चित्तौड़गढ़ में रक्षाबंधन का त्यौहार आने वाला है और इसकी तैयारियां अभी से जोरों पर हैं। शहर की गलियों, चौक-चौराहों और बाजारों में रक्षाबंधन की रौनक दिखने लगी है। हर कोने में छोटे-छोटे राखी बाजार सज चुके हैं और दुकानों पर भीड़ बढ़ने लगी है। महिलाएं, ब
इस बार चित्तौड़गढ़ के बाजारों में राखियों की बहुत सारी नई वैरायटी आई है। कहीं भगवान शिव की झलक दिखती है तो कहीं राधा-कृष्ण और खाटू श्याम की राखियां लोगों को खूब लुभा रही हैं। खास बात ये है कि इस बार पहली बार भगवान जगन्नाथ वाली राखियां भी बाजार में आई हैं, जिनकी खूब डिमांड हो रही है।
हर धर्म, हर भावना की राखी, चूड़ा राखी भी खास पसन्द
विक्रेता श्वेता भंडारी बताती हैं कि जैसे ही अयोध्या में राम मंदिर बना, वैसे ही भगवान राम और श्रीकृष्ण से जुड़ी राखियों की मांग अचानक बढ़ गई। लोग अब भगवानों की तस्वीर या प्रतीक वाली राखियां ज्यादा पसंद कर रहे हैं। ये राखियां 20 से 100 रुपए तक की कीमत में मिल रही हैं।
भैया-भाभी की जोड़ी वाली राखी, लुंबा राखी और चूड़ा राखी भी लोगों को खूब पसंद आ रही हैं। ये राखियां 5 से लेकर 750 रुपए तक में मिल जाती हैं। कुछ राखियां तो डिजाइनर गिफ्ट पैक के साथ आती हैं, जो खास रिश्तों को और खास बना देती हैं।

ब्रेसलेट, घड़ी जैसी स्टाइलिश राखियां भी आई।
राखियां हुई छोटी, बड़ी पैकेजिंग डिमांड में
श्वेता बताती हैं कि अब समय बदल गया है। पहले बड़ी-बड़ी राखियां पसंद की जाती थीं लेकिन अब राखियां भले ही छोटी हो गई हों, उनकी पैकेजिंग बड़ी और सुंदर हो गई है। आजकल पैकिंग देखकर ही लोग राखी खरीदते हैं। इन राखियों की कीमत 40 से लेकर 1000 रुपए तक की है।
नए ज़माने की राखियां भी आईं बाजार में
इस बार बाजार में इविल आईज, घड़ी के जैसे दिखने वाले ब्रेसेलेट, नग और डायमंड से सजी राखियां भी आई हैं। कुछ राखियां कड़े के रूप में होती हैं जो पहनने में स्टाइलिश लगती हैं। इनकी कीमत 10 से 300 रुपए तक की है।
जिनके भाई या बहन दूर रहते हैं, वे भी अब टेंशन नहीं ले रहे। दुकानों में ऐसी राखियां मिल रही हैं जिनमें कुमकुम, चावल, तिलक स्टिक और राखी पैकिंग के साथ तैयार मिलती हैं, जिन्हें आसानी से डाक या कोरियर से भेजा जा सकता है।
बच्चों की राखियां भी बनी आकर्षण का केंद्र
बच्चों के लिए इस बार बाजार में बहुत सारी राखियां आई हैं। इन राखियों में कार्टून कैरेक्टर, स्पाइडरमैन, डोरेमोन, छोटा भीम जैसे किरदारों के साथ-साथ छोटे-छोटे गेम्स भी होते हैं। ये राखियां बच्चों को देखते ही भा जाती हैं और वे खुश हो जाते हैं। इसलिए माता-पिता बच्चों के लिए खास राखियां खरीद रहे हैं। बच्चों की राखियों की कीमत 10 से 300 रुपए तक है।

बच्चों की गेम्स वाली राखियां हो रही है सबकी पसन्द।
राखी की रेजिन वाली थाली भी बनी खास
अब लोग सिर्फ राखी ही नहीं, बल्कि राखी की थाली भी खास तरीके से तैयार कर रहे हैं। बाजार में रेजिन आर्ट से बनी थालियां मिल रही हैं, जिनमें भगवान की छोटी-सी मूर्ति भी लगी होती है। ये थालियां देखने में सुंदर लगती हैं और घर की पूजा में भी काम आती हैं। इन थालियों की कीमत 350 रुपए से शुरू होकर 750 रुपए तक जाती है।

रेजिन वाली प्लेट्स भी सबकी पसंद बनी।
रक्षाबंधन से जुड़ी भावनात्मक कहानियां
रक्षाबंधन सिर्फ एक त्योहार नहीं, भाई-बहन के प्रेम की सबसे सुंदर परंपरा है। चित्तौड़गढ़ के बाजार में राखी खरीदने आईं नैना राठौड़ बताती हैं कि वे गांधीनगर में रहती हैं और उनकी शादी को 15 साल हो गए हैं। लेकिन इस बार वे पहली बार नागौर जाकर अपने भाई को खुद राखी बांधेंगी। वे कहती हैं, “हर साल मैं डाक से राखी भेजती थी, लेकिन इस बार खुद जाऊंगी। इसलिए ये त्यौहार मेरे लिए बहुत खास है। मैंने अपने भाई के लिए एक सिंपल हैंडवर्क वाली राखी चुनी है।”
वहीं, प्रियंका आर्य जो भदेसर की रहने वाली हैं, हर साल चित्तौड़गढ़ से राखी खरीदती हैं। वे बताती हैं कि “यहां की वैरायटी सबसे अलग और खास होती है। मैं अपने भाइयों के लिए सिंपल राखी और फ्रेंड्स के लिए चूड़ा राखी खरीद रही हूं। पिछले सात-आठ सालों से मैं चित्तौड़गढ़ से ही राखियां ले रही हूं।”
त्यौहार का मतलब – प्यार, भावना और साथ
रक्षाबंधन न सिर्फ एक धागा है, बल्कि वो वचन है जो बहन अपने भाई से लेती है कि वो उसे हर मुश्किल में बचाएगा। बाजारों में बढ़ती भीड़ इस बात का सबूत है कि ये परंपरा आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है।
बाजारों की रौनक, रंग-बिरंगी राखियां, बच्चों की चहक, महिलाओं की तैयारियां – ये सब मिलकर चित्तौड़गढ़ को रक्षाबंधन के रंग में रंग चुके हैं। रक्षाबंधन का पर्व हर साल आता है, लेकिन हर साल इसकी मिठास और महत्व कुछ अलग होता है। इस बार चित्तौड़गढ़ की राखी बाजार में जितनी वैरायटी है, उतनी ही दिलों में भावनाएं भी उमड़ रही हैं।
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