जेल में भाइयों को राखी बांधने के लिए बड़ी संख्या में बहने पहुंची।
देश और प्रदेश में रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस मौके बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर अपनी रक्षा का वचन भी ले रही है। इस अवसर पर तिहाड़ के बाद देश की सबसे सुरक्षित माने जाने वाली जोधपुर सेंट्रल जेल में भी बहाने अपने भाइयों क

राखी के मौके सेंट्रल जेल के बाहर बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंची।
इस बार राखी के पर्व को लेकर सेंट्रल जेल के अधीक्षक प्रदीप लखावत के नेतृत्व में यहां पर खास इंतजाम किए गए थे। जेल प्रशासन की ओर से बहनों को परेशानी नहीं हो इसके लिए उनके लिए टेंट, बैठने के लिए कुर्सी, वाटर कैम्पर आदि की व्यवस्था की गई थी।

जेल में राखी बांधने के लिए बहने कतार में पहुंची।
जेल अधीक्षक प्रदीप लखावत ने बताया सेंट्रल जेल में राखी के मौके 1 हजार से 1200 के करीब बहने राखी बांधने के लिए पहुंचती है। इसको लेकर यहां पर सुरक्षा जांच और बारी के आधार पर उन्हें भाइयों से मिलवाया जा रहा है। राखी के मौके भीड़ को देखते हुए उचित व्यवस्थाएं की गई है।

भीड़ को देखते हुए जेल प्रशासन की ओर से खास सुरक्षा इंतजाम भी किए गए।
जेल में राखी बांधने के लिए आई बहनों ने भाई से रक्षा का वचन लिया। वहीं भाइयों ने भी बुराई को त्यागकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का आह्वाहन किया। इस दौरान राखी बांधने के लिए आई बहने भावुक भी हो गई और रोने लग गई। जेल के प्रहरियों ने उन्हें संभाला। कई छोटी बहने भी अपने भाई को राखी बांधने के लिए परिवार के साथ पहुंची। जेल में भाई और बहन के बीच राखी बांधने के इन दृश्यों को देखकर हर कोई भावुक हो गया।

समदड़ी से आई वृद्ध महिला अपने पोते का दुलार कर रोने लगी।
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