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विश्व पशु कल्याण दिवस के मौके पर भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड के मानद जिला पशु कल्याण प्रतिनिधि रविंद्र कुमार जैन ने फलोदी के सरस्वती उच्च माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों को पशु कल्याण के विषय में जानकारी दी। उन्होंने बताया- जिस प्रकार मनुष्यों क
इन अधिकारों को ‘ब्रैमबेल की पांच स्वतंत्रताएं’ भी कहा जाता है, जो पशु कल्याण सुनिश्चित करने के लिए मूलभूत दिशा-निर्देश हैं। ये स्वतंत्रता ये सुनिश्चित करती हैं कि पशुओं का जीवन पीड़ा-मुक्त और स्वस्थ हो।
पशुओं के 5 अधिकार
पहली स्वतंत्रता ‘भूख और प्यास से मुक्ति’ है, जिसका अर्थ है पशुओं के लिए स्वच्छ पानी और सही आहार की उपलब्धता सुनिश्चित करना, ताकि वो स्वस्थ रह सकें। दूसरी स्वतंत्रता ‘असुविधा से मुक्ति’ है, जिसके तहत पशुओं को एक उपयुक्त वातावरण प्रदान करना शामिल है जिसमें आरामदायक आश्रय और बैठने की जगह हो।
तीसरी स्वतंत्रता ‘दर्द, चोट और बीमारी से मुक्ति’ है, जिसमें पशुओं को बीमारी या चोट लगने पर उचित उपचार उपलब्ध कराना और उन्हें दर्द से बचाना शामिल है। चौथी स्वतंत्रता ‘भय और संकट से मुक्ति’ है, जिसका उद्देश्य जानवरों को ऐसी स्थिति से बचाना है जहां उन्हें मानसिक पीड़ा या भय महसूस हो, जैसे कि उन्हें शांत और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना।
पांचवीं और अंतिम स्वतंत्रता ‘सामान्य व्यवहार करने की स्वतंत्रता’ है। इसका अर्थ है पशुओं को अपनी प्रजातियों के अन्य जानवरों के साथ रहने और सामान्य व्यवहार करने का अवसर देना, साथ ही उन्हें अपने अंगों को फैलाने और हिलने-डुलने की पर्याप्त जगह देना।
जानकारी देने के बाद विद्यार्थियों के लिए एक प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई। इसमें सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। विद्यालय संचालक अशोक पालीवाल ने रविंद्र कुमार जैन का धन्यवाद ज्ञापित किया।
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