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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ(RSS) के राजस्थान के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम ने कहा- श्रीगंगानगर में कैसे भोले-भाले लोगों को ईसाई बनाया जा रहा है। कहते है, हिंदू तुम्हें साथ नहीं बैठाते तो हम बैठाते हैं। वे नहीं मानते तो उन्हें लोभ दिया जाता है, पैसे देते

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देखते ही देखते पंजाब से शुरू हुआ यह सिलसिला श्रीगंगानगर होते हुए बीकानेर तक आ चुका है। पढ़े लिखे लोग बिना नाम बदले, बिना पहचान बदले देवी-देवताओं के चित्र घर से बाहर निकाल कर डाल रहे हैं। इसमें कहीं न कहीं हमारी कमजोरी है।

निंबाराम मंगलवार को बाड़मेर जिले के दानजी की होदी बस्ती में RSS के शताब्दी वर्ष विजयादशमी समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

भोले- भाले लोगों को ईसाई बना रहे, इस रोग को समाप्त करें उन्होंने कहा- भोले-भाले लोगों का धर्मांतरण हो रहा है, उन्हें ईसाई बनाया जा रहा है, इसलिए समाज से जातिवाद, भेदभाव जैसे इस रोग को समाप्त करिए।

नहीं तो आने वाला कल, हम सीमा क्षेत्र के रहने वाले लोगों के लिए भयावह होने वाला है। उन्होंने कहा- हमें आक्रोश व्यक्त नहीं करना, समाज में सौहार्द बढ़ाना है। हमें इस पर ज्यादा काम करना है और हमें इसे समझना होगा।

शस्त्र पूजन से हुई कार्यक्रम की शुरुआत।

शस्त्र पूजन से हुई कार्यक्रम की शुरुआत।

देश में भेदभाव की जड़े मिटानी जरूरी

निंबाराम ने कहा- देश में भेदभाव की जड़ें मिटानी ही होंगी। ऊंच-नीच की सोच से ऊपर उठकर सबको हाथ थामना पड़ेगा। जब गांव का ही व्यक्ति अलग-थलग पड़ता है, तो समाज कैसे मजबूत बनेगा।

उन्होंने कुंभ मेले का उदाहरण देते हुए कहा- जैसे करोड़ों लोग बिना जाति के बंधन के स्नान करते हैं, वैसे ही हमें समभाव से समाज बुनना चाहिए। महापुरुष कभी जाति के जाल में नहीं फंसे। उन्होंने समाज के उत्थान के लिए जिया। हमें भी जातिवाद के बंधनों से आजाद होकर एक मजबूत, समरसता पूर्ण भारत का निर्माण करना है।

इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत संघ की परंपरा के अनुरूप शस्त्र पूजन से हुई। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद पूर्ण गणवेश में स्वयंसेवकों ने पथ संचलन निकाला, जिस पर स्थानीय लोगों ने फूल बरसाए।

स्वयंसेवकों ने पथ संचलन भी किया, जिस पर शहरवासियों ने फूल बरसाए।

स्वयंसेवकों ने पथ संचलन भी किया, जिस पर शहरवासियों ने फूल बरसाए।

श्रीगंगानगर में धर्म परिवर्तन का मामला आया था सामने बता दें कि श्रीगंगानगर में बॉर्डर एरिया के हिंदुमलकोट इलाके के खाटलबाला गांव में पुलिस ने सोमवार को धर्म परिवर्तन करवाने का मामला दर्ज किया था। रिपोर्ट में शिकायतकर्ता सतनाम सिंह ने बताया कि वो लंबे समय से बीमार है। गांव में पास्टर बग्गुसिंह ने एक चर्च बना रखा है, जहां वो बीमारी ठीक करने का दावा करता है।

आरोप है कि पीड़ित के घर आकर बग्गुसिंह ने कहा- ईसाई धर्म अपनाने से उसकी बीमारी ठीक हो जाएगी। इसके बाद उसे अपने घर ले जाकर जल पिलाया, मंत्र पढ़े और सिर पर हाथ रखकर कहा- अब तुम ईसाई हो गए हो। प्रभु यीशु तुम्हारी बीमारी ठीक करेंगे। इस दौरान बग्गुसिंह ने विभिन्न धर्मों और धर्म गुरुओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी भी की थी।

हिंदुमलकोट थाने के SHO गुरमेल सिंह बराड़ ने बताया- 6 अक्टूबर को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सबूत भी इकट्ठे किए हैं। आरोपी अभी तक गांव के करीब 25 घरों में धर्म परिवर्तन करवा चुका हैं। मामले में आरोपी के बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि पिता फरार है।

श्रीगंगानगर के खाटलबाला गांव में पास्टर बग्गुसिंह और उसके बेटे अमनदीप पर लोगों को लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगा है।

श्रीगंगानगर के खाटलबाला गांव में पास्टर बग्गुसिंह और उसके बेटे अमनदीप पर लोगों को लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगा है।

ये खबर भी पढ़िए… ‘जल पिलाया, मंत्र पढ़ा और बोला-अब तुम ईसाई हो गए’:शिकायतकर्ता बोला- बाप-बेटे करवा रहे थे धर्म परिवर्तन, घर में बना रखा है चर्च

बीमारी ठीक करने का दावा करते हुए पास्टर (पादरी) पिता और उसका बेटा धर्म परिवर्तन करवा रहे हैं। अन्य धर्मों के खिलाफ अपशब्द भी बोल रहे हैं। पुलिस ने सोमवार को बाप-बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पूरी खबर पढ़िए



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