उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. सुनीता मिश्रा एक बयान को लेकर विवादों में घिर गई हैं। सुनीता ने कहा कि हिस्टोरिकल पर्सपेक्टिव से हम कई राजा-महाराजाओं के बारे में सुनते हैं, जिनमें महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चौहान और अकबर शाम
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) उदयपुर के महानगर मंत्री पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ ने इस बयान का विरोध करते हुए कहा कि यह ठीक नहीं है। विद्यार्थी परिषद इस प्रकार के बयानों की कड़ी निंदा करती है।
प्रो. सुनीता मिश्रा ने शुक्रवार को यह बयान विश्वविद्यालय के बप्पा रावल सभागार में “भारतीय ज्ञान प्रणाली: विकसित भारत 2047 के लिए रोडमैप” विषयक सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए की। इस सेमिनार का आयोजन गुरु नानक कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय और एसोसिएशन ऑफ़ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था।

सुखाड़िया विश्वविद्यालय के बप्पा रावल सभागार में आयोजित सेमिनार में कुलगुरु और अन्य अतिथि।
जीवंत परंपराएं हमें बेहतर ढंग से जीना सिखाती हैं कुलगुरु सुनीता मिश्रा ने कहा कि हमारी जीवंत परंपराएं हमें बेहतर ढंग से जीना सिखाती हैं। हमारा प्राचीन ज्ञान परंपरा ने हमें अमेरिका जैसी वैश्विक चुनौतियों का सामना करना सिखाया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज कोई भी देश भारत की प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं का मुकाबला नहीं कर सकता।
आत्मनिर्भर भारत और नई शिक्षा प्रणाली सुनीता मिश्रा ने आगे कहा कि आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा के कारण भारत का विश्व बाजार में गहरी पैठ है। हमारी नई शिक्षा प्रणाली ने युवाओं को एक नई दिशा दी है। हमारे युवाओं में कौशल विकास के कारण भारत ने तकनीकी व प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपना परचम लहराया है।
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