हरियाणा के रेवाड़ी में स्टील कारोबारी के 2 बैंक अकाउंट से करीब 10 लाख रुपए ट्रांसफर कर लिए गए। ठगी का पता लगा तो स्टील कारोबारी साइबर थाना पुलिस के पास पहुंचा और शिकायत देते हुए मामला दर्ज करवाया है।
रेवाड़ी के बावल सेक्टर 2 में रहने वाले वीराराम ने बताया कि मैं मूलरूप से राजस्थान के जालौर जिले में हरियाली गांव का रहने वाला हूं। जलियावास गांव में मेरा स्टील का काम है। बावल की फैक्ट्रियों में स्टील सप्लाई करता हूं। 20 अगस्त को मैं अपने बावल वाले मकान पर था। शाम करीब साढे 6 बजे मेरे पास एक फाइल आई। जिस पर क्लिक करते ही मेरा मोबाइल हैक हो गया।
2 बार ट्रांसफर हुई रकम हैक होने के बाद मेरा फोन स्विच ऑफ हो गया। बार-बार प्रयास किए लेकिन ऑन नहीं हुआ। 21 अगस्त को मेरे पास 4,98,000 रुपए व दूसरे खाते से 5 लाख रुपए खाते से निकल गए। मैंने बैंक में जाकर पूछताछ की तो पता लगा कि 20 अगस्त को ही दोनों ट्रांजेक्शन हुई हैं। फ्रॉड का पता लगते ही मैंने तुरंत साइबर थाना पुलिस को शिकायत देते हुए मामला दर्ज करवाया।
ऐसे खाते तक पहुंचा हैकर
वीराराम का फोन हैक करते ही हैकर ने जीमेल का पासवर्ड चेंज कर दिया। जीमेल में सेव पासवर्ड के जरिए हैकर ने बैंक खाते में दर्ज मोबाइल नंबर को बदल दिया। मोबाइल नंबर बदलने के बाद हैकर ने आसानी से रकम ट्रांसफर कर लिया। हैकर को आसानी इसलिए हुई क्योंकि वीराराम ने अपना पासवर्ड अपने नाम व डेट ऑफ बर्थ से बनाया था।
झारखंड में एटीएम से निकला कैश
रेवाड़ी साइबर थाना के जांच अधिकारी ASI चमन ने बताया कि जालौर के वीराराम के खाते से जो पैसे ट्रांसफर हुए, वो झारखंड में एटीएम के जरिए निकले हैं। जब तक हमने होल्ड लगवाया, खाते से 9 लाख 35 हजार रुपए की निकासी हो चुकी थी। 63 हजार रुपए ही होल्ड हो पाए हैं। साइबर ठगी से बचने के लिए इस तरह की फाइल पर क्लिक करने से बचना चाहिए।

Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments