सीकर में बुजुर्ग को हनीट्रैप के जाल में फंसाकर 12.90 लाख रुपए हड़पने वाली मास्टरमाइंड रेणुका चौधरी सोशल मीडिया पर खुद को समाजसेवी बताती है। उसके सोशल मीडिया पर हजारों फॉलोअर्स हैं।
रेणुका चौधरी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर काफी एक्टिव रहती। सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने के उसके कई फोटो भी फेसबुक पर मौजूद हैं। कई नेताओं के स्वागत करने की पोस्ट भी उसके फेसबुक पेज पर हैं।
गिरफ्तारी से 1 दिन पहले रेणुका चौधरी फेसबुक पेज पर लाइव आई थी। इस दौरान उसने कहा कि सीकर के मजीपुरा में एक फार्म हाउस पर बड़ा सेक्स रैकेट चल रहा है, जिससे कई बड़े नेता भी जुड़े हुए हैं। इस लाइव को 5 हजार से ज्यादा लोगों ने देखा था।

हनीट्रैप की मास्टरमाइंड रेणुका चौधरी का फेसबुक पेज, जिसमें वह खुद को समाजसेवी बताती।
पुलिस पकड़ने गई तो बेहोशी का नाटक किया धोद थानाधिकारी राकेश कुमार मीणा ने बताया- हनीट्रैप के मामले में मास्टरमाइंड रेणुका चौधरी (30) पुत्री बजरंग लाल निवासी घस्सु का बास और उसकी सहयोगी सुबिता (37) पत्नी सुरजाराम जाट निवासी रामपुरा को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उनको जेल भेज दिया गया।
पुलिस टीम जब दोनों को पकड़ने के लिए धोद चौराहे पर गई तो गिरफ्तारी से बचने के लिए रेणुका चौधरी बार-बार बेहोश होने का नाटक करती रही। कभी चलते-चलते नीचे गिर जाती और चिल्लाने लगती। महिला पुलिसकर्मियों ने बड़ी मशक्कत से उसे गिरफ्तार किया।

रेणुका चौधरी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती थी। फेसबुक पर उसने 500-500 के नोटों की गड्डियों के साथ फोटो अपलोड कर रखी है।
सोशल मीडिया पर दोस्ती कर फंसाया थानाधिकारी ने बताया- बुजुर्ग रामकरण (64) ने 30 अगस्त को थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था। उन्होंने रिपोर्ट में बताया था कि उसकी रेणुका चौधरी नाम की महिला से फेसबुक पर पहचान हुई थी। रेणुका चौधरी कई बार वीडियो कॉल भी करती थी। उसने अपनी परिचित महिला सुबिता की बेटी की इंस्टाग्राम आईडी से भी मैसेज करवाया।
इसके बाद रेणुका चौधरी के कहने पर सुबिता ने अपनी बेटी को मुझसे मिलने के लिए फार्म हाउस पर भी भेजा। कुछ मिनट बाद रेणुका भी अपने साथ कुछ लोगों को लेकर वहां पहुंच गई। उन्होंने रेप केस में फंसाने की धमकी देकर सोने की अंगूठी, चेन और 25 हजार रुपए ले लिए। इसके बाद एक स्टांप पर लिखा-पढ़ी करवाकर खुद के अकाउंट में 12.90 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए।
थानाधिकारी ने बताया- मास्टरमाइंड को पता था कि बुजुर्ग रामकरण सरकारी नौकरी से रिटायर्ड है और उसके पास काफी पैसा है। ऐसे में उसने अपनी परिचित के जरिए बुजुर्ग को जाल में फंसाया। पूछताछ में रेणुका चौधरी ने बिल्कुल भी सहयोग नहीं किया, लेकिन उसकी सहयोगी सुबिता ने पुलिस को पूरी हकीकत बता दी।

रेणुका चौधरी ने खुद के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद फेसबुक पर पोस्ट की और झूठे मुकदमों में फंसाकर बदनाम करने की साजिश का आरोप लगाया।
मास्टरमाइंड के अकाउंट को फ्रिज किया सीओ धोद सुरेश कुमार शर्मा ने बताया- मास्टरमाइंड रेणुका चौधरी के अकाउंट को फ्रीज करवा दिया गया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। रेणुका चौधरी पहले भी सीकर में एक सरकारी डॉक्टर को अपना शिकार बनाकर उससे लाखों रुपए ऐंठ चुकी थी।
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