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राजस्थान की सबसे बड़ी सर्विस मानी जाने वाली राजस्थान एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (RAS) भर्ती के एग्जाम में एक नियम की अनदेखी सैकड़ों कैंडिडेट्स पर भारी पड़ी। RAS प्री- 2023 में 1920 कैंडिडेट और आरएएस प्री 2024 में 1680 कैंडिडेट एग्जाम में अयोग्य घोषित हो ग

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पिछले 2 साल में हुई परीक्षाओं की पड़ताल में यह चौंकाने वाले फैक्ट सामने आए हैं। आरपीएससी ने दो साल पहले उत्तर के 5 विकल्प देते हुए एग्जाम में आए सभी प्रश्नों का जवाब देने का नियम लागू कर रखा है। कैंडिडेट्स इसी नियम का पालन नहीं कर रहे। इसके चलते प्री-एग्जाम में ही अभ्यर्थी प्रतिस्पर्धा से बाहर हो रहे हैं।

मंडे स्पेशल स्टोरी में पढ़िए– कौनसा वो नियम है और स्टूडेंट क्या गलती कर रहे हैं, जिनकी वजह से वे अयोग्य घोषित हो रहे हैं….

सबसे पहले पिछले 2 साल में हुई 5 बड़ी भर्तियों में जानते हैं, कितने कैंडिडेट अयोग्य ठहराए गए….

1. आरएएस-2023 प्री : 1920 अभ्यर्थी अयोग्य घोषित आरएएस-2023 के प्री एग्जाम में पहली बार ये नियम लागू हुआ था। 1 अक्टूबर 2023 को परीक्षा हुई। इसमें 19 हजार 348 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया। लेकिन 1920 अभ्यर्थी अयोग्य घोषित किए गए। ये मुख्य परीक्षा में नहीं बैठ पाए। इन अभ्यर्थियों ने 10 प्रतिशत से अधिक प्रश्नों में किसी भी विकल्प का चयन नहीं किया था। जबकि नियमानुसार हर प्रश्न का हल करना जरूरी था। अभी आरएएस-2023 के इंटरव्यू चल रहे हैं।

पिछली दो आरएएस प्री एग्जाम में 3600 अभ्यर्थी एक नियम की अनदेखी के चलते अयोग्य घोषित हो गए।

पिछली दो आरएएस प्री एग्जाम में 3600 अभ्यर्थी एक नियम की अनदेखी के चलते अयोग्य घोषित हो गए।

2. आरएएस प्री 2024 में 1680 कैंडिडेट्स अयोग्य घोषित

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से आयोजित आरएएस प्री 2024 की परीक्षा 2 फरवरी 2025 को आयोजित हुई थी। इसका रिजल्ट 20 फरवरी को जारी किया गया। इसमें 3 लाख 75 हजार 657 कैंडिडेट्स में से 21 हजार 539 पास हुए हैं। जबकि 10 प्रतिशत से ज्यादा सवालों का जवाब नहीं देने के कारण 1680 कैंडिडेट्स अयोग्य घोषित किए गए।

बता दें कि RAS भर्ती 733 पदों पर निकाली गई थी। 17 फरवरी 2025 को पदों की संख्या बढ़ाकर 1096 कर दी गई थी। इसमें राज्य सेवा के 428 और अधीनस्थ सेवा के 668 पद हैं। आरएएस मुख्य परीक्षा-2024 17 और 18 जून को हुई। अब रिजल्ट का इंतजार है।

3. आरओ-ईओ एग्जाम : 300 कैंडिडेट्स अयोग्य

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने राजस्व अधिकारी (RO) ग्रेड-2 और अधिशाषी अधिकारी (EO) ग्रेड-4 भर्ती परीक्षा-2022 के स्वायत्त शासन विभाग में कुल 111 (EO के 90 और RO के 21) पदों के लिए यह परीक्षा हुई थी। प्रोविजनल लिस्ट में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए 309 अभ्यर्थियों का चयन किया।

300 अभ्यर्थियों को अयोग्य घोषित किया गया है। इन अभ्यर्थियों ने पांच विकल्प वाले प्रश्नों में से 10 प्रतिशत से अधिक सवालों का उत्तर नहीं दिया था। कुल 4 लाख 37 हजार 870 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। 23 मार्च को दोबारा आयोजित हुई परीक्षा में इनमें से 1 लाख 20 हजार 574 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। आयोग ने फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया।

4. प्राध्यापक एवं कोच एग्जाम (हिन्दी) : 740 कैंडिडेट्स अयोग्य घोषित

राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा प्राध्यापक एवं कोच (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2024 अंतर्गत हिंदी विषय के पदों के लिए 928 अभ्यर्थियों को पात्रता जांच लिए अस्थाई रूप से सम्मिलित किया गया है। इसमें 740 कैंडिडेट्स को अयोग्य घोषित किया गया। इन अभ्यर्थियों ने पांच विकल्प वाले प्रश्नों में से 10 प्रतिशत से अधिक सवालों का उत्तर नहीं दिया था।

5. प्राध्यापक एवं कोच एग्जाम (अंग्रेजी) : 183 कैंडिडेट्स अयोग्य घोषित

राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा प्राध्यापक एवं कोच (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2024 अंतर्गत इंग्लिश विषय के पदों के लिए 701 अभ्यर्थियों को पात्रता जांच लिए अस्थाई रूप से सम्मिलित किया गया है। इसमें 183 कैंडिडेट्स को अयोग्य घोषित किया गया। इन अभ्यर्थियों ने पांच विकल्प वाले प्रश्नों में से 10 प्रतिशत से अधिक सवालों का उत्तर नहीं दिया था।

दो साल पहले RPSC ने लागू किया था नया नियम

दो साल पहले तक एग्जाम में किसी भी सवाल के जवाब में 4 ऑप्शन दिए जाते थे, लेकिन 24 अगस्त 2023 को आयोग ने इसमें बदलाव कर दिया।

यह नियम क्यों बनाया गया था?

राजस्थान लोक सेवा आयोग ने 11 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2022 तक हुई प्राध्यापक प्रतियोगी परीक्षा-2022 के दौरान ओएमआर शीट खाली छोड़ने वाले कैंडिडेट्स पर निगरानी करवाई थी। परीक्षा केन्द्र पर वीक्षक को निर्देश दिए गए कि ओएमआर शीट पूरी खाली छोड़ने वालों पर विशेष ध्यान रखना है। अगर ऐसा कहीं है तो वीक्षक को ओएमआर शीट खाली छोड़ने का उल्लेख करते हुए हस्ताक्षर करने व केंद्राधीक्षकों को ऐसे अभ्यर्थियों की सूची अलग से तैयार कर आयोग को भेजने के निर्देश दिए थे।

इसके बाद आरपीएससी ने पाया कि यह बड़े स्तर पर हो रहा है। इससे बाद में धांधली की संभावना थी। इसलिए नया नियम लाया गया। इसके तहत अभ्यर्थी को जो सवाल नहीं आता, उसके 5वें ऑप्शन पर टिक करना पड़ता है। ओएमआर शीट में किस तरह की गड़बड़ी होती थी, इन 2 मामलों से समझा जा सकता है…

केस 1 : ओएमआर शीट में सही जवाब भरकर पास कराने के लिए मांगी घूस

जुलाई 2024 में ईओ भर्ती परीक्षा में पास करवाने एवं ओएमआर शीट बदलवाने के नाम पर 18.50 लाख रुपए रिश्वत लेते कांग्रेस नेता एवं राज्य घुमंतु जाति कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष (दर्जा राज्य मंत्री) गोपाल केसावत को गिरफ्तार किया था। उसकी आरपीएससी में इतनी ऊपर तक पहुंच थी कि वो वो अभ्यर्थियों को उनकी ओएमआर शीट भेजकर पहले ही बता देता था कि तुम्हें इतने नंबर मिल रहे हैं। इतना ही नहीं केसावत व अन्य दलाल पैसों के एवज में ओएमआर शीट में सही जवाब भरकर पास कराने का दावा भी करते थे।

यह चैट एसीबी के हाथ लगी थी, जिसमें नेता पर लोगों की ओएमआरशीट के जरिए धांधली करवाने के आरोप लगे थे।

यह चैट एसीबी के हाथ लगी थी, जिसमें नेता पर लोगों की ओएमआरशीट के जरिए धांधली करवाने के आरोप लगे थे।

केस 2 : दूसरे अभ्यर्थियों को फेल कराने के लिए ओएमआर में भरे गलत जवाब

दो साल पहले स्थानीय निकाय विभाग (डीएलबी) की सहायक नगर नियोजक (एटीपी) व सीनियर ड्राफ्टमैन के लिए भर्ती परीक्षा में भी ओएमआर शीट से फर्जीवाड़े का मामला सामने आया था। जिसमें चहेतों के चयन के लिए परीक्षा के बाद दूसरे अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट में गलत जवाब भर दिए गए थे। उस समय एटीपी की परीक्षा देने वाले अलवर के अरूण कुमार यादव ने बताया था कि उसने कुल 120 में से 77 प्रश्नों के जवाब दिए। जब आंसरशीट अपलोड की गई तो इसमें 21 उत्तर बढ़े हुए थे, यानी उत्तर की संख्या 98 हो गई। बढ़ाए गए उत्तर में से अधिकांश जवाब गलत थे। इससे माइनस मार्किंग हो गई।

RPSC के मुख्य परीक्षा नियंत्रक (IAS) आशुतोष गुप्ता ने बताया- इस व्यवस्था से ओएमआर शीट बदलने या बाद में इसे भरने के आरोप लगने की गुंजाइश ही नहीं रहती। पूर्व में ऐसे आरोप लगे थे, उसके बाद इस व्यवस्था को लागू किया। राजस्थान के बाद अब अन्य राज्यों के आयोग भी इसे अपना रहे हैं।

RPSC इस नियय की जानकारी कहां-कहां देता है?

भर्ती विज्ञापन : सबसे पहले जब भी आयोग की ओर से भर्ती निकाली जाती है तो उसमें स्पष्ट उल्लेख होता है।

एडमिट कार्ड : इसके बाद एग्जाम से तीन दिन पहले एडमिट कार्ड जारी होते है तो उसमें भी इसका उल्लेख होता है।

परीक्षा कक्ष : जब कैंडिडेट एग्जाम देने के लिए कक्ष में आता है तो उसे प्रश्न बुकलेट दी जाती है, उसमें भी इस बारे में बताया जाता है।

दैनिक भास्कर ऐप पर सबसे पहले थी खबर….

  • राजस्थान लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं में अब चार की जगह पांच ऑप्शन मिलेंगे। इसे लेकर भास्कर ऐप पर सबसे पहले खबर ब्रेक की। (यहां पढ़ें पूरी खबर)

24 अगस्त 2023 को RPSC ने लागू किया नियम…

  • RPSC भर्ती परीक्षाओं में अब हर सवाल के 5 ऑप्शन:हर प्रश्न का देना होगा जवाब, निगेटिव मार्किंग भी; आयोग ने लागू किया नया नियम (यहां पढ़ें पूरी खबर)



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