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बांसवाड़ा शहर में समाज की धर्मशाला में मूर्ति लगाने से रोकने पर एक व्यापारी को कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। व्यापारी ने दूसरे पक्ष की तुलना पाकिस्तान से की थी, जिसके बाद पीड़ित पक्ष सीजेएम कोर्ट चला गया।
मामले में कोर्ट ने राती तलाई निवासी सुनील दोसी को 6 अक्टूबर को कोर्ट में हाजिर होने का नोटिस जारी किया है।
मूर्ति स्थापना का कार्यक्रम था अधिवक्ता अजित सिंह चौहान ने बताया- राती तलाई निवासी धर्मेंद्र नानावटी पुत्र विपिन नानावटी उम्र 65 वर्ष ने कोर्ट एक इस्तगासा पेश किया। इसमें बताया था कि नवरात्रि के अवसर पर समाज की राती तलाई स्थित समाज की धर्मशाला में अंबे मां की मूर्ति स्थापना का कार्यक्रम तय था।
इसके लिए समाज की पत्रिका में आमंत्रण भी छप चुका था। इसमें पीड़ित और उनकी पत्नी को यजमान बनाया गया था। कार्यक्रम से एक दिन पहले शहर निवासी सुनील दोसी पुत्र भगवतीलाल दोसी ने समाज से जुड़े एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अभद्र टिप्पणी की। इसमें पीड़ित परिवार की तुलना पाकिस्तान से करने का आरोप है।
ग्रुप एडमिन ने इसे डिलीट कर दिया। इसके बाद आरोपी ने फिर से पोस्ट कर दी। इसके साथ ही लिखा कि पीड़ित के बेटे हिमांशु नानावटी ने घर पर आकर पत्थरबाजी जान से मारने की नीयत से की। साथ ही पूरे समाज को पीड़ित के खिलाफ भड़काने का भी आरोप है। ऐसे में पीड़ित परिवार सीजेएम कोर्ट चला गया।
सुनवाई के दौरान न्यायाधीश पूरण सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संज्ञान लिया। मामले में आरोपी बनाए गए व्यक्ति को 6 अक्टूबर सोमवार को कोर्ट में हाजिर होने के लिए नोटिस भेजा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
दोसी बोले- पहले से मंदिर था, उसे हटाकर नई प्रतिमा लगा रहे थे हालांकि मामले में नेमा समाज के पूर्व अध्यक्ष सुनील दोसी ने बताया कि भोजनशाला में पहले से मंदिर था, इसे हटाकर नई प्रतिमा लगाई जा रही थी। इसे लेकर मैंने समाज के अध्यक्ष से बात की थी। वहीं परिवार के पाकिस्तान से तुलना करने के सवाल पर सुनील दोसी ने बताया कि कहीं से मैसेज आया था, वह फॉरवर्ड हो गया था।
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