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निकुंभ चौराहे पर आज मंगलवार सुबह बरसात हुई।

चित्तौड़गढ़ जिले में मानसून फिर से सक्रिय तो हुआ है, लेकिन अब तक जितनी बारिश की उम्मीद थी, उतनी नहीं हो पाई है। रोज़ बादल छा जाते हैं, मगर बारिश नहीं होती। आसमान में काले बादल देखकर लोग उम्मीद करते हैं कि अब ज़रूर बारिश होगी, लेकिन बादल बिना बरसे ही

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पूरे जिले में अब तक सिर्फ 604.50 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो कि सामान्य बारिश के आंकड़े का केवल 80.60 प्रतिशत ही है। यानी जिले को अभी लगभग 20 प्रतिशत और बारिश की ज़रूरत है ताकि फसलें और जलस्तर दोनों सुरक्षित रह सकें।

चित्तौड़गढ़ शहर में भी कुछ दिनों पहले तक बरसात हुई लेकिन अब बारिश नहीं हो रही है।

चित्तौड़गढ़ शहर में भी कुछ दिनों पहले तक बरसात हुई लेकिन अब बारिश नहीं हो रही है।

रावतभाटा में सबसे ज्यादा तो डूंगला में सबसे कम बारिश दर्ज

अगर पूरे जिले की बात करें तो सबसे ज्यादा बारिश रावतभाटा क्षेत्र में दर्ज की गई है। यहां अब तक 921 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जो जिले के अन्य क्षेत्रों की तुलना में सबसे ज्यादा है। रावतभाटा के बाद बस्सी क्षेत्र में 879 मिलीमीटर और निंबाहेड़ा में 826 मिलीमीटर वर्षा हुई है। इन इलाकों में मानसून की अच्छी मेहरबानी देखने को मिली है। वहीं गंगरार में 780, बेगूं में 690, जिला मुख्यालय चित्तौड़गढ़ में अब तक 647 और भदेसर में 518 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।

इसके विपरीत, कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां हर साल की तरह इस बार भी बहुत कम बारिश हुई है। इनमें राशमी, भूपालसागर, बड़ीसादड़ी, कपासन और डूंगला प्रमुख हैं। राशमी में अब तक 442 मिलीमीटर, भूपालसागर में 417 मिलीमीटर, बड़ीसादड़ी में 401 मिलीमीटर, कपासन में 372 मिलीमीटर और डूंगला में केवल 361 मिलीमीटर वर्षा हुई है। डूंगला इस बार भी सबसे कम बारिश वाला क्षेत्र बना हुआ है।

औराई बांध के बाद सबसे ज्यादा बस्सी बांध पर रेनफॉल दर्ज किया गया है।

औराई बांध के बाद सबसे ज्यादा बस्सी बांध पर रेनफॉल दर्ज किया गया है।

बांधों की स्थिति, सबसे ज्यादा औराई बांध में हुआ रेनफॉल

बारिश की कमी का असर जिले के प्रमुख बांधों पर भी पड़ा है। कुछ बांधों में अच्छी बारिश के कारण पानी की आवक ठीक रही है, जबकि कई बांध अब भी भरने का इंतजार कर रहे हैं। औराई बांध में अब तक सबसे ज्यादा 938 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इसके बाद बस्सी बांध में 909 मिलीमीटर, गंभीरी बांध में 700 मिलीमीटर, कपासन बांध में 511 मिलीमीटर और बड़गांव बांध में 492 मिलीमीटर बारिश हुई है।

इसके अलावा संदेसर बांध में 469 मिलीमीटर, भूपालसागर बांध में 366 मिलीमीटर, मातृकुंडिया बांध में 320 मिलीमीटर और वागन बांध में 317 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इन आंकड़ों से साफ़ है कि जिन इलाकों में कम बारिश हुई, वहां के बांधों में भी पानी की आवक कम रही है।

मौसम विभाग का अलर्ट, 20 अगस्त तक के लिए जगाई उम्मीद

मौसम विभाग ने चित्तौड़गढ़ जिले के लिए लगातार येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने अनुमान जताया है कि 20 अगस्त तक जिले में भारी बारिश हो सकती है। अब 20 अगस्त तक सिर्फ दो दिन ही शेष हैं और अब तक जिले के किसी भी क्षेत्र में भारी बारिश नहीं देखी गई है। लोगों को हर दिन उम्मीद रहती है कि मौसम बदलेगा और तेज बारिश होगी, लेकिन बादल बिना बरसे ही गुजर जाते हैं। इस कारण लोगों में अब चिंता बढ़ने लगी है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां बारिश बहुत कम हुई है।

अगर अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो कुछ क्षेत्र जैसे डूंगला, कपासन, भूपालसागर के किसानों को नुकसान हो सकता है।

चित्तौड़गढ़ जिले में मानसून इस बार भी पूरी तरह से भरोसे पर खरा नहीं उतरा है। कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई है, तो कई जगहों पर अब भी लोग आसमान की तरफ देख रहे हैं। जिला अब तक तय कोटे की केवल 80.60 प्रतिशत बारिश ही हासिल कर पाया है। हालात यह हैं कि किसान, आमजन और प्रशासन सभी मानसून की मेहरबानी का इंतजार कर रहे हैं।



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