पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी यूनिवर्सिटी, सीकर में नए कोर्सेज की फीस बढ़ोतरी को लेकर एसएफआई ने विरोध-प्रदर्शन किया। छात्रों ने बीबीए, बीएजेेएमसी, डिप्लोमा इन डिजाइन, एमएससी फोरेंसिक साइंस, पीजी एआई, और पीजी डिप्लोमा इन डिजिटल फोरेंसिक जैसे कोर्सेज

यूनिवर्सिटी में विरोध-प्रदर्शन करते हुए छात्र।
छात्र नेता देवराज हुड्डा ने कहा- यूनिवर्सिटी प्रशासन ने नए कोर्सेज की फीस जमा कराने के लिए बैंक से डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) बनवाने का प्रावधान किया है, जिसे बंद किया जाए। क्योंकि इससे स्टूडेंट्स को बैंक के चक्कर काटने पड़ते हैं और परेशान होना पड़ता है। हुड्डा ने कहा- फीस जमा करने की प्रक्रिया ऑनलाइन मोड में होनी चाहिए, ताकि छात्रों को अनावश्यक परेशानी न हो।
हुड्डा ने कहा- यूनिवर्सिटी प्रशासन को यह तक नहीं पता कि बीबीए, बीसीए, और एमजेेएमसी जैसे कोर्स यूजी हैं या पीजी। नए कोर्सेज की फीस यूजी कोर्सेज से ज्यादा रखी गई है, जबकि पीजी कोर्सेज की फीस तुलनात्मक रूप से कम है। यह प्रशासन की लापरवाही और अव्यवस्था को दर्शाता है। फीस बढ़ोतरी गरीब और मध्यम वर्ग के स्टूडेंट्स के लिए शिक्षा को और मुश्किल बनाने वाला कदम है।

छात्रों ने मांगे नहीं मानने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
प्रदर्शन में आशीष सिहाग, अभिषेक गढ़वाल, कुलदीप गुढ़ा, उत्तम मील, सुजल सैन, राहुल मेघवाल, सुरेश गोदारा सहित कई छात्र नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे। एसएफआई ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर फीस बढ़ोतरी वापस नहीं ली गई और ऑनलाइन फीस जमा करने की सुविधा शुरू नहीं की गई, यूनिवर्सिटी में उग्र आंदोलन किया जाएगा। छात्रों ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ फीस की नहीं, बल्कि शिक्षा के अधिकार की है।
गौरतलब है कि शेखावाटी विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी का मुद्दा नया नहीं है। पिछले साल भी एसएफआई ने स्नातक और स्नातकोत्तर कोर्सेज की सेमेस्टर फीस में वृद्धि के खिलाफ लंबा आंदोलन चलाया था, जिसके बाद जनवरी 2025 में यूनिवर्सिटी प्रशासन को फीस कम करने का आदेश जारी करना पड़ा था। इस बार नए कोर्सेज की फीस वृद्धि और डीडी के जरिए भुगतान की अनिवार्यता ने छात्रों के गुस्से को और भड़का दिया है।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments