कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के पूर्व मेंबर कुलजीत सिंह नागरा ने कहा- अब जिला अध्यक्ष का चयन कार्यकर्ताओं की 5 साल की गतिविधियों और जमीनी स्तर पर उनकी सक्रियता के आधार पर होगा। निष्क्रिय कार्यकर्ताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
पहले जिला अध्यक्षों के नाम ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी को भेजे जाते थे, जहां बड़े नेताओं की पसंद के आधार पर मोहर लगाकर नाम फाइनल हो जाता था। लेकिन अब यह प्रक्रिया बदल गई है। संगठन सर्जन अभियान के तहत ब्लॉक लेवल से लेकर जमीनी कार्यकर्ताओं तक, सभी की राय ली जाएगी। जिस कैंडिडेट को ज्यादा नेताओं और कार्यकर्ताओं का समर्थन मिलेगा, वही जिला अध्यक्ष बनेगा। इस बार हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश होगी।
कुलजीत नागरा ने दी गंगानगर ट्रेड एसोसिएशन कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए यह बात कही। दरअसल, कुलजीत नागरा श्रीगंगानगर में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित सृजन सेवा अभियान में आए थे। नागरा इस अभियान के आब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं।

कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए ऑब्जर्वर नागरा।
पुराने तौर-तरीके खत्म होंगे
नागरा ने कहा- पहले पर्यवेक्षक जिले में आकर 15-20 लोगों से बातचीत कर जिला अध्यक्ष का नाम फाइनल कर देते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। वे रोजाना 8 घंटे की मीटिंग करेंगे और सभी कार्यकर्ताओं से राय लेंगे। जो लोग चुनाव के समय पार्टी का झंडा उठाते हैं और बाद में गायब हो जाते हैं, उन्हें पार्टी में जगह नहीं मिलेगी।
महिलाओं को मौका मिले
अनूपगढ़ से महिला नेत्री राम देवी बावरी ने कहा- महिलाओं की राजनीति में भागीदारी होनी चाहिए। क्योंकि, महिला आधी आबादी में अपना हक रखती है। महिलाएं डायरेक्ट ग्राउंड से जुड़कर लोगों की समस्याएं सुनती हैं। इसलिए जिला अध्यक्ष के पद में महिलाओं की भागीदारी होनी चाहिए।
छोटे कार्यकर्ताओं को आगे नहीं आने देते
लालगढ़ जाटान से कांग्रेस कार्यकर्ता राजेंद्र टाक ने कहा- पार्टी में हेमशा से नीति चली आ रही है कि छोटे कार्यकर्ताओं को आगे नहीं आने दिया जाता। जबकि वे बहुत अधिक मेहनत करते हैं। राजेंद्र टाक ने कहा- जो पार्टी से बागी हैं, उन्हें सबक मिलना चाहिए। उन्हें जल्दी पार्टी में नहीं लेना चाहिए। क्योंकि, बागी को डर नहीं होता और वो बगावत करेगा ही।
सिफारिश से नहीं बनेंगे जिलाध्यक्ष
कांग्रेस नेता अजब खीचड़ ने कहा- कई बार ऐसी परिस्थितियां आ जाती है जिनके कारण बागी नेताओं को भी पार्टी में लेना पड़ता है। पहले जो लोग कहते थे जिले अध्यक्ष सिफारिश से बनते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इसके लिए राहुल गांधी ने यह अभियान चलाया है।

ऑब्जर्वर से मिलने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी।
भाजपा से कांग्रेस में आए मिगलानी वर्तमान जिलाध्यक्ष
वर्तमान में अंकुर मिगलानी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हैं, जो भाजपा से कांग्रेस में आए हैं। उनसे पहले संतोष सहारण (पूर्व विधायक), कुलदीप इंदौरा (वर्तमान सांसद), पृथ्वीपाल सिंह संधू (वर्तमान भाजपा नेता) और राधेश्याम गंगानगर (पूर्व विधायक) इस पद पर रह चुके हैं।
नए चेहरों की तलाश तेज
कांग्रेस ने नए जिला अध्यक्ष के चयन के लिए लगातार मीटिंग्स का दौर चल रहा है। पार्टी का फोकस ऐसे कार्यकर्ताओं पर है जो जमीनी स्तर पर सक्रिय हों और संगठन को मजबूत कर सकें। कांग्रेस नेताओं की माने तो इस बार नए चेहरों को जिला अध्यक्ष बनने का मौका मिल सकता है।
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