☜ Click Here to Star Rating


पूर्व राज्यपाल और वरिष्ठ नेता रहे सत्यपाल मलिक का मंगलवार को निधन हो गया। उनका राजस्थान से भी जुड़ाव रहा। राज्यपाल रहते हुए सत्यपाल मलिक ने सबसे पहले राजस्थान से ही केंद्र सरकार के खिलाफ बगावती तेवर दिखाने शुरू किए थे।

.

सबसे पहले शेखावाटी में ​हुए कार्यक्रमों से मलिक ने किसान आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला था। राजस्थान में दिए गए मलिक के बयानों से खूब विवाद हुआ था। राज्यपाल रहते मलिक ने राजस्थान में जिस अंदाज में केंद्र को घेरा था, उसकी सियासी हलकों में खूब चर्चा रही थी।

सत्यपाल मलिक ने राज्यपाल रहते हुए सबसे पहले 2021 में झुंझुनूं, सरदारशहर और सीकर के कार्यक्रमों में किसान आंदोलन को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ हमला बोला था।

मलिक का झुंझुनूं में 17 अक्टूबर 2021 में दिया गया बयान उनके खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच का कारण बना था। इस बयान में जम्मू-कश्मीर के केरू हाइड्रो प्रोजेक्ट में एक औद्योगिक घराने की तरफ से 300 करोड़ की रिश्वत की पेशकश करने का दावा किया था। मलिक ने इसमें संघ का नाम लिया था, इस पर खूब विवाद हुआ था।

सीबीआई ने मई में चार्जशीट दाखिल की थी जम्मू-कश्मीर के किरू हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में CBI ने अप्रैल 2022 में जम्मू-कश्मीर सरकार के कहने पर मामला दर्ज किया था। यह मामला करीब 2,200 करोड़ रुपए के सिविल वर्क कॉन्ट्रैक्ट में गड़बड़ी को लेकर था। CBI ने इसी मामले को लेकर 22 फरवरी 2024 को मलिक के ठिकानों पर छापे मारे थे। CBI ने मई 2025 में सत्यपाल मलिक समेत 5 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

राजस्थान में नियमित रूप से कार्यक्रमों में आते थे सत्यपाल मलिक 70 के दशक से राजस्थान आते रहे थे। बाड़मेर के वरिष्ठ नेता रहे गंगाराम चौधरी से उनके ​दोस्ताना रिश्ते रहे थे। उनके परिवार से उनका आखिर तक जुड़ाव रहा था।

अब सिलसिलेवार पढ़िए- राजस्थान में कब क्या बोले थे…

मलिक ने कहा था- 150-150 करोड़ की रिश्वत की पेशकश हुई थी 17 मार्च 2021 को झुंझुनूं में सत्यपाल मलिक ने कहा था- किसान आंदोलन का लंबा चलना किसी के हित में नहीं है। किसान अपना घर बार छोड़कर आए थे। हादसों में मरने वालों के लिए भी आप संवेदना भेजते हो। उनको नहीं भेज रहे हो।

सत्यपाल मलिक ने झुंझुनूं में 17 अक्टूबर 2021 को कहा था-

QuoteImage

मैं जब कश्मीर था तो दो फाइलें आई थी। एक में अंबानी इंवोल्व थे, एक में संघ से जुड़े अफसर थे। एक महबूबा की मिनिस्ट्री के अफसर थे। खुद को पीएम के नजदीक बताते थे। दो सेक्रेटरी ने बताया था कि इसमें घपला है। दोनों ने बताया था कि इसमें 150 करोड़ आपको मिल सकता है। उन्होंने उस समय कहा था- मैं 5 कुर्ते पाजामे लेकर आया हूं। मैंने मना कर दिया, इसमें जांच के लिए कहा।

QuoteImage

सरदारशहर में कहा था- मोदी को दिल्ली ने खराब कर दिया 8 मार्च 2022 को सरदारशहर में कहा था- इतने किसानों की मौत हो गई, इसके बाद भी कोई शोक संदेश नहीं आया। हम मांग लेते हैं तो भिखमंगा समझ लेते हैं। यह सरकार हमारी नहीं है। मोदी गुजरात में थे, तब MSP (मैक्सिमम सपोर्ट प्राइस) पर चिट्‌ठी लिखी थी।

अब दिल्ली ने उनको खराब कर दिया। दिल्ली जगह ही ऐसी है। दिल्ली जाने के बाद वह बदल गए। MSP की बातें भूल गए। मैं गवर्नर शिप का पीरियड खत्म होने के बाद पूरे देश में घूमूंगा। किसानों को एकत्रित करूंगा। ताकि आगे हम मांगने वाले नहीं, देने वाले बनें। हम मांगते हैं तो ये हमें भिखमंगा समझते हैं।

सीकर में कहा था- पुलवामा अटैक के वक्त शूटिंग में बिजी थे मोदी 25 अप्रैल 2023 को सीकर के कूदन में कहा था- पुलवामा अटैक के वक्त PM नरेंद्र मोदी कॉर्बेट नेशनल पार्क में अपनी शूटिंग करवा रहे थे। बाहर आकर PM ने एक ढाबे से कॉल कर मुझे पूछा था- क्या हुआ? मैंने कहा था- ये हमारी गलती से हुआ। देश बहुत गलत आदमी के हाथ में है।

सत्यपाल मलिक ने कहा था-

QuoteImage

यदि किसान एक नहीं हुआ और केंद्र में बैठी सरकार दोबारा सत्ता में आ गई तो किसान नहीं बचेंगे। उनका बस चला तो सबसे पहले खेती को खत्म कर देंगे। ताकि आप खेती छोड़ दो और शहरों में मजदूरी करने लग जाओ। उसके बाद फौज को खत्म कर देंगे। एक तरह से किसान कौम को बर्बाद करने का नक्शा पास हुआ है। इस पर लड़ना पड़ेगा। जो लड़ेगा, वही बचेगा।

QuoteImage

अलवर में कहा था- मुझे लगता नहीं कि एमएसपी को कानूनी दर्जा देंगे अलवर में 16 जून 2023 को कहा था- प्रधानमंत्री ने एमएसपी को कानूनी दर्जा देने की बात कही, लेकिन आज तक नहीं दिया, आगे देंगे भी नहीं। क्योंकि अडाणी का पूरा पैसा मोदी का है। अडाणी ने गुड़गांव में गोदाम बना लिए। सस्ता अनाज खरीद लिया है। महंगा होने पर बेच देंगे। इसलिए मुझे लगता नहीं कि एमएसपी को कानूनी दर्जा देंगे। इसलिए किसानों को एक लड़ाई और लड़नी पड़ेगी।

सीकर मे सत्यपाल मलिक ने पीएम मोदी के खिलाफ बयान दिया था।

सीकर मे सत्यपाल मलिक ने पीएम मोदी के खिलाफ बयान दिया था।

सीकर में कहा था- राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति रिटायर होंगे तो कुत्ता भी रास्ता नहीं छोड़ेगा 28 अगस्त 2023 को सीकर के सुतोद में एक कार्यक्रम में मलिक ने कहा था- मोदी ने डरकर कृषि कानून वापस लिए हैं। अब वे डर की वजह से ही गुरुद्वारों में जाते हैं। जिस वक्त किसान आंदोलन हुआ, उस वक्त मैं मेघालय का गवर्नर था। उस दौरान मैंने 10 दिन तक विचार किया कि कुछ बोलना चाहिए या नहीं।

मुझे कई लोगों ने समझाया कि आप राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति हो जाओगे, क्यों झगड़ा करते हो। लेकिन मैंने कहा था कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति रिटायर होंगे तो कुत्ता भी रास्ता नहीं छोड़ेगा।

सीकर में कहा था- नूंह दंगा सरकारी प्रायोजित था राज्यपाल का कार्यकाल खत्म होने के बाद 17 सितंबर 2023 को सीकर में एक सम्मेलन में कहा था- हरियाणा के नूंह में हुआ दंगा सरकारी और प्रायोजित था। केंद्र सरकार इसे अलीगढ़, मुजफ्फरनगर, आगरा, भरतपुर और जयपुर तक फैलाना चाहती थी, लेकिन किसानों ने उनका साथ नहीं दिया तो दंगे नहीं फैले।

ये अब भी ऐसी ही कोशिश करेंगे, लेकिन हमें उसमें घुसने की जरूरत नहीं है। मणिपुर में पीएम नरेंद्र मोदी गए तक नहीं। मेरे पैरों की हालत इतनी ज्यादा खराब है, लेकिन मैं इनको हटाने के लिए जगह-जगह जाऊंगा। ये बहुत खतरनाक, निर्दयी और दुष्ट लोग हैं।



Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!

Sign In

Register

Reset Password

Please enter your username or email address, you will receive a link to create a new password via email.

Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading