जेकेके इन दिनों कर्मचारियों की पदोन्नति और क्रमोन्नति को लेकर विवादों में घिरा हुआ है। इसी बीच 15 सितंबर को संस्कृति मंत्रालय की ओर से जारी एक पत्र ने नई चर्चा शुरू कर दी है। मंत्रालय के इस पत्र में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘विकसित भारत के रंग, कला
उदयपुर, जयपुर, चित्तौड़गढ़ और बीकानेर में होने वाले इस आयोजन के लिए राजस्थान ललित कला अकादमी के सचिव रजनीश हर्ष को नोडल अधिकारी, जेकेके के अब्दुल लतीफ उस्ता को सहायक नोडल अधिकारी और सुशीला चौधरी को असिस्टेंट प्रोग्रामर नियुक्त किया गया है। मुद्दा यह है कि पत्र में अब्दुल लतीफ का पद ‘क्यूरेटर’ लिखा गया है, जबकि दो साल पहले उन्हें सुपरिंटेंडेंट कम सहायक निदेशक के पद पर पदोन्नत किया गया था। इससे मंत्रालय का पत्र और जेकेके की पदोन्नति प्रक्रिया चर्चा का विषय बन गई।
जेकेके में आज प्रदर्शन
इस पदोन्नति और क्रमोन्नति का कलाकारों का एक समूह बुधवार दोपहर 3:30 से 4:30 बजे तक जेकेके के मुख्य द्वार पर सांकेतिक और कलात्मक प्रदर्शन करेगा।
सेवा पर्व-2025 के तहत होगा आयोजन
संस्कृति मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक पूरे देश में ‘सेवा पर्व-2025’ के अंतर्गत ‘विकसित भारत के रंग, कला के संग’ कार्यक्रम होगा। इसमें अकादमियों के स्तर पर एक दिवसीय चित्रकला कार्यशाला आयोजित होगी, जिसका विषय ‘विकसित भारत’ रहेगा।
पदोन्नति-क्रमोन्नति को लेकर लिखित जवाब भेज दिया है
नियमों को दरकिनार कर दी गई थी पदोन्नति
कलाकारों की ओर से लगाई गई आरटीआई से सामने आया कि जेकेके ने 18 सितंबर 2023 को वित्त विभाग के आदेश का हवाला देते हुए कर्मचारियों को पदोन्नति और क्रमोन्नति दे दी, जबकि केंद्र की कोई स्वतंत्र नियमावली नहीं है। इसी के चलते अब्दुल लतीफ उस्ता, भरत सिंह, अनिल कुमार चौधरी, अर्जुनलाल मीणा और भैरूराम जांगिड़ को पदोन्नति का लाभ मिल रहा है। दैनिक भास्कर ने 11 नवंबर के अंक में ‘जेकेके अधिकारी की कलाकारी देखिए, पद नहीं था फिर भी प्रमोशन किए, ‘वित्त’ को सूचना तक नहीं’ शीर्षक से इसका खुलासा किया था। तब से मामला गर्माया हुआ है।
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