![]()
बीकानेर से पढ़ाई के लिए रूस गए युवक को युक्रेन के खिलाफ युद्ध के मैदान में उतार दिया गया है। उन्हें सामान्य कामकाज के नाम पर सेना के केंप में बुलाया गया और वहां से सीधे यूक्रेन की जमीन पर भेज दिया गया, जहां दोनों देशों के बीच कभी हवाई फायर हो रहे हैं
बीकानेर के अरजनसर गांव के रहने वाले महावीर प्रसाद गोदारा के बेटे अजय गोदारा ने पिछले साल ही नवम्बर महीने में रुस में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की थी। इसी बीच उसे और उसके दोस्तों को रूसी सरकार ने एक ट्रेनिंग के लिए भेजा। वहीं से उन्हें युद्ध के लिए रवाना कर दिया गया। अजय का दावा है कि उसके कुछ दोस्त अजय, संदीप, विजय, अंकित को भी सेना में शामिल किया गया है।
अजय ने एक वीडियो जारी करके बताया कि वो वर्तमान में रूस के बजाय युक्रेन में है। तीन महीने ट्रेनिंग लेने की बाध्यता बताते हुए कहा कि हर हाल में युद्ध के मैदान में उतरना होगा। सभी को घर वालों से बात करने का एक अवसर दिया गया था। नौ भारतीय स्टूडेंट्स को भी ट्रेनिंग दी जा रही है। जब ट्रेनिंग लेने से मना किया तो रूसी सेना के जवानों ने साफ कह दिया कि आप यूक्रेन की जमीन पर हो। आगे कोई सुनने वाला नहीं है, एक बार परिवार से बात कर लो। अजय ने वीडियो के अंत में आशंका जताई कि हो सकता है कि ये हमारा लास्ट वीडियो हो।
एक अन्य वीडियो में कहा है कि
पांच दिन के बाद मैं एक ट्रक में आया हूं। हमारे ऊपर हवाई फायर हुए हैं। मिसाइलें दागी गई है। हम चार बंदे थे, जिसमें एक तो वहीं खत्म हो गया। दो भाग गए और मैं रास्ता भटक गया। आठ दिन के बाद मेरी बटालियन के बंदों ने ढूंढकर अब सेना पुलिस को सौंपा है, जो अभी सेलिडोज सिटी के अंदर है। ये सिटी भी युक्रेन में है। ये जगह तो युक्रेन की है लेकिन रूस ने कब्जा कर रखा है। अभी तय नहीं है कि मुझे वापस आगे भेजेंगे या यहीं पर रखेंगे। मैंने यहां बयान दिया है कि हमारे साथ धोखा हुआ है। हमें बोला कुछ गया था, कराया कुछ और जा रहा है।
पिछले साल गया था पढ़ने
अजय पिछले साल सितम्बर महीने में ही पढ़ने के लिए रूस गया था। उसके पिता महावीर प्रसाद सामान्य किसान है और मां कलावती देवी सामान्य गृहिणी। दोनों के साथ ही पूरा परिवार सदमे में है। पिता महावीर ने बताया कि 28 नवम्बर 24 को स्टडी वीजा पर रूस गया था। उसे रुपयों का लालच देकर सेना में भर्ती कर लिया गया था। महावीर ने भारत सरकार से अपील की है कि जल्द से जल्द अजय को वहां से मुक्त कराया जाए। मां कलावती का कहना है कि मेरा इकलौता बेटा है और उसे झांसे से सेना में भर्ती कर लिया गया।
तीन महीने की ट्रेनिंग बताई
अजय के परिजनों का कहना है कि उसे तीन महीने की सामान्य ट्रेनिंग बताकर सेना में भर्ती किया गया था। ट्रेनिंग के नाम पर उसे अच्छी खासी धनराशि देने का भी आश्वासन दिया गया। यूक्रेन बॉर्डर पर ये कहकर बुलाया गया था कि यहां पर किचन का काम करना है। इसके बाद सीधे युद्ध में उतार दिया। अजय के मित्र संदीप, विजय, अंकित को लेकर भी चिंतित है।
पंद्रह दिन से संपर्क नहीं
अजय के पिता का कहना है कि पिछले 15 दिन से उसका बेटे से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। ये वीडियो भी पंद्रह दिन पुराने ही है। ऐसे में उसे अपने बेटे की सलामती को लेकर भी चिंता है। अब गांव के लोगों के साथ मिलकर महावीर प्रसाद अपने बेटे को वापस भारत बुलाने की कोशिश में जुटा है।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments