राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री के सामने डूंगरपुर में पुराने कार्यकर्ता ने ‘थैले’ का गुणगान कर दिया। कहा-आज भी गांव-गांव में थैले घूम रहे हैं। साहब का चेहरा खिल गया। अलवर में वन मंत्री ने अलग ढंग से स्वच्छता का संदेश दिया। कचरे की गाड़ी लेकर शहर में निकल गए। बगल की सीट पर केंद्रीय मंत्री। किरोड़ी बाबा ने एक गांव के सेवा शिविर में डॉक्टर बनकर खूब मरीज देखे। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी पढ़िए…
1. कार्यकर्ता को याद आया पूर्व मुखियाजी का ‘थैला’
जिस तरह सुई के छेद से हाथी निकल जाता है, पूंछ अटक जाती है। उसी तरह कभी-कभी जनता बड़ी-बड़ी स्कीम भूल जाती है और थैले पर अटक जाती है।
पूर्व CM साहब ने पिछली सरकार में जाते-जाते राशन के गुलाबी थैले बांटे थे। थैलों में नमक-चीनी, दाल-तेल। डूंगरपुर में थैले पर अटका पुराना कार्यकर्ता मिल गया।
साहब को देख कार्यकर्ता गदगद। कार्यकर्ता को देख साहब। तारीफों के पुल बंधे। कार्यकर्ता बोला-साहब, आपका थैला आज भी गांव-गांव में चल रहा है।
साहब ने सूत की माला कार्यकर्ता के गले में डाल दी। जयपुर लौटकर साहब ने पत्रकारों के सामने नसीहत दी। कहा-थैले बंंद क्यों किए? फोटो बदलकर दे देते।

डूंगरपुर पहुंचे पूर्व सीएम की एक पुराने कार्यकर्ता ने तारीफ कर दी। कहा-आपके थैले आज भी गांव-गांव में घूम रहे हैं। खुश होकर पूर्व सीएम ने सूत की माला पहना दी।
2. कचरे की गाड़ी में वनमंत्री और केंद्रीय मंत्री
अलवर में कचरा आत्म-मुग्ध है। उसे उठाने खुद वन मंत्री आए हैं। कचरा गाड़ी ड्राइव कर रहे हैं। बाजू की सीट पर केंद्रीय मंत्री हैं। उधर से फोटोग्राफरों का रेला आ रहा है।
एक फोटोग्राफर तो कैमरा समेत ही गाड़ी में घुस जाने को हुआ। जितना कचरा नहीं उससे ज्यादा उठाने वाले हो गए। हर हाथ झाड़ू। इंदौर भी आईना देखेगा तो अलवर दिखेगा। ऐसा चमाचम कर दिया।
भाई सफाई हो तो ऐसी हो। कचरा-रथ के सारथी बनकर महोदय ने दिल जीत लिया। मैसेज भी दिया-कोई काम छोटा नहीं। सबसे बड़ा काम सफाई।
अब इतनी कवायद हुई है तो अलवर वाले भी ध्यान रखें। ये नहीं कि मुंह में गुटखा भरकर लग गए रंगाई-पुताई अभियान में।

अलवर में वन मंत्री संजय शर्मा ने कचरा उठाने वाली गाड़ी चलाई। हेल्पर की सीट पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव बैठे।
3. किरोड़ी बाबा सेवा शिविर में बन गए डॉक्टर
आज हर तरफ से उजली-उजली तस्वीरें ही आ रही हैं। एक तस्वीर किरोड़ी बाबा की। गए तो थे अलवर के बांबोली गांव में ग्रामीण सेवा शिविर में।
वहां दो मरीज टकरा गए। एक को दमा की दिक्कत, दूसरे को कान में प्रॉब्लम। बस, किरोड़ी बाबा के अंदर का डॉक्टर जाग उठा।
स्टेथेस्कोप गले में डालकर किरोड़ी लाल जी डॉक्टर बन गए। दमा मरीज का चेकअप करके दवाएं लिखी।
इसके बाद दूसरे मरीज का नंबर आया। जिसे कम सुनाई देता था। उसके कान चेक करने के लिए डॉक्टर साहब ने कानों के पास ताली बजाई। इसके बाद बाकी लोग भी ताली बजाने लगे।

अलवर में गांव सेवा शिविर में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने ताली बजाकर मरीज की कान की मशीन चेक की। उनके ताली बजाते ही बाकी लोग भी ताली बजाने लगे।
4. चलते-चलते…
जब से प्रशासन ने अजमेर में सेवन वंडर्स को उजाड़ा है। प्रेमी जोड़े मारे-मारे फिर रहे हैं। क्या करें, कहां जाएं। प्रेमालाप के लिए जगह नहीं।
एक जेन-Z जोड़ा स्टंट क्रांति पर उतर आया। सड़क पर बाइक को ही ताजमहल बना लिया। दो आत्माओं के मिलन की गवाह बनकर बाइक सड़कों पर दौड़ती रही।
कार में चल रहे एक जागरूक मुसाफिर ने इस नजारे को मोबाइल के कैमरे में कैद किया। समय खराब आने की दुहाई दी। प्रशासन की धज्जियां उड़ने की कमेंट्री की।
कारवाले ने काफी दूर तक वीडियो बनाकर पुख्ता सबूत इकट्ठे कर लिए हैं। अब देखना है कि पुलिस कब इस लव-क्रांति को रिवॉर्ड सौंपती है।

अजमेर में एक कपल चलती बाइक पर स्टंट करता नजर आया। एक कार सवार ने उनका वीडियो बना लिया।
वीडियो देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी…
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