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शुक्रवार सुबह 8 बजे तब बांध में केवल 2 से 3 इंच खाली है। शाम तक ऊपरा चल सकती है।

अलवर में पिछले 24 घंटे में अच्छी बारिश हुई। जिसके कारण सिलीसेढ़ बांध में करीब दो से ढाई फीट पानी आ गया। अब बांध की ऊपरा चलने में केवल 2 से 3 इंच पानी की कसर है। हो सकता है शाम तक ऊपरा चल जाए। वहीं सिलीसेढ़ से आगे गरबाजी के झरने में बहुत तेजी से पानी आय

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अलवर जिले में पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक सिलीसेढ़ व गरबाजी के क्षेत्र में बारिश हुई है। इसके अलावा सरिस्का, मालाखेडा़, बालेटा सहित अन्य हिस्सों में जोरदार बारिश से बालेटा की नदी में तेजी से पानी आ गया। वहीं गरबाजी का झरना तो बहुत तेजी से आया। यहां के ग्रामीण रामवतार ने बताया कि इतनी तेजी से झरना कई सालों के बाद मे ंआया है। ग्रामीण ने बताया कि काफी संख्यां सांप हैं। कुछ सांप बहकर आए हैं। कुछ यहां पहले से हो सकते हैं। ये जहरीले सांप भी हो सकते हैं। आमजन को बहुत अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। थोड़ी सी लापरवाही में जान जा सकती है। अंधेरे में बिल्कुल झरने में जाने से बचें। किसी जगह सांप पर पैर रख दिया तो काट सकता है। यहां छोटे और बड़े सब तरह के सांप दिख रहे हैं।

ये है गरबाजी का झरना। जहां तेजी से पानी आया है। इस झरने के बहाव के साथ सांप भी आए।

ये है गरबाजी का झरना। जहां तेजी से पानी आया है। इस झरने के बहाव के साथ सांप भी आए।

बांध में बना दिया मछली बॉर्डर

सिलीसेढ़ बांध में 24 से 36 घंटे में करीब 2 से ढाई फीट पानी आ गया। अब बांध की ऊपरा चलने में केवल 2 से 3 इंच पानी की जरूरत है। गुरुवार को करीब 6 इंच पानी की जरूरत थी। रात को भी करीब दो इंच तक पानी बढ़ा है। संभावना है कि शुक्रवार शाम तक ही बांध की ऊपरा चल सकती है। ऊपरा देखने के लिए दिन भर लोगों का आना जाना लगा रहा। अब प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुलिस लगा दी है। जो बांध पर जाने वालों को रोकने लगी है। ताकि कोई घटना नहीं हो जाए।

ये झरने के बगल में पत्थरों के नीचे एक साथ दो-दो सांप नजर आए। कई जगहों पर सांप दिखे हैं।

ये झरने के बगल में पत्थरों के नीचे एक साथ दो-दो सांप नजर आए। कई जगहों पर सांप दिखे हैं।

यहां के ग्रामीण रामवतार ने बताया कि बांध में दो दिन में तेजी से पानी आया है। अब बांध की ऊपरा चलने वाली है। थोड़ा पानी है। बांध भरने से आसपास में भूजल ऊपर आ जाता है। जिससे किसानों की खेती आसान हो जाती है। आसपास के अन्य क्षेत्रों में भी पानी की उपलब्धता बढ़ जाती है।

ये है गरबाजी का स्थान। जहां झरने के अलावा पहाड़ का भी आकर्षण है। जो बहुत ऊंचाई पर खड़ा है। यहां पहुंचने पर सबसे पहले टूरिस्ट की नजर पहाड़ के आकर्षण पर टिकती है।

ये है गरबाजी का स्थान। जहां झरने के अलावा पहाड़ का भी आकर्षण है। जो बहुत ऊंचाई पर खड़ा है। यहां पहुंचने पर सबसे पहले टूरिस्ट की नजर पहाड़ के आकर्षण पर टिकती है।



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