दौसा में SI की मौत मामले में मुआवजे को लेकर गतिरोध बना हुआ है और जिला अस्पताल में धरना प्रदर्शन जारी है।
दौसा रेलवे जंक्शन के पास सोमवार देर रात मालगाड़ी की चपेट में आने से सब इंस्पेक्टर राजेंद्र सैनी की मौत के मामले में करीब 40 घंटे से गतिरोध बना हुआ है। जिला अस्पताल में विधायक दीनदयाल बैरवा की मौजूदगी में परिजन धरने पर बैठे हुए है और मुआवजे समेत कई मा
वहीं अस्पताल की मोर्चरी में रखी एसआई राजेन्द्र की डेडबॉडी की सुरक्षा में अतिरिक्त पुलिस जाप्ता तैनात किया हुआ है, साथ ही अस्पताल परिसर में भी पुलिस बल तैनात है। परिजन मांगें पूरी होने तक शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराने पर अड़े हुए हैं।

धरनास्थल पर टेंट लगाने की बात को लेकर डिप्टी एसपी और धरनार्थियों में तनातनी हुई
MLA बोले- सरकार का कोई नुमाइन्दा बोलने को तैयार नहीं
विधायक दीनदयाल बैरवा ने कहा- करीब 36 घंटे से परिजन अस्पताल में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन कोई भी प्रशासनिक अधिकारी यहां नहीं पहुंचा है। इतना बड़ा घटनाक्रम होने के बावजूद सरकार के एक भी जनप्रतिनिधि का बयान नहीं आना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार ने भर्ती परीक्षा रद्द करके बड़ा हादसा तो पहले ही कर दिया था, इसके बाद से ही राजनीतिक रोटियां सेकी जा रही हैं। भर्ती रद्द होने पर श्रेय ले रहे थे, लेकिन 785 निर्दोष एसआई में एक राजेंद्र सैनी ने अवसाद में सुसाइड कर लिया तो कोई बोलने को तैयार नहीं है।
उन्होंने कहा- भर्ती रद्द करने के मामले में कोर्ट ने थोड़ी राहत दी है, लेकिन सरकार के स्तर पर कोई बात करने को तैयार नहीं है। मृतक के परिजनों का बहुत बुरा हाल हो गया है, इसके बावजूद सरकार संवेदनहीन बनी हुई है। ऐसे में सरकार और प्रशासन की तरफ से जब तक न्याय नहीं मिलेगा, धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं मंगलवार को एसडीएम द्वारा वार्ता करने के सवाल पर विधायक ने कहा कि यह उनके स्तर का मामला ही नहीं है, इतने बड़े घटनाक्रम को लेकर जिला प्रशासन और सरकार ने आंखें मुंद रखी हैं और कानों में अंगुली दे रखी है।
उन्होंने कहा- भर्ती रद्द होने से पीड़ित अभ्यर्थियों को लेकर सरकार की कोई जवाबदेही सामने नहीं आ रही और मीडिया के सवालों का जवाब देने से ही बचते नजर आ रहे हैं। कई लाख नौकरी देने के बात कर रहे थे, लेकिन पहले से दी हुई नौकरी को ही छीन ली गई। ये कैसी राज्य सरकार है।
5 करोड़ मुआवजे की मांग पर अड़े
मंगलवार को एसडीएम मूलचंद लूणिया ने मौके पर पहुंच लोगों से वार्ता की तो एक परिजन को नौकरी और राजकीय सम्मान से अंत्येष्टि पर सहमति बनी। लेकिन मुआवजे की मांग पर मामला अटक गया। धरनार्थियों ने कहा कि जब तक पांच करोड़ मुआवजे का चेक नहीं मिलेगा, तब तक धरना खत्म नहीं करेंगे। मंगलवार शाम को सांसद मुरारीलाल मीणा ने भी जिला अस्पताल पहुंचकर धरनार्थियों से पूरे मामले की जानकारी ली।

जिला अस्पताल मोर्चरी के सामने तैनात पुलिस जाप्ता
2021 एसआई भर्ती में चयनित हुआ था
मृतक राजेंद्र सैनी 2021 एसआई भर्ती का चयनित था, जो धौलपुर में पोस्टेड था। मृतक राजेंद्र मूलत: भरतपुर जिले के भुसावर थाना क्षेत्र के बल्लभगढ़ का निवासी है और फिलहाल परिवार के साथ अलवर के गंज खेरली में रहता था। मृतक एसआई के रिश्तेदार ने बताया कि कल देर शाम को घटना की सूचना मिली थी।
जिस दिन से परीक्षा रद्द हुई थी वह उसी दिन से डिप्रेशन में आ गया था। इसके बाद यह भी कहा था कि अब तो परीक्षा रद्द हो गई, अब या तो परीक्षा रहेगी या फिर मैं। ये 8 भाई-बहन हैं और परिवार खर्च इसकी नौकरी से चलता था। नौकरी लगने पर उम्मीद जगी थी कि वह घर की स्थिति में सुधार करेगा, लेकिन अब कुछ नहीं बचा।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments