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अमृतकौर अस्पताल में नर्सिंग अधिकारियों की ड्यूटी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। चिकित्सा विभाग के नियमों के अनुसार प्रत्येक कर्मचारी को हर तीन साल में रोटेशन प्रणाली के तहत अन्य वार्डों में स्थानांतरित किया जाता है, लेकिन अस्पताल में कई नर्सिंग अधिकारी वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं। वार्डों मे रात्रिकालीन ड्यूटी से बचने के लिए सीनियर नर्सिंग अधिकारी ओपीडी में जमे हुए हैं और वार्डों की जिम्मेदारी से बच रहे हैं। वार्डों में ड्यूटी करने से अधिकारी कतरा रहे हैं क्योंकि वहां शिफ्ट प्रणाली लागू होती है, जिसमें इवनिंग और रात्रिकालीन ड्यूटी करनी होती है। इससे बचने के लिए कई वरिष्ठ अधिकारी मनपसंद ओपीडी में बैठे हैं और लगातार वहीं से काम कर रहे हैं।

ड्यूटी में वरिष्ठता दरकिनार : ऑर्थोपेडिक ओपीडी में कार्यरत मोहम्मद असलम पिछले 10 साल से अधिक समय से वहीं डटे हुए हैं, जबकि वरिष्ठता के आधार पर उन्हें वार्डों में लगाना चाहिए। अस्पताल के सर्जिकल आउटडोर, माइनर ऑपरेशन थिएटर के 15 नंबर कक्ष में ज्योत्सना 15 साल से भी अधिक समय से कार्यरत हैं। इसी तरह नाक-कान-गला ओपीडी में गुलशन को 8 साल से अधिक हो चुके हैं। इसी तरह मेडिकल ज्यूरिस्ट कक्ष में रिकॉर्ड के संधारण का कार्य लक्ष्मण काठात नर्सिंग अधिकारी प्रथम देख रहे हैं। वह भी सालों से ओपीडी में ही जमे हुए हैं। इस व्यवस्था से नए और जूनियर नर्सिंग अधिकारियों पर वार्डों की जिम्मेदारी डाल दी गई है। इसके चलते आए दिन वार्डों में विवाद और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो रही है। गौरतलब है कि 2018 में संयुक्त निदेशक ने आदेश जारी कर 3 साल से अधिक समय तक एक ही वार्ड में जमे कर्मचारियों को रोटेशन प्रणाली के तहत अन्य वार्डों में कार्य करवाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अमृतकौर अस्पताल में वर्षों से एक ही स्थान पर ड्यूटी कर रहे नर्सिंग अधिकारियों को न तो हटाया गया और न ही रोटेशन प्रणाली लागू की गई।

फिमेल सर्जिकल की जिम्मेदारी संभाल रहे पुरुष नर्सिगकर्मी : अस्पताल के फिमेल सर्जिकल वार्ड की जिम्मेदारी पुरुष नर्सिंगकर्मियों को सौंपी गई है। फिमेल सर्जिकल वार्ड में कार्यरत सात नर्सिंगकर्मियों में से चार पुरूष कर्मियों को लगाया गया है। जबकि मेल सर्जिकल वार्ड में महिला नर्सिंगकर्मी ममता नागर से कार्य लिया जा रहा है। फिमेल सर्जिकल वार्ड में ऑपरेशन के मरीजों को रखा जाता है। ऐसे में पुरूष स्टाफ के होने से ऑपरेशन के बाद महिला मरीजों की होने वाली ड्रेसिंग भी पुरुषों द्वारा की जाती है। कई गंभीर मरीजों के साथ कई बार शर्म की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। फिमेल सर्जिकल वार्ड के प्रभारी महिपाल कुमावत के अलावा शंकरलाल, लोकेश बोहरा व परमेश्वर पारीक को लगाया गया है जबकि तीन महिला नर्सिंगकर्मी भी वार्ड में कार्यरत हैं।



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