हनुमानगढ़ के सनसिटी एनक्लेव में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का समापन हवन के साथ हुआ।
हनुमानगढ़ के सनसिटी एनक्लेव में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का समापन हवन के साथ हुआ। कथा वाचक रविकांत जी महाराज और मंच संचालक देवेंद्र महाराज ने मंत्रोच्चार के साथ हवन कराया। कॉलोनीवासियों ने श्रद्धापूर्वक आहुतियां दीं।

कथा के दौरान भजनों पर श्रद्धालु झूमते हुए नजर आए।
रविकांत महाराज ने बताया कि हवन परमात्मा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। यह वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने इसे श्रीराम की मर्यादा और श्रीकृष्ण की बंसी की तान से जोड़ा।
कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र का वर्णन किया गया। श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनाया गया। सुदामा जब द्वारका पहुंचे तो द्वारपालों ने उन्हें रोका। श्रीकृष्ण को जैसे ही मित्र के आने की खबर मिली, वे नंगे पांव दौड़कर आए। उन्होंने सुदामा को गले लगाया।
कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा गया। आयोजकों ने सभी सहयोगियों का सम्मान किया। कथावाचक रविकांत महाराज, देवेंद्र महाराज, भजन गायक पदम और पूजा संयोजक गौरव समेत कई लोगों को सम्मानित किया गया।
आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं और सेवाभावी लोगों का आभार जताया। कथा से पूरे क्षेत्र में भक्ति और सामाजिक सौहार्द का संदेश फैला।
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