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रतनगढ़ स्थित मकान में जादू-टोना कर 50 वर्षीय महबूब की जान ली गई।

ससुराल वालों ने दामाद में बुरी आत्मा का साया बताकर जबरन मिर्च का पानी पिलाया। कान में तेल से भरी रूई और आंखों में मिर्च डालकर जादू-टोना करने लगे। जब विरोध किया तो एक पानी के टब में मुंह ढककर डूबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक के बेटे ने ननिहाल के

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चूरू के रतनगढ़ थाने में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है।

चूरू के रतनगढ़ थाने में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है।

रतनगढ़ थानाधिकारी दिलीप सिंह ने बताया- शहर के वार्ड संख्या 21 निवासी इमरान पुत्र महबूब खां कायमखानी ने कोर्ट के इस्तगासे के माध्यम से मामला दर्ज कराया है। रिपोर्ट में बताया- 17 अगस्त को सुबह उसकी नानी गुलशन बानो, मामा याकूब, मामा का बेटा शमशेर अली, जंगशेर, मामी नसीम, मौसी शहीदन, बेगमा, ममेरी बहन शाहिना, कैफ, जावेद उर्फ बाबू, मनी और बेबी फलक आए।

पहले बेटे पर की तांत्रिक क्रियाएं ये लोग मेरा जाप्ता (तांत्रिक विद्या से इलाज) करने व घर से बुरी आत्मा को निकालने के बहाने आए। उन लोगों ने मुझे घर आते ही बकरा लाने के लिए भेज दिया। बकरा लेकर वापस आने पर भाभी बेबी फलक मेरे घर पर तांत्रिक क्रियाएं करने लगी। मुझे सामने बैठाकर आग जलाई। आग में कुछ डाला, जिससे घर में धुआं-धुआं हो गया। मेरी आंखों में लाल मिर्च डालकर पूछा कि बता तेरे में किस आदमी की आत्मा है।

तांत्रिक क्रियाएं करते हुए तेल भरी हुई रूई कानों में डाल दी गई। पीड़ित इमरान द्वारा विरोध करने पर बेबी फलक ने कहा कि इसमें साया नहीं है। इसके बाप में आत्मा का साया है, उसको बुलाओ और इमरान को मुंह धोने के लिए भेज दिया। बेबी फलक जादू-टोना, जाप्ता व तांत्रिक क्रियाएं करती हैं। वहीं, खुद में मिराजी की आत्मा आना बताती है। फोन कर पिता महबूब को बुलाया जादू टोना करने वाले लोगों ने मेरे पिता महबूब खान (50) को फोन कर घर बुलाया। पिता के घर आने पर एक औरत ने अपने पास पानी का गिलास दिया, जिसमें एक छोटी बोतल से कुछ बूंद डाली। उस पानी को पीते ही महबूब निढाल हो गया। बेबी फलक ने जो तांत्रिक क्रियाएं इमरान पर की थी, वही महबूब पर भी की। पानी में लाल मिर्च घोलकर उसको पांच से सात बार पिलाया। महबूब के कान में भी तेल भरी रूई डाली गई और आंखों में मिर्च डाल दी।

जबरन मिर्च व कोयले खिलाए

तंत्र क्रिया करते हुए महबूब से भी पूछा गया कि तेरा नाम बता तेरे में किसकी आत्मा है। महबूब द्वारा कई नाम लिए गए। तब बेबी फलक ने कहा कि इसमें कई आत्माएं हैं। जिनको आज में बाहर निकालकर रहूंगी। इस दौरान महबूब को जबरन मिर्च व कोयले खिलाए गए। इसके बाद तांत्रिक क्रियाएं करने वाली महिला ने अपने पति से कहा आप जाकर एक टब पानी लेकर आओ। आगे की तांत्रिक किया उसी से होंगी।

उसके बाद जंगशेर पानी का भरा हुआ टब लेकर आया। महबूब के हाथ पैर पकड़कर पानी से भरे टब में डुबोया और जलते हुए खीरे पर लाल मिर्च डालकर उससे निकलने वाले धुएं उसके मुंह पर छोड़ा गया। बार-बार यह क्रियाएं करने पर इमरान व उसकी मां ने काफी विरोध किया और जोर-जोर से चिल्लाए। साथ आए लोगों ने मां-बेटे को पकड़ लिया और कहा कुछ नहीं होगा। कुछ देर में इसके शरीर से आत्मा निकल जाएगी। इसके बाद इसे दरगाह ले जाएंगे।

कपड़ा हटाया तो मुंह से लाल मिर्च और काला पदार्थ निकला

मगर इस दौरान महबूब के चीखने-चिल्लाने की आवाज कम हो गई। इमरान ने अपने पिता महबूब को संभाला। उनके मुंह से कपड़ा हटाया और सीने को पम्प किया। तब उनके मुंह से लाल मिर्च व काला काला पदार्थ निकल रहा था। तभी शोर मचाने पर गली से निकल रहे आरिफ घर आया। तांत्रिक क्रिया करने वाले लोगों ने कहा कि कुछ नहीं यह केवल बेहोश हुआ हे। हम इसको अस्पताल लेकर जा रहे हैं। कोई काम होगा तो आपको बुला लेंगे।

अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टर ने मृत घोषित किया

गंभीर हालत में महबूब को अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर ने इमरान को कहा कि आप पोस्टमॉर्टम करवाना चाहते हैं। तभी तांत्रिक क्रियाएं करने वाले लोगों ने इमरान को अलग ले जाकर कहा कि यह सब बुरी आत्मा ने किया है। इसलिए इस घटना को भूल जाओ। अगर तुमने कोई कार्रवाई की तो बुरी आत्मा तुम्हें व तुम्हारे परिवार को बर्बाद कर देगी। तब इमरान डर गया, क्योंकि घर में अपनी मां को केवल अकेला सहारा है। इसके चलते पिता के शव का बिना पोस्टमॉर्टम कराए ही अंतिम संस्कार कर दिया।



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