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राजस्थान हाईकोर्ट और अधिनस्थ न्यायालयों के वकीलों ने केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के बीकानेर में हाईकोर्ट की सर्किट बैंच स्थापना संबंधी बयान के विरोध में 12 सितंबर को न्यायिक कार्यों का स्वैच्छिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। राजस्थान हा
शुक्रवार को वकीलों के कार्य बहिष्कार की वजह से अदालतों में न्यायिक कामकाज प्रभावित होगा। वहीं, महीने का दूसरा शनिवार होने के चलते सभी अदालतों में भी छुट्टी रहेगी। ऐसे में अब सोमवार को ही अदालतों में न्यायिक कामकाज सामान्य रूप से होने की उम्मीद है।
बीकानेर में सर्किट बैंच के मुद्दे के विरोध में गुरुवार को अध्यक्ष रतनाराम ठोलिया और कार्यवाहक अध्यक्ष पिंटू पारिक की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में हाल ही में कानून मंत्री के सोशल मिडिया पर वायरल व्यक्तव्य पर चर्चा की गई। इस व्यक्तव्य में मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की आगामी बीकानेर यात्रा के दौरान वहां हाईकोर्ट की सर्किट बैंच स्थापना की बात कही गई थी। दोनों एसोसिएशन के सदस्य अधिवक्ताओं ने इस प्रस्ताव के विरोध में रोष व्यक्त किया।
आज न व्यक्तिगत, न वर्चुअल उपस्थिति देंगे
एडवोकेट्स एसोसिएशन के महासचिव शिवलाल बरवड़ और लॉयर्स एसोसिएशन के महासचिव मनीष टॉक ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि 12 सितंबर को अधिवक्तागण राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर मुख्यपीठ और समस्त अधिनस्थ न्यायालयों में व्यक्तिगत और वर्चुअल (VC) से उपस्थिति नहीं देंगे। न्यायिक कार्यों का स्वैच्छिक रूप से बहिष्कार किया जाएगा।
दोनों एसोसिएशन द्वारा संयुक्त रूप से रजिस्ट्रार जनरल को पत्र भेजकर निवेदन किया गया है कि 12 सितंबर को किसी भी प्रकरण में प्रभावी कार्यवाही न कराई जाए। इसके साथ ही सभी अधिवक्ताओं से भी अपील की गई है कि वे राजस्थान उच्च न्यायालय मुख्यपीठ के गौरव और प्रतिष्ठा को अक्षुण्ण रखने के लिए समस्त न्यायालयों में स्वैच्छिक रूप से उपस्थिति प्रदान न करते हुए सहयोग प्रदान करें।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं का भी मिला समर्थन
बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने राजस्थान उच्च न्यायालय को अखंड रखने हेतु अपने विचार रखे। इनमें रवि भंसाली, जी.आर. पुनिया, राजेश जोशी, आर.के. थानवी, जगमालसिंह चौधरी, जे.एल. पुरोहित, संजीव जोहरी, मनीष सिसोदिया, धीरेन्द्रसिंह दासपा, दिलीपसिंह उदावत, मनोज भंडारी और डॉ. अशोक सोनी जैसे वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल थे। बैठक में आगामी कार्यवाही के लिए एक कमेटी गठन का निर्णय भी लिया गया।
एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ठोलिया ने चेतावनी दी कि यदि सरकार राजस्थान उच्च न्यायालय को खंडित करने का प्रयास करती है तो पश्चिमी राजस्थान के गौरव की रक्षा और न्यायिक राजधानी के हितों की रक्षा के लिए कठोर कदम उठाने पड़ेंगे। समय रहते सरकार अपनी मंशा वापस नहीं लेती है, तो अधिवक्ताओं को कठोर आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा और न्यायिक कार्यों का अनिश्चितकाल के लिए बहिष्कार भी करना पड़ सकता है।
जयपुर बार एसोसिएशन का समर्थन
राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जयपुर के अध्यक्ष महेंद्र सांडलिया ने जोधपुर के अधिवक्ताओं को सहयोग प्रदान करते हुए केंद्रीय कानून मंत्री के व्यक्तव्य की भर्त्सना की। उन्होंने 12 सितंबर को राजस्थान उच्च न्यायालय बैंच जयपुर के न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करने की घोषणा कर जोधपुर के अधिवक्ताओं को समर्थन दिया।
आज की बैठक में दोनों एसोसिएशन के पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें उपाध्यक्ष धीरेन्द्र दाधीच, सहसचिव विजेन्द्र पुरी और ऋषि सोनी, पुस्तकालय सचिव कांता राजपुरोहित और चिरांग खत्री, कोषाध्यक्ष विमल कुमार माहेश्वरी और शुभम मोदी सहित भारी संख्या में अधिवक्ता शामिल हुए।
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