पूर्व मंत्री परसादी लाल मीणा ने दौसा जिले के लालसोट में हुए तहसीलदार और वकील विवाद को लेकर कहा कि ‘एक तहसीलदार को हटाने के लिए वकीलों को कितना बड़ा आंदोलन करना पड़ा। तहसीलदार तो एक फोन से हट जाते हैं।’
परसादी लाल मीणा दौसा जिले के लालसोट में कार्यकर्ताओं की बैठक में हिस्सा ले रहे थे। इस दौरान उन्होंने स्थानीय प्रशासन और विधायक पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। साथ ही लालसोट में तहसीलदार अमितेश मीणा और वकीलों के बीचे हुए विवाद को लेकर जमकर निशाना साधा।
पूर्व मंत्री बोले-हमने एक भी ट्रैक्टर थाने में बंद नहीं होने दिया परसादी लाल ने कहा-“अब तो पचवारा का एमएलए बनाया था। बजरी की ट्रैक्टर ज्यादा चलने चाहिए थी। बजरी का एक भी ट्रैक्टर नहीं चल रहा है। अब डंपर चलते हैं। डंपर पैसे वाले लोगों के हैं। वह बड़े बलवान लोगो के हैं। गरीब किसान के ट्रैक्टर से बजरी कहां आती है, आज बजरी का क्या भाव हो गया। गरीब आदमी घर नहीं बना सकता। पिछले 5 साल में हमने एक भी ट्रैक्टर थाने में बंद नहीं होने दिया। अब एक भी ट्रैक्टर चला कर देख लो।”
पुलिस और विधायक पर पैसे लेने का आरोप पूर्व मत्री ने कहा-

बजरी का जो भाव बढ़ा है, वह ट्रैक्टर बंद होने की वजह से बढ़ा है। जिस तरीके का वातावरण है, एक डंपर से ₹10000 मिल रहे हैं पुलिस को और हमारे एमएलए को। ये तो यह हालत हैं। ये मैं नहीं कह रहा पूरी जनता कह रही है। अगर हिम्मत है तो एक भी ट्रैक्टर चालू करके बताएं डंपर बंद करें। लोग आकर कहते हैं साहब, एक डंपर पर 10 हजार रुपए लेते हैं। 5 हजार रुपए माधोपुर में लेते हैं। 5 हजार यहां (लालसोट) में लेते हैं। यह 10 हजार रुपए किसके ऊपर पड़ेगा। हमारे राज में बजरी हजार की ट्रॉली मिलती थी। अब 15- 16 हजार रुपए की ट्रॉली मिल रही है।


पूर्व मंत्री परसादी लाल मीणा लालसोट में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
तहसीलदार विवाद में विधायक रामबिलास पर साधा निशाना कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा-“एक तहसीलदार को हटाने के लिए वकीलों को कितना बड़ा आंदोलन करना पड़ा। तहसीलदार तो एक फोन पर हट जाते हैं। कलेक्टर को कहते, एक फोन पर एपीओ हो जाता। इसके लिए इतना बड़ा आंदोलन करना पड़ा। यह किसकी जिम्मेदारी है,वह बताएं। वह एक शब्द नहीं बोला। तहसीलदार सही हटा या गलत हटा एक शब्द नहीं बोला।”
पूर्व मंत्री बोले-आज जमीन नापने के पैसे लगते हैं परसादी लाल ने कहा- “आज लालसोट में किस तरीके का वातावरण है, लोगों की भ्रष्टाचार में लुटाई हो रही है। आप सबको पता है। मेरे कहने की जरूरत नहीं है। आज जमीन नापने के ₹100000 एक बीघा के लगते हैं। अगर आपको जमीन नपवानी है तो ₹100000 जमा करवाने पड़ते हैं बिना पैसे फोर्स नहीं आती जमीन नही नपती, पैमाइश नहीं होती। आज चाहे नामांकन हो, रजिस्ट्री हो कोई काम हो वहां दलाल बैठे रहते हैं। बिना पैसे कोई काम नहीं करते।”
इस दौरान पूर्व मंत्री ने सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा व नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में 16 सितंबर को आयोजित होने वाली संविधान बचाओ रैली में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचना है।
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पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि वसुंधरा राजे अगर फिर से मुख्यमंत्री बनतीं तो मजा आता। यह मौका उनकी पार्टी वाले उन्हें नहीं दे रहे हैं, हमें इस बात का दुख भी है। वसुंधरा राजे अनुभवी हैं, उनको मौका क्यों नहीं मिल रहा है। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
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