उपचार के दौरान महिला उदयपुर में डॉक्टरों की टीम के साथ
चित्तौड़गढ़ जिले की महिला को मोतियाबिंद की सफल सर्जरी के 6 महीने बाद भयानक और अजीब दृश्य देखने लगी थी। ऐसा एहसास होने लगा जैसे सांप, शेर और विशालकाय इंसान चारों ओर घूम रहे हो। महिला के परिवार वाले उसे उदयपुर के उमरड़ा स्थित पेसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ मेड
महिला की एमआरआई स्कैन, मेमोरी, और न्यूरोलॉजिकल जांच रिपोर्ट भी सामान्य आई थी। उन्हें पहले एंटी साइकोटिक दवाएं दी गईं लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ।
पैसिफिक हॉस्पिटल के डायरेक्टर आशीष अग्रवाल ने बताया- महिला को पीम्स के मनोचिकित्सा विभाग में प्रोफेसर डॉ. प्रवीन खैरकर के पास रेफर किया गया था। नेत्र रोग विशेषज्ञों से समन्वय के बाद निष्कर्ष निकला कि उन्हें ‘चार्ल्स बोनट सिंड्रोम’ है। ये एक दुर्लभ स्थिति है, जिसमें दृष्टि हानि के कारण मस्तिष्क खुद ही छवियों का निर्माण करने लगता है।
डॉ.खैरकर ने बताया- दृष्टि संबंधी भ्रम वाले मरीजों के लिए TMS की ओर से उत्पन्न फॉस्फीन मैपिंग का उपयोग कर डॉक्टर पहचान सकते हैं कि मस्तिष्क का कौन सा भाग सबसे ज्यादा संवेदनशील है। इन्हीं क्षेत्रों पर TMS थैरेपी दी जाती है। यह तकनीक चार्ल्स बोनट सिंड्रोम जैसे मामलों में विशेष रूप से उपयोगी है, जहां पारंपरिक दवाएं प्रभावी नहीं होती।


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