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कोटा में चंबल के पानी में मिट्टी बढ़ी।

चंबल के कैचमेंट एरिया से आ रहे बरसाती पानी के चलते जवाहर सागर व कोटा बैराज से लगातार पानी की निकासी की जा रही। इसके चलते चंबल में लगातार गंदला पानी आ रहा है। इस कारण शहर के जल योजना के मुख्य जल उत्पादन संयंत्र अकेलगढ़ व सकतपुरा में पानी में टर्बिडिटी

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पानी में गन्दलापन बढ़ने से प्लांट के उत्पादन की क्षमता 40 फीसदी कम हुई है।

पानी में गन्दलापन बढ़ने से प्लांट के उत्पादन की क्षमता 40 फीसदी कम हुई है।

घनश्याम तलवार AEN जलदाय विभाग ने बताया कि बरसात के बाद कोटा चंबल नदी में चिकना व पीले पानी की आवक बढ़ी है। चंबल में इस समय 508 एनटीयू टर्बाइडिटी बनी हुई है। पानी में गन्दलापन आने से प्रोडक्शन कैपेसिटी कम हुई है। सभी क्षेत्रों में पर्याप्त पानी मिले ऐसे में कम दबाव के साथ पानी की सप्लाई की जा रही है। जैसे ही चंबल में टर्बिडिटी कम होगी, वैसे ही उत्पादन बढ़ेगा और पानी की सप्लाई सामान्य कर दी जाएगी। हालांकि लोगों को आवश्यकता अनुसार पर्याप्त मात्रा में पानी की सप्लाई हो रही है।

पानी में टर्बिडिटी (गन्दलापन) 500 एनटीयू के पार पहुंच गई है।

पानी में टर्बिडिटी (गन्दलापन) 500 एनटीयू के पार पहुंच गई है।



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