☜ Click Here to Star Rating


खैरथल जिले का नाम बदलने और मुख्यालय अन्यत्र ले जाने के विरोध में जिला संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहा आंदोलन शुक्रवार को 22वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान सिख समाज ने आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने का ऐलान करते हुए विशाल तिरंगा रैली निकाली।

.

सुबह वार्ड नंबर 22 स्थित मुरली कॉलोनी के कलगीधर गुरुद्वारे के पार्क से रैली का शुभारंभ हुआ। हाथों में तिरंगा थामे सिख समाज के सैकड़ों लोग नारे लगाते हुए मुख्य बाजारों से गुजरते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद सभी लोग धरना स्थल पहुंचे और आंदोलनकारियों के साथ एकजुटता दिखाई।

जिला का नाम बदलने को लेकर निकाली तिरंगा रैली

जिला का नाम बदलने को लेकर निकाली तिरंगा रैली

सिख समाज से जुड़े लोगों ने कहा कि जिले को हटाने की किसी भी साजिश का कड़ा विरोध किया जाएगा। उनका कहना था कि यदि नेतृत्व स्तर पर जिला बदलने का निर्णय लिया गया तो चाहे जितना संघर्ष करना पड़े, वे पीछे नहीं हटेंगे। रैली और धरने में बलविंदर सिंह खालसा, महेंद्र सिंह, रणजीत सिंह, हरविंदर सिंह, अरविंदर सिंह, धर्म सिंह, चरण सिंह, छोटू सिंह, अनमोल सिंह, निर्मल सिंह और तारा सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।

धरना स्थल पर संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के साथ क्षेत्रीय नेताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। किशनगढ़बास विधायक दीपचंद खैरिया, जाटव वेलफेयर सोसायटी अध्यक्ष राजेन्द्र रसगोन , अजीत चौधरी, बलराम यादव, बी.पी. सुमन, शिवचरण गुप्ता, रामचंद्र कॉमरेड, पंकज रोघा और गफूर खान सहित कई गणमान्य लोग आंदोलनकारियों के बीच मौजूद रहे। संघर्ष समिति का कहना है, कि जिले का नाम बदलने और मुख्यालय को दूसरी जगह शिफ्ट करने की योजना जनभावनाओं के विपरीत है। समिति के नेताओं ने दोहराया कि जब तक सरकार इस संबंध में लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।



Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!

Sign In

Register

Reset Password

Please enter your username or email address, you will receive a link to create a new password via email.

Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading