☜ Click Here to Star Rating



कोराना काल-2020 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार को गिराने एवं विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले को हाईकोर्ट की ओर से फर्जी साबित किए जाने के बाद से प्रदेश की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस मामले में सबसे बड़ी राहत केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ का

.

उनके समर्थक विधायक भी फिलहाल कुछ बोल नहीं रहे हैं। न ही इस मामले में कांग्रेस पार्टी की तरफ से कोई अधिकृत बयान सामने आया है। लेकिन, केंद्रीय मंत्री शेखावत ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत पर हमला बोला और कहा कि कोर्ट ने एसीबी और सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली है। सत्य को परेशान किया जा सकता है लेकिन दबाया नहीं जा सकता। क्योंकि, इस मामले में उनका नाम भी गहलोत सरकार की तरफ से लिया गया था।

दरअसल, वर्ष 2020 में राजस्थान की गहलोत सरकार ने सचिन पायलट एवं उनके खेमे के विधायकों पर सरकार गिराने एवं रिश्वतखोरी के आरोप लगाए थे। इस मामले में पहले एसओजी ने मामला दर्ज किया था, जहां सबूत नहीं मिलने की वजह से इसे एसीबी को ट्रांसफर कर दिया गया था। लेकिन, एसीबी को भी इसमें कोई सबूत नहीं मिले। ऐसे में हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों को क्लीन चिट दे दी है।

गहलोत सरकार ने सचिन पायलट पर यह आरोप लगाया था कि उन्होंने सरकार गिराने की साजिश रची थी। एसीबी ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट में कहा कि निर्दलीय विधायक रमीला खड़िया को पैसे देकर खरीदने की कहानी एकदम गलत पाई गई। ऐसे में इस मामले में उदयपुर के भरत सिंह और ब्यावर के भारत मालानी को हाईकोर्ट से क्लीन चिट मिल गई। इन दोनों से बातचीत के आधार पर ही एसओजी एवं बाद में एसीबी ने मामला दर्ज किया था। जिसमें पायलट, शेखावत सहित राजनेताओं को भी घेरा गया था। एसओजी में एफआईआर तत्कालीन मंत्री महेश जोशी की जोर से दर्ज करवाई गई थी। जोशी भी पिछले दिनों भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार कर लिए गए थे।



Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!

Sign In

Register

Reset Password

Please enter your username or email address, you will receive a link to create a new password via email.

Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading