अजमेर के बोराज तालाब की पाल टूटने से शहर में आए पानी ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। मकान के मकान धराशायी हो गए। 100 मकानों में दरार आ गई। घर का सामान खराब हो गया। इनमें से एक घर ऐसा भी था, जिसमें एक बेटी की शादी होनी है। मां अपने सपनों के घर से बेटी को वि
कई पीड़ित ऐसे हैं, जिन्होंने लोन लेकर और सोना बेचकर घर खरीदा था। किसे पता था कि घर खरीदने के 7 महीने बाद ही उनके सपनों का घर तहस-नहस हो जाएगा। आधी रात को आई इस आफत के बाद मौके के हाल जानने पहुंचे भास्कर रिपोर्टर को लोगों ने अपना दर्द बताया।

स्वास्तिक नगर की कॉलोनी के ये वो घर है, जिनके की दीवार, कमरे, फर्श सब पानी के तेज बहाव में टूटकर गिर गए। मकान के बाहर पड़ा मलबा।

अजमेर के स्वास्तिक नगर में घर में भरे पानी के बाद हालात बिगड़ गए।
पहले पढ़िए आधी रात को क्या आफत आई…
अजमेर के बोराज में तालाब की पाल टूटने की आशंका प्रशासन को गुरुवार दोपहर में ही हो गई थी। प्रशासन ने दिन में ही शहर के फायसागर रोड स्थित स्वास्तिक नगर की कॉलोनी के करीब 80 मकानों को खाली करवा दिया था। सभी को स्कूलों और आस-पास के एरिया में शिफ्ट किया गया था।
रात करीब 11 बजे पाल टूट गई और तेज बहाव के साथ स्वास्तिक नगर सहित आस-पास के क्षेत्र में पानी भर गया। स्वास्तिक नगर पानी और अंधेरे में डूब गया था। करीब 300 घरों की इस कॉलोनी में 4 मकान टूट गए और करीब 100 मकानों को नुकसान पहुंचा है।

स्वास्तिक नगर में रहने वाले लोग मकान के बदले मकान की मांग कर रहे हैं।

कॉलोनी के कई घरों की स्थिति ऐसी ही है। घरों के अंदर कीचड़ और पानी है।

एक घर में भरा पानी और रसोई में पानी के तेज बहाव में गिरा फ्रिज।

अजमेर के बोराज तालाब की पाल टूटने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने गुरुवार दोपहर ही अजमेर के स्वस्तिक नगर के घरों को खाली करवा दिया था।

कॉलोनी में रहने वाले लोगों का एक ही रात में सबकुछ तबाह हो गया। घर के अंदर रखा सामान, व्हीकल सब खराब हो गए। एक घर में खड़ी स्कूटी।

स्वस्तिक नगर में कई मकानों की नींव खोखली हो गई है। तेज बहाव ने पूरी मिट्टी बहा दी है।
रोते हुए भास्कर को बताया दर्द…
बेटी की शादी है, घर से विदाई होनी थी स्वास्तिक नगर में रहने वाली पूजा बंसल ने बताया- सब कुछ बर्बाद हो गया। कुछ नहीं बचा। हम लोग 4 सितंबर को (गुरुवार) दीदी के चले गए थे। शुक्रवार सुबह आए तो देखा कि घर में कुछ नहीं बचा है। परिवार में दो बच्चे हैं और परिवार है। आशा सोलंकी ने बताया- बेटी की शादी है और हमारे घर का सामान अस्त-व्यस्त हो रखा है। कोई प्रशासन और जनप्रतिनिधि देखने तक नहीं आया। घर के अंदर रहते तो हम मर जाते।
गोल्ड बेचकर कर्जा लिया, फिर घर खरीदा था सुमन गुरनानी ने बताया- 6 महीने पहले ही घर खरीदा था। अपने सपनों के आशियाने को लेने के लिए बहुत पापड़ बेलने पड़े थे। इसके लिए सोना बेचकर कर्जा लिया था। न आंधी थी, न तूफान और न ही बरसात। प्रशासन ने गुरुवार दोपहर 3 बजे हमें घर खाली करने को कहा था।
इसके बाद हम अपने रिश्तेदार और परिचित के यहां चले गए। रात सवा ग्यारह बजे पाल टूटी नहीं बल्कि तुड़वाई गई। उन्होंने बताया- मैं रात को परिवार के साथ घर देखने आई। देखा तो होश उड़ गए। सब तहस-नहस हो गया था। घर का सारा सामान पानी में बह रहा था।
सुमन गुरनानी ने कहा- हमें मकान के बदले मकान चाहिए। पति बीमार रहते हैं। मेरी बेटी है। अब कहां जाए, जेब में पांच हजार रुपए भी नहीं है। कौन हमें बिठाएगा और कितने दिन चलेगा। कुछ भी नहीं बचा। हमें न्याय चाहिए।

पूजा बंसल और सुमन गुरनानी। दोनों के घरों में सारा सामान खराब हो गया। पूजा का रो-रोकर बुरा हाल है।
पानी के तेज बहाव से कमरे की दीवार टूटी विशप मंगानी ने बताया- प्रशासन के कहने पर घर खाली कर दिया था। आज आकर देखा तो पूरा घर टूट चुका है। हम किराए पर रहते थे। 2 से 3 लाख का नुकसान हुआ है। पानी का बहाव इतना तेज था कि एक कमरा तोड़कर सारा सामान खराब कर दिया। सब किश्तों पर था।
लोन ले रखा है, पानी में सब कुछ डूब गया स्वास्तिक नगर निवासी पायल गुरनानी ने कहा- प्रशासन ने गुरुवार दिन में कहा था कि पाल टूट सकती है। बरसात भी इतनी नहीं थी। अचानक पानी आया और सब कुछ डुबाकर ले गया। हमारे ऊपर ऑलरेडी लोन भी है। अभी सात महीने पहले ही घर में शिफ्ट हुए थे। हमारे पास न घर बचा, न पैसा। सामान भी खराब हो गया। सब कुछ खत्म हो गया। आप बताओ हम क्या करें?

सुमन गुरनानी, आशा सोलंकी और विशप मंगानी। आशा सोलंकी की बेटी की शादी होने वाली है। उनका कहना है सबकुछ बर्बाद हो गया।
पानी में कुत्तों को बहते देखा पूनम ने बताया- हम गणेश मंदिर के पांडाल में बैठे थे। वहां पता चला कि तालाब की पाल टूट गई है। हमने पानी के तेज बहाव में कुत्तों को बहते देखा। पानी का बहाव इतना तेज था कि घरों को तोड़ते हुए निकला। कई गाड़ियां बह गई। एक 7 साल की बच्ची को बहते देखा। लोगों ने उसे तुंरत पकड़कर बाहर निकाला। रातभर अंधेरे में रहे।
संतोष ने बताया- गणेश जी के पांडाल में पानी आने की सूचना मिली। जब तक घर में जाते, उससे पहले ही पानी आ गया और सामान बह गया। नींव भी खत्म हो गई। गाड़ियां भी बह गई। पूरी रात बैठे रहे और पलंग पर पानी पहुंच गया। बच्चे भी डरे सहमे से रहे।

संतोष और पूनम दोनों गणेश पांडाल में थी। इस दौरान सड़क पर तेज बहाव में पानी आया।
फोटो में देखिए पानी के बहाव से क्या बने हालात…

स्वास्तिक नगर के इस घर के अंदर तक पानी चला गया था। घर में कीचड़ और सामान भीगा हुआ है।

प्रशासन ने गुरुवार को मकान खाली करवा दिए थे। आज सुबह लोग अपने-अपने घरों को संभालने आए। घर के बाहर बैठे लोग।

स्वास्तिक नगर की इस पूरी गली में कीचड़ है। आज सुबह लोग वापस अपनी गली में लौटे।

ये फोटो गुरुवार दोपहर की है। प्रशासन ने जैसे ही घर खाली करने को कहा। लोग अपना जरूरी सामान लेकर निकल गए।
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अजमेर के बोराज तालाब की गुरुवार की रात करीब सवा 11 बजे पाल टूट गई। इससे आसपास के क्षेत्रों के करीब एक हजार घरों में पानी घुस गया। लोगों ने परिवार सहित छत पर पहुंचकर जान बचाई। तेज धार की वजह से कई मकान क्षतिग्रस्त भी हुए हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
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