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पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े जवाई बांध के गेट शनिवार को खोल दिए गए थे। इसके बाद ये नदी पाली और सिरोही जिले से होते हुए जालोर जिले में पहुंची।

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दो साल बाद जब नदी जालोर के उम्मेदाबाद पहुंची तो ग्रामीण ढोल-नगाड़े लेकर पहुंच और जमकर डांस किया। नदी आते ही लोगों ने पूजा अर्चना की और चुनरी ओढ़ाई।

2023 के बाद जब इस बार पानी आया तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। नदी में पानी को आता देख गंगा मैया के जयकारे लगाए।

पहले तस्वीरों में देखें कैसे ग्रामीणों ने मनाई नदी आने की खुशी…

जवाई बांध के गेट के बाद जब नदी आने की जानकारी मिली तो ग्रामीण ढोल-थाली लेकर नदी का स्वागत करने पहुंचे।

जवाई बांध के गेट के बाद जब नदी आने की जानकारी मिली तो ग्रामीण ढोल-थाली लेकर नदी का स्वागत करने पहुंचे।

दो साल बाद नदी आने की खुशी में गांव की महिलाओं ने बच्चों के साथ जमकर डांस किया।

दो साल बाद नदी आने की खुशी में गांव की महिलाओं ने बच्चों के साथ जमकर डांस किया।

नदी आने पर गांव के लोगों ने चुनरी ओढ़ाई और पूजा-अर्चना की।

नदी आने पर गांव के लोगों ने चुनरी ओढ़ाई और पूजा-अर्चना की।

नदी आने की खुशी में गांव के किसान भी पीछे नहीं रहे। ढोली थाली की थाप वे भी नाचते नजर आए।

नदी आने की खुशी में गांव के किसान भी पीछे नहीं रहे। ढोली थाली की थाप वे भी नाचते नजर आए।

नदी आने के बाद गांव के लोगों ने मिलकर चुनरी ओढ़ाई और खुशियां मनाई।

नदी आने के बाद गांव के लोगों ने मिलकर चुनरी ओढ़ाई और खुशियां मनाई।

फोटो गांव में नदी के प्रवेश का है। जैसे ही नदी आई इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

फोटो गांव में नदी के प्रवेश का है। जैसे ही नदी आई इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

जिले के 41 गांवों से होकर गुजरती है ये नदी

जवाई नदी पाली और जालोर जिले के लिए वरदान है। 7 दिन पहले भी जवाई नदी में पानी आया था लेकिन उम्मेदाबाद से पहले इसका पानी केसवाना तक ही पहुंच पाया था।

ये नदी जिले के आहोर, लेटा, जालोर, साफाड़ा, केसवाना, उम्मेदाबाद, सायला, बागोड़ा और सांचौर से होते हुए 41 गांवों से होकर गुजरती है।

किसान नेता रतन सिंह ने बताया कि जवाई नदी से जालोर जिले के आहोर, जालोर, सायला, बागोड़ा उपखण्ड के 150 गांव सिंचित होते है। इस बार यहां के किसान भी काफी खुश है कि सारे कुएं रिचार्ज हो गए। ई नदी में पहुंचा तो ढोल-नगाड़े और थाली बजाई गई।

ढोल थाली लेकर पहुंचे ग्रामीण

शनिवार को जवाई बांध के गेट खोलने की खबर मिली तो ग्रामीण गांव में शामिल हुए। इसके बाद ढोली-थाली के साथ नदी तक शोभायात्रा निकाली गई।

इसमें महिला और पुरुष डांस करते हुए नदी तक पहुंचे। इसके बाद जैसे ही नदी में पानी आना शुरू हुआ, इसमें उतर पूजा अर्चना की गई।

महिलाओं ने मंगल गीत गाए। इस दौरान अगरबत्ती और ज्योत लगाकर आरती की गई। नदी को चुनरी ओढ़ाकर, उसे माला पहनाई। इसके गांव वालों ने मिलकर चुनरी ओढ़ाई।

किसान जबराराम ने बताया कि इस पानी से दो साल तक कुओं पर भरपूर पानी होगा। खेती करने में आसानी होगी।

फोटो जवाई बांध का है। जब शनिवार को इसके गेट खोले गए थे। अभी तीन गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।

फोटो जवाई बांध का है। जब शनिवार को इसके गेट खोले गए थे। अभी तीन गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।

जवाई बांध के तीन गेट खुले, जिले में आज ऑरेंज अलर्ट

सोमवार को जवाई बांध के तीन गेट खुले है। गेट नंबर 2, 4 और10 को एक-एक फीट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।

इधर, जिले में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। भारी बारिश को देखते हुए जिले में सोमवार को स्कूलों की छुट्टियां घोषित की गई। वहीं भवरानी गांव में सुकड़ी नदी उफान पर होने की वजह से जालोर-जोधपुर रास्ते को बंद कर दिया गया है। यहां पुलिस जवान को तैनात किया गया है।



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