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घरों के बाहर बदबूदार पानी भरने से लोग अपने ही घरों में कैद हो गए है।

प्रदेशभर में भारी बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को हुई जोरदार बरसात के कारण जालोर का करीब 1300 साल पुराना ऐतिहासिक सुंदेलाव तालाब ओवरफ्लो हो गया। उसका पानी आसपास की कॉलोनियों में आने से बाढ़ जैसे हालात बन गए। जलभराव के कारण आवाजाही ठप हो गई।

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स्कूली बच्चें भी घरों से बाहर नहीं निकल सके। बारिश का पानी खेतों से होता हुआ आईटीआई, श्रीकृष्णा कॉलोनी, ज्योतिबा फुले नगर, महादेव नगर और रामदेवजी मंदिर के पीछे की कॉलोनियों में घुस गया। नाराज लोगों ने प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया।

गली में भरे पानी से बाइक पर बच्चों को स्कूल भेजते हुए परिजन।

गली में भरे पानी से बाइक पर बच्चों को स्कूल भेजते हुए परिजन।

दरअसल, जिले में मानसून सक्रिय है। शुक्रवार और शनिवार को स्थिति और बिगड़ गई, जब इन इलाकों में पानी का स्तर 4 से 5 फीट तक पहुंच गया। कॉलोनीवासियों को मकान गिरने का डर सता रहा है, वहीं कुछ इलाकों में घरों के चारों ओर लगातार पानी भरे रहने से लोग अपने ही घरों में कैद हो गए हैं।

मरी मछलियां घरों तक पहुंची, बदबू से हाल बेहाल स्थानीय निवासी कमलेश ने बताया- तालाब में गंदे सीवरेज के पानी की मिलावट से मछलियां मर रही हैं, जो बहकर लोगों के घरों तक पहुंच रही हैं। मृत मछलियों और बदबूदार पानी से हालात और बदतर हो गए हैं। कई लोगों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद पर महज दिखावटी कार्रवाई करने का आरोप लगाया।

घर के चारों और भरा तालाब का पानी, मकान गिरने के डर से बाहर बैठे परिवार के लोग

घर के चारों और भरा तालाब का पानी, मकान गिरने के डर से बाहर बैठे परिवार के लोग

पीने के पानी तक में घुसा सीवरेज, बच्चों का स्कूल जाना छूटा ज्योतिबा फुले नगर की निवासी मीना देवी ने बताया- कॉलोनियों में पानी घरों की नींव तक भर गया है, जिससे मकान के गिरने का खतरा बढ़ गया है। गटर भी भर चुके हैं, और घरों में बने पानी के टांकों में भी सीवरेज का पानी रिसकर घुस रहा है, जिससे लोग पीने का साफ पानी बाहर से मंगाने को मजबूर हैं।

कॉलोनी निवासी छोगाराम माली ने बताया कि पानी भरने से उनके पोते डरकर स्कूल नहीं जा पाए। आने-जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है।

बिपरजॉय तूफान के बाद बिगड़ते गए हालात लोगों का कहना है कि यह समस्या 2020 से लगातार बनी हुई है, जब बिपरजॉय तूफान के कारण जालोर की सीवरेज व्यवस्था जाम हो गई थी। तब से तालाब में सीवरेज का गंदा पानी पहुंच रहा है और यह लगातार भरा हुआ है। 5 वर्षों में एक बार भी तालाब की सही सफाई नहीं की गई है।

प्रकाश ने बताया कि उनके मकान की नींव कमजोर हो चुकी है और तालाब का पानी हर साल घरों में पहुंच रहा है, जिससे रातभर लोग सीढ़ियों या बरामदों में बैठे रहे।

स्कूली बच्चे बरसाती पानी और सुंदेलाव तालाब के पानी से गुजरते हुए।

स्कूली बच्चे बरसाती पानी और सुंदेलाव तालाब के पानी से गुजरते हुए।

विधायक को सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई की आस स्थानीय लोगों ने नगर परिषद, जिला प्रशासन और यहां तक कि विधायक जोगेश्वर गर्ग को भी ज्ञापन सौंपकर समस्या का समाधान करने की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। शुक्रवार को लोगों ने आईटीआई के पास मुख्य बाईपास रोड को जाम कर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।

देखिए… PHOTOS

सुंदेलाव तालाब से ओवरफ्लो होकर निकलता पानी।

सुंदेलाव तालाब से ओवरफ्लो होकर निकलता पानी।

जालोर में अच्छी बारिश के बाद भरा सुंदेलाव तालाब।

जालोर में अच्छी बारिश के बाद भरा सुंदेलाव तालाब।

तालाब ऑवरफ्लो होने के कारण खेतों व खाली प्लॉट में भरा पानी।

तालाब ऑवरफ्लो होने के कारण खेतों व खाली प्लॉट में भरा पानी।



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