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बाड़मेर जिले के शिव उपखंड के बरियाड़ा और खोड़ाल गांव में चला धरना आखिरकार शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी के प्रयासों और एसडीएम यक्ष चौधरी की अध्यक्षता में कंपनी और ग्रामीणों के बीच सहमति बन गई। धरना मंगलवार देर रात को किसानों की मांगों को मानते हुए समाप्त

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विधायक भाटी ने ग्रामीणों की सभी शिकायतों को गंभीरता से सामने रखा, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों एवं कंपनी प्रतिनिधियों को स्पष्ट संदेश दिया कि खेजड़ी जैसे संरक्षित वृक्षों के साथ खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विधायक भाटी की सख़्ती के बाद प्रशासनिक कार्रवाइयां तय

विधायक भाटी ने बैठक में स्पष्ट कहा कि खेजड़ी जैसे पवित्र और पर्यावरण रक्षक वृक्षों की कटाई और दहन न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि मरुस्थलीय क्षेत्र की पारिस्थितिकी के लिए गंभीर खतरा भी है। उन्होंने उपखंड अधिकारी से मांग की कि इस मामले में दोषी पाए गए कंपनी अधिकारियों पर काश्तकारी अधिनियम एवं पर्यावरणीय संरक्षण अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रशासन ने इस पर सहमति जताई और शीघ्र कार्रवाई का वादा दिया।

स्थानीय ग्रामीणों के मुद्दों को ले कर बनी सहमति

कंपनी अधिकारियों एवं ग्रामीणों के बीच हुई बैठक में यह तय हुआ कि स्थानीय ग्रामीणों का कंपनी से जो पैसा बाकी था उसे जल्द से जल्द ग्रामीणों को दिया जाएगा। इसी के साथ जिस भी ग्रामीण ने अपनी ज़मीन लीज पर दे रखी है अगर वह कार्य करने में सक्षम है तो सबसे पहले उसे कार्य दिया जाएगा। और अगर वह सक्षम नहीं है तो उसे उसके लायक कार्य दिया जाएगा। साथ ही सभी बाहरी गाड़ियों की जगह स्थानीय ग्रामीणों के वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी।

स्थानीय मुद्दों को लेकर बनी सहमति। रात को धरना किया समाप्त।

स्थानीय मुद्दों को लेकर बनी सहमति। रात को धरना किया समाप्त।

वृक्षारोपण, भूमि मुआवज़ा और CSR पर लिए गए निर्णय

विधायक भाटी की मांग पर ही यह तय हुआ कि संबंधित सोलर कंपनियां खेजड़ी के काटे गए वृक्षों की भरपाई हेतु सार्वजनिक निगरानी में व्यापक वृक्षारोपण करेंगी, जिसमें ग्रामीणों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही, जिन ग्रामीणों की भूमि बिना उनकी सहमति या बेहद कम मुआवजे पर ली गई है, उनकी शिकायतों की दोबारा जाँच की जाएगी और उचित मूल्य दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

भाटी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कंपनियां इन सामाजिक और कानूनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं करतीं, तो वे स्वयं आंदोलन की अगुआई करेंगे।

भाटी दो रात धरना स्थल पर गुजारी, तीसरे दिन कंपनी और किसानों के बीच बनी सहमति।

भाटी दो रात धरना स्थल पर गुजारी, तीसरे दिन कंपनी और किसानों के बीच बनी सहमति।

स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार, CSR से होगा गाँवों का विकास

विधायक भाटी ने यह भी सुनिश्चित किया कि कंपनियां अपने प्रोजेक्ट्स में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता से रोजगार दें, ताकि क्षेत्रीय विकास में जनभागीदारी हो। इसके अलावा, कंपनियों द्वारा खर्च किया जाने वाला CSR फंड अब गांव के विकास कार्यों — जैसे सड़कों का निर्माण, चिकित्सा सेवाएं, स्कूलों की मरम्मत आदि — में उपयोग होगा। यह निर्णय गाँवों के समग्र विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

रास्तों की बहाली और पैमाइश कार्य पर त्वरित कार्यवाही

बैठक में यह भी तय हुआ कि जो रास्ते ग्रामीणों के खेतों और मंदिरों तक जाने के लिए अवरुद्ध किए गए थे, उन्हें शीघ्र बहाल किया जाएगा। विधायक भाटी ने इस विषय पर विशेष जोर देते हुए प्रशासन को निर्देशित किया की ज़मीन की पैमाइश का कार्य तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए जिस पर प्रशासन ने सहमति जताते हुए जल्द ही अधिकारियों को भेजने की बात कही।



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