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गर्भवती महिलाओं के इलाज के लिहाज प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट में एक बार फिर इंसानियत को शर्मशार करने का मामला सामने आया है। यहां समय पर इलाज नहीं मिलने से एक गर्भवती महिला की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। इमरजेंसी में
दरअसल 7 माह की गर्भवती निकिता स्वामी आज देर शाम को महिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में पहुंची। यहां पहले तो उसे भर्ती करने में स्टाफ आनाकानी करता रहा। इसके बाद जब महिला को भर्ती किया तो उसे करीब एक घंटे से ज्यादा समय हो गया, लेकिन कोई डॉक्टर देखने तक नहीं आया।
परिजनों का आरोप है कि निकिता को एक घंटे तक बिठाकर रखा गया और इलाज शुरू नहीं किया। इससे गर्भवती महिला दर्द के कारण तड़प-तड़प कर मर गई। महिला की मौत के बाद हॉस्पिटल स्टाफ ने तुरंत पुलिस को बुला लिया, ताकि परिजन हंगामा न कर सके। पुलिस को बुलाने के बाद शव को एम्बुलेंस के जरिए एसएमएस हॉस्पिटल की मोर्चरी में भिजवा दिया।
एक सप्ताह पहले भी हुई थी मौत
21 अगस्त को भी एक महिला जिसकी डिलीवरी के तीसरे दिन उसकी मौत हो गई। उस समय महिला का ऑपरेशन होने के बाद डॉक्टरों ने उसे संभाला नहीं और उस महिला के लगातार ब्लीडिंग होती रही, जिससे महिला मरीज डिसेमिनेटेड इंट्रावस्कुलर कोएगुलेशन (DIC) में चली गई और उसकी मौत हो गई।
उस मामले में जांच के नाम पर मेडिकल कॉलेज एसएमएस के प्रिंसिपल ने एक जांच कमेटी तो बनी दी, लेकिन रिपोर्ट अब तक दी। सूत्राें का कहना है कि इस मामले में जिम्मेदार डॉक्टरों और प्रशासन में बैठे डॉक्टरों को बचाया जा रहा है।
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