☜ Click Here to Star Rating


ठगी के मास्टरमाइंड मुख्य आरोपी लोकेश चौधरी (सफेद शर्ट) और धीरज गिठानी (लाल टी शर्ट) को गिरफ्तार कर लिया है।

राजस्थान में डॉलर-यूरो में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी के मास्टरमाइंड लोकेश चौधरी और उसके साथी धीरज गिठानी को अजमेर पुलिस ने सूरत (गुजरात) से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। अब तक मामले में चार आरोपी गिरफ्तार हो चुके

.

बांदरसिंदरी (अजमेर) निवासी लोकेश चौधरी ने साल 2022 में वीआईपी ट्रेडिंग कंपनी बनाई थी। जिसके जरिए वो लोगों को जल्द कमाई का झांसा देकर फंसाता था। लोकेश चौधरी पॉलिटिक्स में भी हाथ आजमा चुका है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्हें लंबे समय से लोकेश चौधरी की तलाश थी। करोड़ों के इस स्कैम को लेकर दैनिक भास्कर डिजिटल ने भी कई खुलासे किए थे।

फर्जी ट्रेडिंग कंपनी बनाकर की धोखाधड़ी एसपी वंदिता राणा ने बताया-आरोपियों ने फर्जी वीआईपी ट्रेड फॉरेक्स कंपनी बनाकर दिल्ली, मुंबई, जयपुर, अहमदाबाद और सूरत जैसे शहरों में सेमिनार किए। यहां निवेशकों को 8% से 12% मासिक मुनाफे का झांसा देकर लाखों रुपए का निवेश करवाया गया।

निवेशकों को कंपनी की वेबसाइट और ऐप पर फर्जी ID बनाकर डॉलर में निवेश और मुनाफा दिखाया जाता था, जबकि असल में कोई ट्रेडिंग नहीं की जा रही थी। लेन-देन के लिए आरोपी USDT क्रिप्टोकरेंसी और Binance Pockets का इस्तेमाल करते थे।

अलग-अलग जगह 31 मामले दर्ज वीआईपी ट्रेड कंपनी के खिलाफ अजमेर जिले के गांधी नगर और मदनगंज थानों में निवेशकों की ओर से अब तक 31 मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। इन मामलों में पूर्व में बलवीर वैष्णव (कंपनी करियर) और उसके सहयोगी नरेंद्र उर्फ नानू को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। 25 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है, जिनमें करोड़ों रुपए का लेन-देन हुआ है। आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों की जानकारी जुटाकर कुर्की की कार्रवाई की जा रही है।

आरोपी लोकेश चौधरी का वीआईपी इंफो के नाम से यूट्यूब चैनल है। इसमें वो विदेश करेंसी में इंवेस्टमेंट को लेकर जानकारी देता है।

आरोपी लोकेश चौधरी का वीआईपी इंफो के नाम से यूट्यूब चैनल है। इसमें वो विदेश करेंसी में इंवेस्टमेंट को लेकर जानकारी देता है।

अब जानिए- क्या है पूरा मामला?

किशनगढ़ के रहने वाले लोकश चौधरी ने VIP ट्रेड कंपनी के जरिए करोड़ों का इंवेस्टमेंट करवाया। निवेशकों में अपनी धमक दिखाने के लिए वो नेताओं के साथ तस्वीरें खिंचवाता था।

इस काम में उसके कई सहयोगी थी, जिनकी ठगी में भूमिका थी। अभी तक कंपनी के खिलाफ करीब 22 लोगों ने किशनगढ़ के दो अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज करवाए हैं।

चौधरी ने ठगी की दुनिया में एंट्री करने से पहले पॉलिटिक्स में भी करियर बनाने की कोशिश की थी, पर सफलता नहीं मिली। साल 2020 के निकाय चुनाव में लोकेश ने किशनगढ़ शहर के वार्ड संख्या एक से अपनी मजबूत दावेदारी पेश की थी। किसी भी पार्टी ने टिकट नहीं दिया।

तीन बड़े आरोपी अब भी फरार

लोकेश चौधरी के अलावा ठगी का दूसरा मास्टरमाइंड अब्दुल समद व दो अन्य लोग अब भी फरार है। जबकि कंपनी कैशियर बलवीर व अन्य एक आरोपी नरेंद्र उर्फ नानू की गिरफ्तारी पहले हो चुकी है।

….

लोकेश चौधरी की ठगी की दुनिया से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए…

राजनेता बनना चाहता था, चुनाव हारा तो बन गया ठग:किशनगढ़ में सैकड़ों करोड़ की ठगी का दूसरा मास्टरमाइंड चलाता था मोबाइल रिपेयरिंग शॉप

राजस्थान के किशनगढ़ में डॉलर-यूरो में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी के मास्टरमाइंड लोकेश चौधरी और रामदयाल चौधरी कुछ साल पहले तक साधारण जिंदगी जी रहे थे। (पूरी खबर पढ़ें)



Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!

Sign In

Register

Reset Password

Please enter your username or email address, you will receive a link to create a new password via email.

Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading