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ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने का विरोध करने वालों पर अब कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। इस संबंध में सिविल न्यायाधीश कनिष्ठ खंड एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम वर्ग (अजमेर पश्चिम) मनमोहन चंदेल ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में नाजिम को आद

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अगर कोई विरोध करता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई करने की जिम्मेदारी कलेक्टर और एसपी की है। अदालत ने कलेक्टर और एसपी से भी अपेक्षा की है कि सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने में वे दरगाह कमेटी का सहयोग करें। नाजिम पांच दिन के भीतर इस कार्रवाई के बारे में प्रार्थना पत्र कलेक्टर और एसपी को दें।

दरअसल, दरगाह के आस्ताना में खिदमत की बारी को लेकर खादिमों के बीच विवाद के मामले में अदालत ने नाजिम से संबंधित जगह की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज तलब की थी, लेकिन नाजिम ने फुटेज नहीं होने की जानकारी दी थी। इसे गंभीर मानते हुए अदालत ने दरगाह में कैमरे लगाने के निर्देश जारी किए।

नाजिम 5 दिन में मांग सकते हैं मदद

अदालत ने नाजिम को आदेश किया वे पांच दिन के भीतर कमेटी के खर्चे पर दरगाह में कैमरे लगाना चाहते हैं तो इस संबंध में कलेक्टर व एसपी को लिखित याचिका प्रस्तुत कर उनसे सहायता मांग सकते हैं। कैमरों का संचालन कमेटी स्तर पर नियमानुसार किया जाए।

स्वार्थ के चलते करते हैं कैमरों का विरोध

अदालत ने फैसले में कहा कि दरगाह कमेटी जनहित में सीसीटीवी कैमरे दरगाह में लगाने को तैयार है, लेकिन हितबद्ध व्यक्तियों द्वारा अकारण इसका विरोध किया जाता है। यही कारण है कि अदालत के आदेश के बावजूद किसी प्रकार के सीसीटीवी फुटेज प्रस्तुत नहीं किए गए। अदालत ने कहा कि धार्मिक और भीड़भाड़ वाली जगह पर सुविधा और सुरक्षा के लिए कैमरे होना आवश्यक है। इसके अलावा विवाद की स्थिति में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के तौर पर कैमरे की फुटेज प्रस्तुत होने से वाद के मुख्य बिंदु के निस्तारण में भी सुलभता होगी।

इसलिए अदालत कलेक्टर व एसपी से अपेक्षा करती है कि यदि दरगाह कमेटी दरगाह में स्वयं के खर्चे पर कैमरे लगाए जाने की कार्रवाई करती है और इसमें कोई व्यक्ति विरोध करता है या बाधा डालता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए कैमरे लगाने का कार्य सुनिश्चित करें।

2007 में कैमरे लगने शुरू हुए, 57 कैमरे सिर्फ 75% एरिया में

दरगाह में अभी तक 75 फीसदी ही एरिया ही सीसी टीवी कैमरों से कवर हुआ है। आस्ताना सहित 25 प्रतिशत एरिया कैमरों की पहुंच से दूर हैं। केंद्र सरकार द्वारा सुरक्षा के लिहाज से आस्ताना में कैमरे लगाने की कवायद की जा रही है। लेकिन दरगाह के एक बड़े पक्ष ने इसका विरोध किया है। दरगाह में 2007 से सीसीटीवी कैमरे लगने शुरू हुए, अभी तक 57 कैमरों से करीब 75 प्रतिशत एरिया कवर है। गुंबद के अंदर यानी आस्ताना में सीसीटीवी कैमरे लगना शेष है। केंद्र सरकार की ओर से 814वें उर्स से पहले सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।



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