मध्यप्रदेश की नीमच में फायरिंग रेंज में राइफल ग्रेनेड अभ्यास के दौरान राजस्थान का जवान शहीद हो गया। सीआरपीएफ एएसआई रामनिवास जोधपुर जिले के भोपालगढ़ के गांव हिरादेसर के रहने वाले थे। 26 सितंबर को फायरिंग रेंज में अभ्यास के दौरान वे घायल हो गए। इसके बा
इस दौरान आईएएस मोहनलाल, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष संगीता बेनीवाल सहित प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और हजारों ग्रामीणों ने उन्हें अंतिम सलामी दी।
परिवार के गोपाल चौधरी ने बताया- 2004 में रामनिवास चौधरी ने सीआरपीएफ जॉइन की थी। 2 साल से वे माउंट आबू में थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी रामकवरी, बेटा अभिनव और बेटा शुभम है। 26 सितंबर को ही वे अभ्यास के लिए नीमच गए थे। जहां ग्रेनेड फटने से वे घायल हो गए।
इसमें रामनिवास चौधरी के साथ अंडर ट्रेनिंग सहायक कमांडेंट जितेंद्र यादव भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। गंभीर चोटों के कारण रामनिवास को दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां 30 सितंबर की रात वे शहीद हो गए।
26 सितंबर की शाम को शहीद रामनिवास के छोटे भाई हड़मानराम के पास उनके घायल होने की सूचना आई। इस पर उन्होंने शहीद के बड़े बेटे अभिनव को जानकारी दी। इसके बाद शहीद के बड़े बेटे अभिनव और छोटे भाई हड़मानराम दिल्ली पहुंचे।

शहीद के दोनों बेटों ने पिता को श्रद्धांजलि दी।
सैन्य टुकडिय़ों ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर शहीद की पार्थिव देह सुबह विशेष विमान से जोधपुर एयरपोर्ट पहुंची। जहां सीआरपीएफ की टुकडिय़ों ने पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर दोपहर 12 बजे गांव हिरादेसर पहुंचा।
रामनिवास अमर रहें के जयकारों से गूंजा गांव
दोपहर 12 बजे गांव के बाहर से ही शहीद की अंतिम यात्रा शुरू हुई। इस दौरान सैंकडों की संख्या में युवा मौजूद रहे। यात्रा में प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय विधायक, पंचायत प्रतिनिधि और हजारों ग्रामीण हाथों में तिरंगे लिए मौजूद थे। युवाओं ने “भारत माता की जय” और “रामनिवास अमर रहें” के नारे लगाए। गांव के श्मशान घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न हुआ, जहां सीआरपीएफ के जवानों ने राइफल सलामी देकर शहीद को अंतिम विदाई दी।
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राजस्थान के तीन जवानों को सोमवार शाम सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में शहीद हुए बहरोड़ के जवान नितीश कुमार यादव का उनके पैतृक गांव रिवाली में अंतिम संस्कार किया गया। लांस नायक नितीश कुमार के दो साल के बेटे धैर्य ने उन्हें मुखाग्नि दी। सेना के जवानों ने दो साल के धैर्य को तिरंगा सौंपा। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
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