अजमेर डिस्कॉम के 14 जिलों में पहली बार ड्रोन उड़ाकर बिजली चोरों को पकड़ा जाएगा। ड्रोन से चोरी की जगह चिह्नित होने पर एक्शन होगा। इसके अलावा अवैध ट्रांसफार्मर लगाने वालों की भी लिस्ट तैयार की जा रही है।
डिस्कॉम के पास फिलहाल 61 लाख कंज्यूमर है। साल 2024-25 में बिजली छीजत (लॉस) 7.56% रही है। जबकि अप्रैल से अगस्त में अब तक बिजली छीजत का प्रतिशत 9.98 है।

बिलिंग सिस्टम से कर रहे हैं पहचान
अजमेर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक (MD) K.P वर्मा ने कहा कि बिजली चोरों के खिलाफ डिस्कॉम की ओर से नियमित रूप से कार्रवाई की जाती है, लेकिन हम चाहते हैं कि विजिलेंस की टीम हर जगह नहीं जाए।
बिलिंग सिस्टम से यूजर की पहचान कर रहे हैं कि कौनसे एरिया में बिजली चोरी ज्यादा है। जहां ज्यादा चोरी हो रही है, वहां लोकल पुलिस की मदद लेंगे। अभी कैमरे से फोटो लेते हैं लेकिन अगर ड्रोन की आवश्यकता होगी तो उसका उपयोग कर कार्रवाई करेंगे।

रिमोट के जरिए बिजली चोरी के मामले भी सामने आते है।
जानिए, कैसे-कैसे होती है बिजली चोरी…
1. बिजली लाइन से सीधा वायर जोड़कर डिस्कॉम अफसरों के मुताबिक, मुख्यत: बिजली लाइन से सीधा वायर जोड़कर, मीटर से पहले लाइन में कट लगाकर और मीटर से छेड़छाड़ कर बिजली चोरी की जाती है। इसके अलावा ट्रांसफार्मर लगाकर चोरी करने के मामले भी सामने आए है।
2. रिमोट से भी बिजली चोरी रिमोट के जरिए मीटर को कंट्रोल करते है। इसमें 2 डिवाइस होती है। एक रेजिस्टेंस जो मीटर में लगा होता है, दूसरा रिमोट में। इससे किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में बिजली की सप्लाई पूरी तरह बंद या चालू कर सकते हैं। डिवाइस को तार की मदद से मीटर के पास जोड़ दिया जाता है। फिर रिमोट से बिजली की सप्लाई मीटर में रोक दी जाती, जो सीधे घर में सप्लाई हो जाती है।
3. ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली चोरी: नागौर में सबसे ज्यादा मामले खुद का ट्रांसफार्मर लगाकर 11 केवी लाइन से बिजली चोरी के मामले सामने आए है। लोग लाइन से सीधे तार खींचकर ट्रांसफार्मर में जोड़ लेते है और उसके बाद चोरी करते है। ऐसे ज्यादातर मामले नागौर जिले व उसके आस पास के क्षेत्र में आते है। ऐसे मामलों में कार्रवाई भी की गई। ट्रांसफार्मर जब्त कर अवैध लाइनें हटाई गई।

खुद का ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली चोरी करने के भी बीते दिनों कई मामले पकड़े गए हैं।
5 महीने में 7 हजार से ज्यादा जगह पकड़ी चोरी
पिछले 5 माह में 7 हजार से ज्यादा जगह चोरी पकड़ी गई है। डिस्कॉम की विजिलेंस टीम ने इस साल अप्रैल से अगस्त तक 9 हजार 376 जगह चेकिंग की गई। इनमें 7 हजार 64 जगह बिजली चोरी पकड़ी और 30 करोड़ 20 लाख 33 हजार रुपए का जुर्माना किया गया।

पिछले 2 साल में की गई चेकिंग, जुर्माना और केसों पर एक नजर..


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