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859 पदों की एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में हाईकोर्ट की खंडपीठ के एकलपीठ के भर्ती रद्द करने के आदेश पर रोक वाले B सितंबर के आदेश को प्रार्थी कैलाश चन्द्र शर्मा सहित 25 अभ्यर्थियों ने एसएलपी के जरिए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

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वहीं, चयनित अभ्यर्थियों विक्रम सिंह पंवार व अन्य ने भी इस एसएलपी में उनके खिलाफ कोई भी आदेश होने से पहले उनका पक्ष सुनने के लिए केविएट दायर की है। प्रार्थियों की एसएलपी पर आगामी सप्ताह में सुनवाई होने की संभावना है।

एसएलपी में कहा कि हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एकलपीठ के आदेश पर रोक लगाते हुए चयनित अभ्यर्थियों को फील्ड ट्रेनिंग कराने की भी छूट दी है। जबकि फील्ड ट्रेनिंग में कुछ हद तक ट्रेनी एसआई को स्वतंत्र निर्णय और काम करने की छूट दी जाती है। व

हीं, एकलपीठ ने जिन एसओजी की रिपोर्ट के आधार पर भर्ती को रद्द करने योग्य माना था, खंडपीठ ने उन रिपोर्टर्स को अप्रमाणित मान लिया। जबकि सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने इन दस्तावेजों की प्रमाणिकता पर सवाल नहीं उठाया और ना ही काउंटर शपथ पत्र के जरिए आपत्ति की है।

वहीं, एसओजी के चीफ ने भी सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के समक्ष दो बार इन दस्तावेजों पर कोई भी आपत्ति नहीं जताई है। सुप्रीम कोर्ट राफेल केस में तय कर चुका है कि दस्तावेज किसी भी माध्यम से मिला हो, यदि वह सही है तो कोर्ट उसे नजरअंदाज नहीं कर सकती। ऐसे में यदि इन्हें फील्ड पोस्टिंग दी गई तो इससे प्रदेश के आमजन में पुलिस का भरोसा कम होगा।

अभ्यर्थियों ने एकलपीठ के आदेश को खंडपीठ में दी थी चुनौती

एसआई भर्ती-2021 के चयनित अभ्यर्थियों ने एकलपीठ के 28 अगस्त वाले भर्ती रद्द करने वाले आदेश को खंडपीठ में चुनौती देते हुए कहा था कि उनका चयन लिखित परीक्षा से ही नहीं हुआ, बल्कि शारीरिक दक्षता परीक्षा व साक्षात्कार भी इसके आधार थे। ऐसे में एकलपीठ का पूरी भर्ती को ही रद्द करना गलत है।



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