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मालाखेड़ा के बरखेड़ा गांव में गंदी पानी से ले जाते अर्थी का वीडियो कलेक्टर ने देखा। यह 7 दिन पहले के हालत हैं।

अलवर के मालाखेड़ा के बरखेड़ा गांव में कीचड़ के अंदर से अर्थी ले जाते हुए का वीडियो गुरुवार को अलवर कलेक्टर ने जिला स्तरीय जनसुनवाई के समय देखा। तब पता चला कि इस रास्ते की सफाई में 2 लाख रुपए खर्च कर दिए और हालत पहले से बदतर हैं। इस पर कलेक्टर ने तुरंत त

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अलवर जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में लक्षमणगढ़ के जूनाखेड़ा गांव से 80 साल के दंपत्ति पहुंचे। कलेक्टर से बोले बेटे व बहू ने पीट-पीट कर हमारे ही बनाए हुए मकान से बहार निकाल दिया। बुजुर्ग ने कहा कि जिस बेटे को पाला पढ़ाया और शादी की उसी बहू के कहने पर हमें पीटा और घर से निकाल दिया। चार महीने से दर-दर की ठोकर खा रहे हैं। लेकिन बेटे को कोई फिक्र नहीं है, बुजुर्ग लाला खान ने कहा कि मेरी बेटी शादीशुदा है। जो ससुराल में है। चार महीने पहले मेरी पत्नी संतो से बहू ने मारपीट की। सरकार की पेंशन से पेट भर रहे हैं।

अलवर के लक्ष्मणगढ़ के जूनाखेड़ा गांव का यह बुजुर्ग दंपती जनसुनवाई में पहुंचा। वहां कलेक्टर को परिवेदना दी कि उसके बेटे ने मारपीट कर घर से निकाल दिया।

अलवर के लक्ष्मणगढ़ के जूनाखेड़ा गांव का यह बुजुर्ग दंपती जनसुनवाई में पहुंचा। वहां कलेक्टर को परिवेदना दी कि उसके बेटे ने मारपीट कर घर से निकाल दिया।

वही मालाखेड़ा के बरखेड़ा से आए मोहन सिंह चौधरी ने कलेक्टर को गंदे पानी में से अन्तिम संस्कार के लिए ले जा रहे अर्थी का विडियो दिखाया और कहा कि गांव के आम रास्ते कि हालत इतनी खराब है कि हमें अर्थी को भी कीचड़ से लेकर निकलना पड़ता है गांव कि मुख्य सड़क से लेकर श्मशान घाट तक गंदा पानी हर समय भरा रहता है। इससे पहले भी 3 बार जन सुनवाई में शिकायत दे चुके है।

अलवर के ईटाराणा व सामोला के आसपास की महिलाओं ने शिकायत दी कि घरों के आगे रोड पर गंदा पानी भरता है और सफाई भी नहीं होती है। नालियां भी नहीं बनी हैं।

अलवर के ईटाराणा व सामोला के आसपास की महिलाओं ने शिकायत दी कि घरों के आगे रोड पर गंदा पानी भरता है और सफाई भी नहीं होती है। नालियां भी नहीं बनी हैं।

9 बार आ चुका छात्र, यूआईटी ने 2 बार प्लॉट बेचा

कलेक्टर की जनसुनवाई में छात्रवृति नहीं मिलने की शिकायत लेकर 9 बार छात्र परिवेदना देकर जा चुका है। मालाखेड़ा के राजेश कुमार बैरवा ने कहा कि 8 बार पहले आ चुका हूं। हर बार परिवेदना देने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को आदेश दिए कि समाधान किया जाएगा। एक महिला ने आरआर कॉलेज के गेट के पास स्थित मंदिर से उसे बाहर करने की शिकायत दी। वहीं शालीमार योजना में एक सेना के जवान को यूआईटी की ओर से आवंटित प्लॉट दूसरे व्यक्ति को बेच दिया। यह जानकर कलेक्टर चौक गई। इसके अलावा ईटाराणा व सामोला के पास महिलाएं पहुंची। इनकी शिकायत थी कि सड़क पर गंदा पानी भरा रहता है और सफाई भी नहीं होती है।

मिनी सचिवालय में अलवर कलेक्टर डॉ अर्तिका शुक्ला जनसुनवाई करते हुए।

मिनी सचिवालय में अलवर कलेक्टर डॉ अर्तिका शुक्ला जनसुनवाई करते हुए।



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