☜ Click Here to Star Rating



झालावाड़ जिले में हाल ही में एक सरकारी स्कूल की जर्जर बिल्डिंग गिरने की घटना सामने आई है। इस हादसे ने पूरे प्रदेश में सरकारी स्कूल भवनों की हालत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित प्रशासन ने अब इस दिशा में गंभीर कदम उठाने शुरू

.

चित्तौड़गढ़ जिले में जिला कलक्टर आलोक रंजन के निर्देश पर उपखंड अधिकारी बीनू देवल ने चित्तौड़गढ़ उपखंड के कई गांवों के सरकारी स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों और अन्य राजकीय भवनों का भौतिक निरीक्षण किया। इस दौरान चित्तौड़ी, भाटियों का खेड़ा, गिलुण्ड, खरड़ी बावड़ी सहित अन्य स्थानों पर निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण में पाया गया कि कई स्कूल और आंगनबाड़ी केन्द्र बहुत ही जर्जर स्थिति में हैं। इनकी छतें और दीवारें कमजोर हो चुकी हैं, जिससे बच्चों और स्टाफ की जान को खतरा बना हुआ है। इस वजह से अधिकारियों ने कई जरूरी निर्देश जारी किए हैं।

खरड़ी बावड़ी की आंगनबाड़ी बंद

खरड़ी बावड़ी गांव की आंगनबाड़ी केन्द्र की छत और फर्श बहुत खराब हालत में पाए गए। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए भवन को तुरंत बंद कर दिया गया और बच्चों की उपस्थिति पर रोक लगा दी गई। साथ ही, भवन के ऊपर रखी निजी जल टंकी को हटाने और आसपास उगी झाड़ियों की सफाई के निर्देश ग्राम विकास अधिकारी को दिए गए हैं।

भाटियों का खेड़ा आंगनबाड़ी भी बंद

भाटियों का खेड़ा में स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र की हालत भी बहुत खराब मिली। वहां की छत, दीवारें और फर्श जर्जर हो चुके थे। अधिकारियों ने तत्काल भवन को बंद करने और परिसर में फैले मलबे को जेसीबी मशीन से साफ करवाने के निर्देश दिए।

गिलुण्ड विद्यालय में कई समस्याएं

गिलुण्ड के बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में भी कई खामियां मिलीं। मिड डे मील (मध्याह्न भोजन) भवन में दरारें पाई गईं। स्कूल के पुराने और नए भवनों के जोड़ (जॉइंट) से पानी रिस रहा था। स्कूल के रास्ते की हालत भी खराब थी। यहां डीएमएफटी फंड से बन रहे अधूरे कमरों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, स्कूल की टूटी दीवार के कारण मवेशियों की आवाजाही हो रही थी, जिसे रोकने के लिए नई दीवार बनाने के आदेश दिए गए हैं।

जर्जर कक्ष बंद करने और वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश

जहां भी स्कूलों में कमरे क्षतिग्रस्त पाए गए, वहां उन्हें बांस और रस्सी से बंद किया गया। संस्था प्रधानों को आदेश दिया गया है कि बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पढ़ाया जाए और वैकल्पिक कक्षाओं की व्यवस्था की जाए।

भदेसर ब्लॉक में सख्त आदेश

भदेसर ब्लॉक में भी ऐसे सभी भवनों की पहचान कर ली गई है जो बच्चों के लिए असुरक्षित हैं। इन भवनों में बच्चों को न बैठाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

पूरे जिले में व्यापक निरीक्षण

प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों में स्थित सरकारी भवनों का निरीक्षण ब्लॉक स्तर के अधिकारी करें। साथ ही, सभी सहायक अभियंताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी जर्जर भवनों का तखमीना (अंदाजित लागत रिपोर्ट) बनाकर जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि इन भवनों की मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए उचित कदम उठाए जा सकें।

सरकार और प्रशासन अब स्कूलों की हालत को लेकर गंभीर नजर आ रहे हैं। समय पर सही कदम उठाए गए तो भविष्य में होने वाले हादसों से बचा जा सकेगा और बच्चों को एक सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई करने का मौका मिलेगा।



Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!

Sign In

Register

Reset Password

Please enter your username or email address, you will receive a link to create a new password via email.

Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading