9वीं क्लास की स्टूडेंट ने हॉस्टल के रूम में टाई से फंदा बनाकर सुसाइड कर लिया। पिता का कहना है कि वह स्ट्रॉन्ग लड़की थी। ऐसा नहीं कर सकती। पिता का आरोप है- बच्ची ने बताया था कि हॉस्टल वार्डन उसे परेशान करती है। चोरी करने का आरोप भी लगाती है। मामला झुंझ
इधर, स्कूल प्रशासन ने कहा- बच्ची को यहां कोई समस्या नहीं थी। हादसे के दिन बच्ची ने वार्डन से 100 रुपए मांगे थे। इस पर वार्डन ने पहले उसके पेरेंट्स से बात करने को कहा था। इसके आधे घंटे बाद उसने सुसाइड कर लिया।
SHO चंद्रभान चौधरी ने बताया- रविवार दोपहर 3 बजे सूचना मिली थी कि पीरामल गर्ल्स स्कूल में एक छात्रा ने सुसाइड कर लिया है। जीविका शर्मा (14) पुत्री दुर्गेश निवासी गुरुग्राम (हरियाणा) ने हॉस्टल के रूम में फंदा लगाकर जान दे दी थी। पिता दुर्गेश ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ रिपोर्ट दी है। मामला दर्ज कर जांच जारी है।

अब समझिए दोनों पक्ष क्या कह रहे
वार्डन पर परेशान करने का आरोप पिता दुर्गेश कुमार ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया- मेरी बेटी जीविका 9वीं क्लास में पढ़ती थी। वह स्कूल के ही हॉस्टल में रहती थी। मेरी जीविका से आखिरी बार 29 अगस्त को गणेश विसर्जन के दिन बात हुई थी। वह स्कूल के ही कार्यक्रम में जा रही थी। बहुत अच्छे से बात हुई थी।
बातचीत के दौरान जीविका ने बताया था कि हॉस्टल की वार्डन पूनम उसे रोज परेशान करती थी। उस पर चोरी करने का आरोप भी लगा रही थी।
पिता ने बताया- जून की छुट्टियों में जब जीविका घर आई थी, तब उसने बताया था कि हॉस्टल की कुछ लड़कियां गलत रास्ते पर चल रही हैं। जीविका ने यह भी बताया था कि हॉस्टल वार्डन बाहर के लड़कों से हॉस्टल की लड़कियों का संपर्क करवाती है।

वह बहुत मजबूत लड़की थी पिता ने बताया- वह 3 साल से स्कूल में पढ़ रही थी। वह कोई डिप्रेशन में नहीं थी। यह मुझे सुसाइड नहीं लग रहा है। मैं इसकी निष्पक्ष जांच चाहता हूं। वह बहुत मजबूत लड़की थी। हम हॉस्टल पहुंचे तो वार्डन रो-रोकर बच्चों को इन्फ्लुएंस करने की कोशिश कर रही है।
प्रिंसिपल बोलीं- उसे यहां कोई समस्या नहीं थी स्कूल की प्रिंसिपल कविता अग्रवाल ने बताया- बच्ची यहां सातवीं क्लास से पढ़ रही थी। उसे यहां किसी भी चीज की दिक्कत नहीं थी। हमें उसे कहीं ले जाना हो या कुछ दिलाना हो तो उसके पेरेंट्स से बात करनी पड़ती थी।
ऐसे में कई बार वह कुछ चीज मांगती तो हमें उसके पेरेंट्स से पूछना पड़ता था। ऐसे में कई बार वे दिलाते थे और नहीं भी दिलाते थे। मुझे लगता है उसके परिवार से ही कुछ समस्या थी।

प्रिंसिपल का दावा- 100 रुपए मांगे थे प्रिंसिपल कविता अग्रवाल ने बताया- बच्ची ने 31 अगस्त की दोपहर को हॉस्टल वार्डन से 100 रुपए मांगे थे। वार्डन ने पहले उसके माता-पिता से बात करने को कहा, और उसके आधे घंटे बाद ही बच्ची ने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या की सूचना मिलते ही स्कूल प्रशासन ने तुरंत बच्ची को अस्पताल पहुंचाया और उसके परिवार को भी सूचित किया।
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