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16 वीं राजस्थान विधानसभा का चौथा सत्र 1 सितंबर से शुरू होगा। चौथा सत्र शुरू होने वाला है लेकिन 24 मार्च को समाप्त हुए तीसरे सत्र में पूछे गए 2400 सवालों के जवाब आज तक विधानसभा को प्राप्त नहीं हुए हैं। इसको स्पीकर वासुदेव देवनानी ने गंभीर माना है। प्र
स्पीकर ने अंतिम अवसर के रूप में बकाया सारे सवालों के जवाब 27 अगस्त तक मांगे हैं। उनका कहना है कि लंबित सवालों के जवाब आगामी सत्र से पहले हर हाल में प्राप्त हो जाने चाहिए। देवनानी ने सभी विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिवों को निर्देश दिए हैं कि सोलहवीं राजस्थान विधान सभा के तृतीय सत्र में विधायकों द्वारा पूछे गए सभी प्रश्नों के जवाब विधान सभा को तत्काल भेजें।
9700 सवाल पूछे पिछले सत्र में सोलहवीं विधानसभा के तृतीय सत्र में विधायकों द्वारा 9700 सवाल पूछे गए थे। स्पीकर का दावा है कि पूछे गए प्रश्नों में से लगभग 75 प्रतिशत के जवाब राज्य सरकार से राजस्थान विधान सभा को प्राप्त हो गए हैं। 9700 में से 7300 प्रश्नों के जवाब मिले हैं। लम्बित 2400 प्रश्नों के जवाब विभिन्न विभागों से आना शेष हैं।
प्रश्नों के जबाव में पारदर्शिता जरूरी देवनानी ने कहा कि सोलहवीं विधानसभा का चतुर्थ अधिवेशन, जो 1 सितंबर से प्रारंभ होगा, इससे पहले सभी लंबित प्रश्नों के उत्तर विधान सभा को भेजे जाने के लिए विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए विधान सभा द्वारा पूछे गए प्रश्नों के जवाब आना आवश्यक है। आमजन के मुद्दों का समाधान के लिए और विधायकों को अपने क्षेत्र की समस्याओं की निजात के लिए समय पर जानकारी मिलना जरूरी है।
ये तीन बिल सबसे पहले पारित होंगे मानसून सत्र में पिछले सत्र के प्रवर समिति को रेफर किए 3 बिल राजस्थान कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन)बिल 2025, भू राजस्व (संशोधन एवं विधिमान्यकरण) विधेयक 2025 और राजस्थान भू जल (संरक्षण एवं प्रबंध) प्राधिकरण विधेयक 2024 को फिर से रखा जाएगा।
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