श्रीगंगानगर और पंजाब के मालवा क्षेत्र के लिए एक बड़ी रेल सौगात मिली है। राजपुरा-मोहाली नई रेल लाइन को हाल ही में मंजूरी मिली है, जिससे क्षेत्र के रेल यात्रियों की दशकों पुरानी मांग पूरी हुई है। केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री रवनीत स

राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव नई रेल लाइन को मंजूरी देते हुए।
18 किमी की रेल लाइन, 443 करोड़ की लागत
जेडआरयूसीसी के पूर्व सदस्य भीम शर्मा के ने बताया- यह 18 किलोमीटर लंबी रेल लाइन 443 करोड़ रुपए की लागत से बनेगी। यह लाइन श्रीगंगानगर सहित मालवा क्षेत्र के 13 जिलों को चंडीगढ़ से सीधे जोड़ेगी। इससे श्रीगंगानगर-चंडीगढ़ रेल यात्रा की दूरी 66 किलोमीटर कम होगी और समय की बचत होगी।
मालवा क्षेत्र को मिलेगा बड़ा लाभ यह रेल लाइन राजपुरा-अंबाला मार्ग पर यातायात को सुगम बनाएगी और अंबाला-मोरिंडा संपर्क को छोटा करेगी। रेल प्रशासन ने इस मार्ग को इसलिए चुना, क्योंकि इसमें कृषि भूमि अधिग्रहण सबसे कम होगा, जिससे खेती पर न्यूनतम असर पड़ेगा।
उद्योग और पर्यटन को मिलेगा बूस्ट
- यह लाइन कपड़ा, विनिर्माण और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देगी। कृषि उपज की तेज आवाजाही और राजपुरा थर्मल पावर प्लांट जैसे उद्योगों की परिवहन लागत में कमी आएगी।
- गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब, शेख अहमद अल-फारुकी की दरगाह, हवेली टोडर मल और संघोल संग्रहालय जैसे स्थानों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
- अभी लुधियाना से चंडीगढ़ जाने वाली ट्रेनों को अंबाला होकर जाना पड़ता है, जिससे समय और दूरी बढ़ती है। नई लाइन से यह समस्या खत्म होगी।
यह परियोजना न केवल रेल यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि पंजाब के कृषि क्षेत्र को प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों और बंदरगाहों से जोड़कर आर्थिक विकास को गति देगी। साथ ही यह रेल लाइन श्रीगंगानगर और मालवा क्षेत्र के लिए विकास का नया द्वार खोलेगी।
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