिन लोगों ने गुहार लगाकर युद्ध विराम किया था। उनके जुबानी वार से देश घबराने वाला नहीं है। सेना आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है। भारत का नेतृत्व सशक्त हाथों में है। एटमी पावर की धमकी देने वाला गुब्बारा भी फुस हो गया है। फुस हुए गुब्बारे बोलते रहेंगे मुझे लगता है दुनिया में अब कोई भी इसको गंभीरता से नहीं लेने वाला है।

बोले- गहलोत के कार्यकाल में 27 प्रसूताओं की मौत हुई थी
गहलोत के सिरप से हो रही बच्चों के मौत के बयान पर शेखावत ने कहा- गहलोत के शासनकाल में उनके गृह जिले जोधपुर में एक हॉस्पिटल में 27 प्रसूताओं की मौत हुई थी। उनको यह याद रखना चाहिए। यह राजनीति का विषय नहीं होना चाहिए। पूरी दुनिया में ड्रग्स ह्यूमन के लिए बनाई जा रहे हैं। उनके लिए सशक्त प्रोटोकॉल बने। उससे पहले हर बैच की जांच की व्यवस्था बनी हुई है।
सिरप मामले में कार्रवाई आवश्यक
शेखावत ने कहा- इस विषय की ठीक से जांच हो, हम सब मिलकर सुनिश्चित करेंगे। देश और प्रदेश की सरकार के औषधि विभाग, ड्रग्स डिवीजन इस पर कार्रवाई करेंगे। जांच में निश्चित तौर पर जो दोषी हो, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई हो, भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। इसको भी सुनिश्चित करने का काम करें। मुझे लगता है इसको राजनीति का रंग देना, न ही उचित है और न ही लोकतंत्र के हित में है।

बासनपीर मामले पर कहा- यह राजनीतिक स्वार्थ
बासनपीर घटनाक्रम के सवाल पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा- हर घटना का साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश करना और किसी घटना और दुर्घटना को अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए एक आंदोलन के रूप में खड़ा करना मैं परिपक्व लोकतंत्र में मैं इसको अच्छा नहीं मानता हूं। यह मेरी व्यक्तिगत राय है। भारत में सशक्त न्याय प्रणाली है। उस पर विश्वास रखते हुए आने वाले समय में लोकतंत्र को समृद्ध करने के लिए काम करना चाहिए। भारत के लोकतंत्र में कहीं भी किसी भी तरह से रिलीजस फेस के आधार पर कोई भेदभाव करने की कोई गुजांइश नहीं है।
मुझे लगता है कि भारत को यदि विश्व के नेतृत्वकर्ता के राष्ट्र के रूप में स्थापित होना है हम सबको इसके लिए काम करना पड़ेगा। लेकिन ताली दोनों हाथों से बजती है।

शेखावत रविवार को बाड़मेर पहुंचते थे। यहां पर कमल सिंह रानीगांव के बेटे के देहांत पर परिजनों को ढाढ़स बंधाया।
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