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फाइनेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर की ओर से जंक्शन पुलिस थाने में एक व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
हनुमानगढ़ में धोखाधड़ी पूर्वक बैंक से लोन की राशि निकलवाकर फरार होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में फाइनेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर की ओर से जंक्शन पुलिस थाने में एक व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पुलिस के अनुसार दशरथ सिंह (26) पुत्र रामूसिंह निवासी बिशनगढ़ पीएस शाहपुरा जिला जयपुर ने लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई कि मन्नापुरम फाइनेंस लिमिटेड की शाखा जंक्शन की बाबा श्याम सिंह कॉलोनी में स्थित है। वह इस शाखा का मैनेजर है। मन्नापुरम फाइनेंस लिमिटेड गोल्ड के बदले ऋण सुविधा प्रदान करती है। 18 अगस्त को सुरेश कुमार पुत्र जयनारायण जाट निवासी वार्ड पांच, चक 30 एसएसडब्ल्यू, फतेहगढ़ ने ब्रांच में आकर उससे सम्पर्क कर आईआईएफएल एनबीएफसी शाखा टाउन में चल रहे गोल्ड लोन को टेकओवर करवाने संबंधी प्रस्ताव रखा। इस पर उसने आवश्यक दस्तावेज कार्रवाई पूरी कर सुरेश कुमार का लोन टेकओवर करने के संबंध में उसी दिन 6 लाख 60 हजार रुपए की राशि स्वीकृत कर कस्टमर के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते में जमा करवा दी।
मन्नापुरम फाइनेंस लिमिटेड के नियमानुसार लोन टेकओवर करने के लिए उनकी कंपनी के असिस्टेंट ब्रांच मैनेजर रवि बिश्नोई और स्टाफ अजय सोनी के साथ सुरेश कुमार आईआईएफएल शाखा टाउन गए। सुरेश कुमार के लोन को क्लोज करवाने के लिए आईआईएफएल शाखा टाउन के ब्रांच मैनेजर गगन से लोन को क्लोज करने की बातचीत की तो उन्होंने कहा कि उनका पैसा हमारे लोन में जमा नहीं हुआ है। इसलिए आज हम इस लोन को क्लोज नहीं कर सकते। वे कल सुबह आकर लोन क्लोज करवाकर टेकओवर करवा लेना। अगले दिन सुरेश कुमार ने उनसे पहले ही आईआईएफएल एनबीएफसी शाखा टाउन पहुंचकर ब्रांच मैनेजर से मिलकर लोन में पेमेंट टॉपअप कर अपने खाते में प्राप्त कर ली और बैंक से पैसे निकालकर फरार हो गया। सुरेश कुमार ने सोने के आभूषण/रुपए मन्नापुरम फाइनेंस लिमिटेड शाखा में आकर जमा नहीं करवाए। उसने और अन्य स्टाफ की ओर से बार-बार सम्पर्क किया गया।
सुरेश कुमार कभी आधा घंटा तो कभी एक घंटा करता रहा, लेकिन अब न तो सुरेश कुमार का मोबाइल नम्बर मिल रहा है और न ही सुरेश कुमार की कोई खबर है कि वह कहां है। अजय सोनी, रवि बिश्नोई, रमेश कुमार और भरत ने सुरेश कुमार के घर जाकर पता किया तो सुरेश कुमार अपने मूल निवास पर भी नहीं मिला। फोन के जरिए सम्पर्क किया तो सुरेश कुमार ने कहा कि न तो वह कोई धनराशि जमा करवाएगा और न ही सोने के गहने जमा करवाएगा। पुलिस ने ब्रांच मैनेजर की रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा के तहत मामला दर्ज कर जांच एएसआई कृष्णलाल को सौंप दी है।
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