राजस्थान क्राइम फाइल के पार्ट-1 में आपने पढ़ा राजसमंद जिले के कांकरोली का 12 साल पुराना केस। कांकरोली में जनवरी 2013 में सब्जी का ठेला लगाने वाले परिवार की 8 साल की बच्ची अचानक गायब हो गई। परिजन समझ नहीं पाए कि बच्ची कहां गई? काफी तलाश के बाद भी बच्ची
अब पढ़िए आगे की कहानी…

छानबीन के दौरान पुलिस को एक डेडबॉडी मिली। गुमशुदा बच्ची को मां-बाप से पहचान कराई तो उनके होश उड़ गए।। -फोटो AI जनरेटेड
पुलिस की पूछताछ में बच्ची की मां ने बताया कि शाम को उसके ठेले पर हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र से फ्रूट लेने मनोज आया था। वह हर रोज सब्जी व फल उसके ठेले से ले जाता है इसलिए वह उसको पहचानती है।
वह शाम को जब फ्रूट लेने आया तब उसने बच्ची को चॉकलेट दी थी। पहले उसने कभी बच्ची को चॉकलेट नहीं दी। मां ने बताया कि मैंने मनोज को चॉकलेट देने से मना किया, फिर भी उसने बच्ची को चॉकलेट थमा दी थी।
पुलिस का शक मनोज पर गहराया। उसकी तलाश शुरू की, लेकिन वह नहीं मिला। देर रात कांकरोली के पुराने बस स्टैंड पर एक युवक नजर आया, जो बस का इंतजार कर रहा था।
पूछताछ में युवक ने अपना नाम मनोज पुत्र सुरेंद्र प्रताप सिंह, निवासी यूपी बताया। पुलिस ने बातचीत के दौरान उसकी शर्ट पर खून के धब्बे देखे। पुलिस को शक पुख्ता हो गया और उसे पकड़कर कांकरोली थाने लाया गया।
सख्ती से पूछताछ में आरोपी ने कबूल कर लिया कि उसी ने बच्ची का अपहरण किया था। उसने बताया कि वह उसे कमल तलाई पुल पर ले जा रहा था। वहां बच्ची बाइक से गिर गई और उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया। इधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची से रेप और मर्डर की बात सामने आई।

पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने रेप और हत्या की वारदात कबूल कर ली। -फोटो AI जनरेटेड
पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में सामने आया कि बच्ची के सिर पर वार कर हत्या की गई थी। प्राइवेट पार्ट पूरी तरह फटा हुआ था। पूरे शरीर पर खरोंच और चोट के निशान थे।
इस आधार पर मेडिकल बोर्ड ने बताया कि हत्या से पहले बच्ची के साथ क्रूरतापूर्वक रेप किया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस ने दोबारा आरोपी से पूछताछ की।
पूछताछ में मनोज ने कबूल कर लिया कि वह बच्ची को 50 फिट रोड पर धोइंदा जाने वाले रास्ते पर बाइक पर बिठा कर ले गया था। वहां उसके साथ रेप किया। इसके बाद बच्ची का सिर बाइक पर पटक कर उसकी हत्या कर दी।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने बाइक बरामद कर ली। बाइक का साइलेंसर लटका हुआ था। पेट्रोल टैंक, साइलेंसर, इंजन बॉडी और पिछले टायर की रिम पर खून लगा था। पास में ही बच्ची के कपड़े थ। जांच में सामने आया कि वाे बाइक भी चोरी की थी।
गायनोलॉजिस्ट व मेडिकल बोर्ड की सदस्य डॉक्टर मंजू पुरोहित ने कोर्ट में गवाही दी कि आठ साल की मासूम के साथ क्रूरतापूर्वक और अमानवीय तरीके से रेप किया गया।
विरोध करने पर आरोपी ने उसके साथ अमानवीय और क्रूर व्यवहार किया। जिसके कारण उसके शरीर पर गंभीर चोटें आईं और उसकी मौत हो गई।

पोस्टमार्टम में बच्ची के साथ हुई क्रूरता देखकर डॉक्टर भी हैरान रह गए। -फोटो AI जनरेटेड
इसके अलावा परिवार के सब्जी के ठेले के पास चाय का ठेला लगाने वाले ने भी गवाही दी कि उसने मनोज को बच्ची को बाइक पर बैठाकर ले जाते देखा था। उसने बताया कि मनोज अक्सर वहां आता था। उसको यह नहीं पता था कि वह उसका अपहरण कर ले जा रहा है।
वहीं, उसी क्षेत्र में एक शराब की दुकान पर काम करने वाले ने भी कोर्ट में गवाही दी कि उसी शाम को मनोज ने उसकी दुकान पर आकर बीयर खरीदी थी। पैसों को लेकर झगड़ा किया था। उस दौरान बाहर खड़ी उसकी बाइक पर एक बच्ची बैठी थी।
एफएसएल जयपुर की रिपोर्ट भी पेश की गई, जिसमें सभी नमूनों के डीएनए निकाले गए। बच्ची के कपड़ों व प्राइवेट पार्ट से लिए गए स्वैब से प्राप्त डीएनए आरोपी मनोज के थे।
कोर्ट ने गवाहों के बयान व साक्ष्यों के आधार पर 28 सितंबर 2013 को आरोपी को मौत की सजा सुना दी। इसके बाद ट्रायल कोर्ट ने 1 अक्टूबर 2013 को आरोपी की मौत की सजा काे बरकरार रखा।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने दोषी को फांसी की सजा सुनाई। -फोटो AI जनरेटेड
आरोपी की ओर से मृत्युदंड को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की। हाईकोर्ट ने भी सुनवाई के बाद 29 मई 2015 को मृत्युदंड की सजा का बरकरार रखा।
फांसी की सजा के अलावा अपहरण के लिए 7 साल का कारावास और 25 हजार जुर्माना, गुप्त व गलत तरीके से बंधक बनाने के जुर्म में आजीवन कारावास और 1000 रुपये के जुर्माने की सजा दी गई।
रेप के लिए 50 हजार रुपए का जुर्माना व पॉक्सो की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास और 1,00,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
जुर्माना राशि का भुगतान न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास की सजा का प्रावधान करते हुए, यह भी प्रावधान किया गया है कि जुर्माने की राशि मृतक लड़की की मां को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।
जयपुर जेल में बंद मनोज ने 20 फरवरी 2019 को बंदी गृह में टीवी देखने की बात पर पत्थर से वार कर अन्य बंदी पाकिस्तानी नागरिक शकर उल्ला उर्फ मोहम्द हनीफ की हत्या कर दी थी।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद आरोपी की ओर से उसके वकील ने मृत्युदंड को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील की। सुप्रीम कोर्ट में 24 जून 2022 को मृत्युदंड की सजा को बरकरार रखा।
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