☜ Click Here to Star Rating


.

कलेक्टर साहिबा ने ‘नवो बाड़मेर’ अभियान चलाया। शहर का हर कोना चकाचक कर दिया। अब ‘नवो’ गायब हो गया है। गंदगी के ढेर के वीडियो सोशल मीडिया पर हैं। टोंक में पूर्व मुखियाजी को फिर थैले की याद सताई। थैला याद आते ही ‘पंडितजी’ को सुझाव दे दिया। उदयपुर में मंत्रीजी को एक युवक ने काला झंडा दिखाया। धुनाई में जिलाध्यक्ष ने भी हाथ साफ किए। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के एपिसोड में…

1. नगर परिषद आयुक्त फरियादियों के सामने पीते रहे सिगरेट

इस बार खूब बारिश हुई। जालोर में भी हुई। नाली और सड़कें एक हो गईं। बारिश रुकने के बाद कीचड़ सड़कों पर रह गया। सड़कों पर गड्‌ढे। गड्‌ढों में पानी। वाहन सवार हिचकोले खाकर चल रहे हैं।

ऐसी सड़कों से परेशान लोग एकजुट हुए। आपस में मंत्रणा की। एक सुझाव आया- नगर परिषद से शिकायत करते हैं। जिम्मा तो उनका ही है। लोग नगर परिषद की तरफ चले।

कमरे के बाहर बरामदे में नगर परिषद आयुक्त सिगरेट के कश खींच रहे थे। फरियादियों की समस्या से ज्यादा महत्वपूर्ण शायद सिगरेट थी। इसीलिए एक लंबे कश का धुआं उनके सामने ही उगल दिया।

फिर ध्यान गया कि वीडियो बन रहा है तो सिगरेट वाला हाथ तुरंत पीठ पीछे चला गया। लोगों ने जिला कलेक्टर साहब से शिकायत की। वहां से कार्रवाई का आश्वासन मिला है। अब देखते हैं- पहले सड़क की मरम्मत होती है या फिर आयुक्त महोदय की।

जालोर नगर परिषद आयुक्त दिलीप माथुर फरियादियों के सामने सिगरेट के कश लगा रहे थे। वीडियो बनते देखा तो हाथ छुपा लिया।

जालोर नगर परिषद आयुक्त दिलीप माथुर फरियादियों के सामने सिगरेट के कश लगा रहे थे। वीडियो बनते देखा तो हाथ छुपा लिया।

2. उदयपुर में मंत्रीजी को दिखाया काला कपड़ा, हो गई धुनाई

सांड को लाल कपड़ा दिखाने के बाद आदमी बच सकता है। लेकिन मंत्री को काला कपड़ा दिखाना मतलब- आ बैल मुझे मार।

उदयपुर में यही हुआ। यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा एक रोड लाइट का उद्घाटन करने पहुंचे थे। सब कुछ ठीक था। अचानक एक युवक मंत्रीजी के पास पहुंच गया। बातों-बातों में उसने काला कपड़ा निकाला और लहराने लगा।

काला कपड़ा विरोध का प्रतीक। विरोध वहां मौजूद कुछ लोगों को बर्दाश्त नहीं हुआ। लड़के को धकेलते हुए वे दूर ले गए। धक्का मारा। लात जमाई। जिलाध्यक्ष के हाथों में भी खुजली हुई। एक धौल उन्होंने भी जमाया।

मंत्रीजी बोले- कालिख से ऐतराज नहीं। लेकिन कोई बात है तो शांति से रखो। तरीके से रखो। पुलिस युवक को पकड़ कर ले गई। इसके बाद जब कांग्रेस वाले थाने में जाकर हो-हल्ला मचाने लगे, तब पता चला कि युवक कांग्रेस का कार्यकर्ता था।

गमछे वाले नेताजी ने ट्वीट भी कर दिया। दूसरी पार्टी पर गुंडागर्दी के आरोप लगा दिए। बोले- ये बर्दाश्त नहीं करेंगे। जिलाध्यक्ष का जवाब- कांग्रेस कार्यकर्ता का स्टंट लोकप्रियता पाने के लिए था।

उदयपुर में मंत्री झाबर सिंह खर्रा को काला कपड़ा दिखाने के बाद कार्यकर्ताओं ने युवक को पकड़ कर धकेल दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था।

उदयपुर में मंत्री झाबर सिंह खर्रा को काला कपड़ा दिखाने के बाद कार्यकर्ताओं ने युवक को पकड़ कर धकेल दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था।

3. पूर्व सीएम को फिर याद आया थैला

पूर्व सीएम साहब को बार-बार थैला याद आ रहा है। गुलाबी रंग का था। उस पर उनकी फोटो छपी थी। दाल-मसाले वाला राशन था। जनता जय-जयकार कर उठी थी। थैले पाकर लोग गदगद हो गए थे।

डूंगरपुर में एक बुजुर्ग कार्यकर्ता ने उनकी यादों पर मुहर लगा दी थी। कहा था- गांव-गांव आपके ही थैले चल रहे हैं। पूर्व मुखियाजी गदगद हो गए थे। दौरे से लौटते ही थैले का जिक्र प्रमुखता से किया था।

फिर उसके बाद गाहे-बगाहे थैले पर आ जाते हैं। विकास की बात करो तो थैला। इलाज की बात करो तो थैला। शिक्षा की बात करो तो थैला। बारिश की बात करो तो थैला।

पूर्व सीएम साहब टोंक पहुंचे। पत्रकार ने युवा ‘थप्पड़वाले’ नेताजी की बात छेड़ी। बात करते करते साहब थैले पर आ गए। योजना का गुणगान करने लगे। अपना ही बखान करने लगे। सरकार को सुझाव दे डाला-मेरी फोटो हटाकर अपनी लगा लो, स्कीम तो चलाओ।

टोंक पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अन्नपूर्णा योजना के तहत बांटे गए फ्री राशन के थैले का एक बार फिर जिक्र किया।

टोंक पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अन्नपूर्णा योजना के तहत बांटे गए फ्री राशन के थैले का एक बार फिर जिक्र किया।

4. चलते-चलते…

कलेक्टर साहिबा घर-घर पीले चावल बांट रही हैं। रेगिस्तान में थार फेस्टिवल शुरू होना है। बाड़मेर की कलेक्टर मैडम सफल आयोजन के लिए पूरा जोर लगाए हुए हैं।

शहर को चमकाने के लिए मैडम ने ‘नवो बाड़मेर’ यानी ‘नया बाड़मेर’ अभियान भी चलाया था। झाड़ू लेकर सड़कों पर उतर गई थीं। दुकानदारों को सफाई का महत्व समझाया था।

हर चार कदम पर डस्टबिन रखवा दिया था। अभियान की इतनी फोटो सोशल मीडिया पर आईं कि कुछ गर्द तो उन्हीं की छा गई। लेकिन अब बाड़मेर में गंदगी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर आ रही हैं।

लोग वीडियो बनाकर शेयर कर रहे हैं। वीडियो में जो दिख रहा है उस बाड़मेर में से ‘नवो’ गायब है।

बाड़मेर कलेक्टर टीना डाबी ने नवो बाड़मेर अभियान के तहत सफाई कराई थी। अब बाड़मेर में कई जगह गंदगी के ढेर लगे हैं।

बाड़मेर कलेक्टर टीना डाबी ने नवो बाड़मेर अभियान के तहत सफाई कराई थी। अब बाड़मेर में कई जगह गंदगी के ढेर लगे हैं।

वीडियो देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी…



Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!

Sign In

Register

Reset Password

Please enter your username or email address, you will receive a link to create a new password via email.

Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading